मैनपुरी(सुवि)देश के प्रथम गृहमंत्री लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, स्वतंत्र भारत के वास्तुकार की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया, इस दौरान समस्त कार्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई गई, प्रभात फेरी, छात्रों के मध्य भाषण, स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर विचार गोष्ठी, रन फॉर यूनिटी आदि कार्यक्रम भव्यता एवं गरिमापूर्वक आयोजित हुए, कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वि./रा. श्यामलता आनंद, अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञानेश्वर प्रसाद सहित अन्य अधिकारियों, कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा-सुमन अर्पित किए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता अखंडता की शपथ दिलाने के पश्चात कहा कि आज हमने जो शपथ ली है, सभी लोग उसे अपने जीवन में आत्मसात करें, ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचें। उन्होने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के चेहरे पर इच्छा शक्ति झलकती थी, लौह पुरूष ने पूरे जीवन एकता, अखंडता पर बल दिया, लगान के विरूद्ध बारदोली, खेड़ा सत्याग्रह किये, इन्हीं आन्दोलनों से उन्हें ख्याति के साथ सरदार की उपाधि भी मिली।

IMG 20251031 WA0017

उन्होने कहा कि सरदार पटेल के भाषण में इतनी ऊर्जा, तेज था कि लोगों में उत्साह भर जाता था, भारत को एकीकृत करने, बड़ी संख्या में रियासतों को विलय करने में सरदार वल्लभभाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आजादी के समय अंग्रेजों ने रियासतों को छूट दी थी, वह अपनी स्वेच्छा से भारत के साथ जाएं या पाकिस्तान के साथ या फिर स्वतंत्र रहें, आजाद भारत के सामने सभी को एक-जुट रखने की बड़ी चुनौती थी और इसे देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने एक-जुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने कहा कि पहले गृहमंत्री का मानना था कि जब तक देश में आपसी एकता, अखंडता नहीं होगी, तब तक हमारा देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। उन्होंने सभी का आव्हान करते हुए कहा कि जो भी निर्णय लें, वह समाज, आम आदमी के हित में हों यदि हमारे विचार अच्छे होंगे, तभी हम समाज को बेहतर दिशा देने का प्रयास कर सकेंगे।

अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञानेश्वर प्रसाद ने कहा कि आजादी के समय देश में 500 से अधिक स्वतंत्र रियासतें थीं, जिन्हें देश में मिलाने की सबसे बड़ी चुनौती थी, देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृ़ढ़ इच्छा शक्ति के साथ सभी रियासतों को देश में मिलाने का कार्य किया यदि वह देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर का मसला भी देश के सामने नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता को कायम रखने के लिए सभी मिलकर कार्य करें, इस देश में विभिन्न जाति के लोग निवास करते हैं, सभी के बीच आपसी सौहार्द रहे, ऐसा वातावरण सृजित करने में अपना योगदान दंे।

इस दौरान डिप्टी कलेक्टर धु्रव शुक्ला, संयुक्त निदेशक अभियोजन कृष्णधर शुक्ला, प्रशासनिक अधिकारी हरेंद्र कुमार, ई-डिस्टिक मैनेजर सौरभ पांडेय, रोहित दुबे, वीरेश पाठक, कालीचरन, रमेश सिंह तोमर, सत्येंद्र सिंह, अनुज कुमार, सौम्य वर्धन, राहुल, मुमताज आलम, ऋषि द्विवेदी, मोहित नारायण, प्रदीप कुमार, अजय कुमार, कलैक्ट्रेट के विभिन्न अनुभाग प्रभारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने किया।