मैनपुरी। महाविद्यालय में “विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत” की प्रेरक थीम के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा “उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस” एवं “राष्ट्रीय बालिका दिवस” के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, विकास की दिशा तथा बालिकाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति छात्राओं को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा भाषण, विचार-विमर्श एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। साथ ही बालिका दिवस के संदर्भ में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति” जैसे संदेशों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली यादव जी ने कहा कि “विकसित भारत” का सपना तभी साकार होगा, जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और महत्वपूर्ण राज्य का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि बालिकाएँ समाज की आधारशिला हैं और उन्हें समान अवसर, शिक्षा और सम्मान देना हमारा सामूहिक दायित्व है। प्राचार्या जी ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनामिका सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस हमें अपने प्रदेश की पहचान, संस्कृति और विकास यात्रा को समझने का अवसर देता है, वहीं राष्ट्रीय बालिका दिवस हमें यह याद दिलाता है कि बिना नारी सशक्तिकरण के विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि NSS का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है और ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं में नेतृत्व, सेवा और राष्ट्र-निर्माण की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने तथा बालिकाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। यह आयोजन प्रेरणादायक, शिक्षाप्रद एवं सामाजिक चेतना को सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ।



