डा0 किरन सौजिया सी0से0एजू0 एकेडमी, मैनपुरी में गुरूनानक जयंती अत्यंत हर्षोल्लास से मनाई गई। इसके लिए मंच पर गुरूनानक जी के चित्र के पास दो बच्चे सरदार की वेश भूषा में उन पर चँवर डुला रहे थे। सभी बच्चे प्रांगण में इकट्ठे किए गए और फिर चेयरमैन डा0 अशोक कुमार का आगमन हुआ बड़े ही जोश से उन्होंने सर पर रूमाल की पगड़ी बाँधी और फूलों से श्री गुरूनानक देव को सम्मान दिया व चँवर भी डुलाया तथा विद्यालय मैनेजर विद्यांशु सौजिया ने भी चँवर डुलाकर अनुकरण किया। उसके उपरान्त चेयरमैन डा0 अशोक कुमार ने गुरूनानक जी के जीवन और कार्यों को विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने ये भी बताया कि जो बच्चे आज घर पर हैं उनको किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं होगी कि गुरूनानक देव कौन थे? उनकी क्या शिक्षाएँ थीं? लेकिन डा0 किरन सौजिया स्कूल के बच्चे एक दम कह सकेंगे कि आज हमारे विद्यालय में गुरूनानक जयंती मनाई गई।
आज सभी छात्रों में अद्भुत उत्साह था। बच्चे बड़ी ही लगन से सारी बातों को श्रवण कर रहे थे चेयरमैन सर ने बताया कि गुरूनानक देव जी ने सभी धर्मों को एकता के सूत्र में बाँधकर मानवता के धर्म को प्रतिस्थिापित किया। उन्होंने बताया कि स्त्री पुरूष समान है क्योंकि राजा भी स्त्री के गर्भ से उत्पन्न होता है तो स्त्री हेय या नीच कैसे? उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को बताया- 1. नाम जप करो, 2. मेहनत व ईमानदारी से काम करो, 3. अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों के लिए निकालो। बच्चों ने भी सिक्ख धर्म को दर्शाते हुए कई प्रस्तुतियाँ दीं। बड़ा ही अद्भुत दृश्य था जिन अध्यापकों ने सिर पर रूमाल बाँधा था बच्चे भी उनको सत् श्री अकाल कह कर प्रणाम कर रहे थे। वातावरण एकदम सिक्ख परम्परा से युक्त हो गया था। अन्त में विद्यालय के चेयरमैन डा0 अशोक कुमार ने सभी शिक्षकों व बच्चों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डा0 अशोक कुमार, विद्यालय मैनेजर विद्यांशु सौजिया, उप प्रधानाचार्या एम हरिनी पाॅल, एनसीसी एएनओ प्रदीप कुमार अध्यापक डा0 नेम कुमार सहित सभी अध्यापक/अध्यापिकाएँ आदि मौके पर उपस्थित रहे।



