मैनपुरी 26 अपै्रल, 2022- प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के पात्र लाभार्थियों, मत्स्य पालन से जुड़े व्यक्तियों, कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों के अभियान चलाकर किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएं, कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी गांव-गांव भ्रमण कर किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ पाने के इच्छुक किसानों से फॉर्म भरवाकर संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को उपलब्ध कराएं, शाखा प्रबंधक प्राथमिकता पर इच्छुक किसानों के के.सी.सी. बनाकर उपलब्ध कराएं ताकि किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके और उन्हें कृषि उत्पादन संबंधी कार्य के लिए आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े, बैंकर्स विभिन्न योजनाओं की प्रेषित पत्रावलियों को मानवीय आधार पर तत्काल स्वीकृत कर आवेदनकर्ता को ऋण उपलब्ध कराएं, कोई भी पत्रावली बैंकर्स वापस न करें बल्कि यदि कोई कमी हो तो संबंधित विभाग के अधिकारी से समन्वय स्थापित कर उसे दूर कराकर ऋण वितरण की कार्यवाही की जाए ताकि जरूरतमंद व्यक्ति अपना स्वःरोजगार स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला सलाहकार समिति बैंकर्स की बैठक के दौरान दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधकों, अग्रणी जिला प्रबंधक, कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए आपस में समन्वय स्थापित कार्य करें, बैंकर्स के.सी.सी. के साथ फसली ऋण योजना में भी अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करें ताकि किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके। उन्होंने कहा कि बैंकर्स सिर्फ धनराशि जमा करने की ओर ध्यान न दें, बल्कि ऋण वितरण की प्रगति भी सुधारें, कई बैंकों का ऋण-जमानुपात ठीक नहीं है, जिन बैंकों का सीडी रोशियो मानक के अनुसार नहीं है, संबंधित शाखा प्रबंधक तत्काल विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं में ऋण वितरण कर सी.डी. रेशियो सुधारें, किसी भी बैंक का सी.डी. रेशियो 60 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना, शिक्षा ऋण योजना, प्राधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित जिन योजनाओं में किसी विभाग का हस्तक्षेप नहीं है उन योजनाओं में प्राप्त आवेदनों पर ऋण वितरण में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली न की जाय। उन्होने विभिन्न बैंकों के ऋण जमानुपात वितरण की समीक्षा दौरान पाया कि भारतीय स्टेट बैंक का 34.63 प्रतिशत, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का 43.33, इण्डियन बैंक का 46.99 प्रतिशत, एवं एक्सिस बैंक का सीडी रेशियो 55.11 प्रतिशत पाये जाने पर इसमें सुधार लाने के निर्देश दिये।
श्री सिंह ने मुख्यमंत्री युवा स्वतःरोजगार, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना, एक जनपद-एक उत्पाद योजना में बैंकों को प्रेषित पत्रावलियों पर शत-प्रतिशत ऋण वितरण की प्रगति कर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने पर बैंकर्स के साथ-साथ सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से कहा कि शासन की संचालित योजनाओं में इसी लगन से कार्य करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को संचालित योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होने स्पेशल कम्पोनेन्ट योजना के अन्तर्गत 1240 लक्ष्य के सापेक्ष 715 पत्रावलियां विभिन्न बैंको को भेजी गयी हैं, जिसमें से 100 पत्रावलियों को स्वीकृत कर 100 पर ही ऋण वितरण किया गया जबकि विभिन्न बैकों में अभी भी 452 पत्रावलियां स्वीकृति हेतु अवशेष हैं जिसमें सबसे अधिक 110 आवेदन पत्र आर्यवर्त बैंक एवं 70 आवेदन पत्र भारतीय स्टेट बैंक में स्वीकृत हेतु शेष हैं, इस पर उन्होने सम्बन्धित बैंक के शाखा प्रबन्धकों को स्पेशल कम्पोनेट प्लांन की पत्रावलियों को प्राथमिकता पर स्वीकृत कर ऋण वितरण के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने शहरी आजीविका मिशन, ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टेण्ड-अप योजना, अटल पेंशन योजना, पीएम स्वनिधि योजना आदि की बिन्दुवार गहन समीक्षा करते हुये प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में अधिक से अधिक स्ट्रीट-वेंडर को योजना में लाभान्वित कराये जाने हेतु निर्देशित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.पी.पी. सिंह, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, संस्थागत वित्त से संजय सिंह, नवार्ड प्रतिनिधि अनुपम दत्ता, आर.बी.आई. प्रतिनिधि विवेक कुमार, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप, जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. इन्द्रा सिंह, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबन्धक आदि उपस्थित रहे, बैंठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबन्धक अनिल प्रकाश तिवारी ने किया।