मैनपुरी(सुवि)रिधिमा वर्ल्ड स्कूल में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि देश, प्रदेश, समाज की प्रगति, विकास, ख्याति वहां के नागरिकों से होती है, इसलिए हम सब का पुनीत कर्तव्य है कि देश को सही दिशा में ले जाने के लिए, अच्छा नागरिक बनने के लिए सबसे पहले 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करायें और प्रत्येक निर्वाचन की मतदान प्रक्रिया मंे सक्रिय भूमिका निभाकर अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतंत्र की नींव को समझना, भविष्य में एक जागरूक मतदाता बनना उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हमारा देश गणतंत्र दिवस मनाता है और उससे ठीक एक दिन पहले 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है, जो भारतीय लोकतंत्र की परंपरा और निर्वाचन व्यवस्था की महत्ता को रेखांकित करता है। उन्होने कहा कि आज़ादी के बाद देश के सामने अनेक चुनौतियां थीं और भारत के संविधान निर्माताओं के समक्ष यह प्रश्न था कि देश को किस प्रकार की शासन प्रणाली अपनानी चाहिए, तब भारत ने लोकतंत्र को अपनाते हुए चुनाव व्यवस्था को अपनी शासन प्रणाली का आधार बनाया।

सी.डी.ओ. ने पहले चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय निर्वाचन आयोग के समक्ष अनेक कठिनाइयां थीं, महिलाओं की पहचान तक “फलां की पत्नी” या “फलां की बहू” के रूप में दर्ज होती थी, लेकिन आज भारत की चुनाव प्रक्रिया पूर्णतः आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल हो चुकी है, मतदाता सूची से लेकर वोटर आईडी तक सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव के समय नागरिक मताधिकार को लेकर अत्यंत उत्साहित रहते थे, लोग इसे अपना सम्मान समझते थे, महिलाएं मेहंदी लगाकर और अच्छे वस्त्र पहनकर मतदान केंद्रों पर जाती थीं क्योंकि उन्हें पता था कि यह अधिकार संघर्षों के बाद प्राप्त हुआ है। उन्होने कहा कि भारत में “फर्स्ट पास्ट द पोस्ट” प्रणाली लागू है, जिसमें सर्वाधिक मत पाने वाला प्रत्याशी विजयी होता है, इसमें यह आवश्यक नहीं कि उसे 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हों, इसलिए प्रत्येक मत का महत्व अत्यंत बढ़ जाता है यदि नागरिक मतदान नहीं करते तो बहुत कम मतों के अंतर से भी नेता चुने जा सकते हैं, जिसका प्रभाव पूरे शासन और समाज पर पड़ता है। उन्होने विशेष रूप से युवाओं से कहा कि आज की जेनरेशन अधिक जागरूक, प्रश्न करने वाली और समझदार है, नई तकनीक और बदलते समय के साथ लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियां भी हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि युवा वर्ग इतिहास को समझे, मुद्दों को पहचाने और एक जागरूक मतदाता बने।

अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द ने कहा कि मतदान का अधिकार हमारा संवैधानिक अधिकार है और इसका प्रयोग प्रत्येक नागरिक को अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह अपने घर-परिवार तथा आसपास के ऐसे सभी युवाओं को प्रेरित करें, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, ताकि वह फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि 01-01 वोट लोकतंत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकता है, इसलिए मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में “कैंपस एंबेसडर” की नियुक्ति की जाए, कैंपस एंबेसडर अपने साथी छात्रों से संपर्क कर उन्हें फॉर्म-6 उपलब्ध कराएंगे तथा भरे हुए फॉर्म निर्वाचन कार्यालय में जमा कराएंगे। उन्होने कहा कि आज का दिन अत्यंत उत्साहपूर्ण है, क्योंकि विद्यालय के बच्चों ने मतदाता जागरूकता रैली में बढ़-चढ़कर भाग लिया है, रंगोली प्रतियोगिता एवं फूलों की रंगोली के माध्यम से बच्चों ने लोकतंत्र के पर्व को एक उत्सव की तरह मनाया है।
विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत, मतदान के महत्व पर आधारित नुक्कड-नाटक, नृत्य के माध्यम से उपस्थित युवाओं को संदेश दिया, कार्यक्रम के दौरान प्रथम वार मतदाता बनने वाली छात्राओं को छात्रवृत्ति के स्वीकृति पत्र उपलब्ध कराये। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल, स्वीप कार्डीनेटर डा. शैफाली यादव, विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक संजय चौहान, प्रधानाचार्या रूचि चौहान, प्रबन्धक सिद्धांत चौहान, सचिव रिधिमा सिंह, को-आर्डिनेटर विवेक यादव आदि उपस्थित रहे।



