मैनपुरी (सूवि) सदस्य उ.प्र. राज्य महिला आयोग सुमन चतुर्वेदी ने ट्रांजिस्ट हॉस्टल में महिला जन सुनवाई के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए निरतंर प्रयासरत् है, महिलाओं के सर्वागींण विकास, आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित तमाम योजनाओं में महिलाओं को केन्द्र बिन्दु रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीडित महिलाओं की समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें न्याय दिलाने के उददेश्य से जनपद स्तर पर महिला जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिसमंे महिला आयेाग की सदस्यों द्वारा पीड़ित महिलाओं की शिकायतो को सुनकर उन पर त्वरित, प्रभावी कार्यवाही कर शोषित महिलाओ को तत्काल राहत मिल सके।
सदस्य महिला आयोग ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एवं नारी सशक्तीकरण हेतु संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, उ.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन कार्यक्रम, महिला हेल्पडेस्क, शक्ति मोबाइल, महिला साइबर सेल आदि तमाम योजनाएं लागू की हैं, समाज में किसी के द्वारा महिला, बालिका का उत्पीड़न न किया जाये, इसके मुकम्मल इतंजाम किये गये हैं, यदि किसी के द्वारा महिला, बालिका को परेशान किया जाये, तो पीड़ित महिला अपनी बात आसानी से थाने पर जाकर कह सके, इसके लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्पडेस्क की स्थापना कराकर वहां महिला पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों की ही तैनाती की गयी है ताकि पीड़ित महिला निःसंकोच अपनी बात कह सके। उन्होने कहा कि बालिकाओं को स्नातक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गयी, गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गये, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटियों को लाभान्वित किया गया वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 01 बेटी की शादी पर सरकारी खजाने से रू. 51 हजार व्यय कर भव्य समारोह में गरीब बेटियों की शादी कराकर उनके मॉ-बाप के कंधों से शादी का बोझ हल्का किया।
आज जन-सुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न संबंधी 10 प्रकरण प्राप्त हुए, सभी में त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी एवं अन्य को पीड़िता को सहायता उपलब्ध कराने एवं प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए साथ ही उनके द्वारा महिलाओं के साथ होने वाले अपराधियों को समाप्त करने एवं उन्हें तत्काल कार्यवाही करने की मंशा जाहिर करते हुये कहा कि समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भयमुक्त वातावरण सृजित करें। इस अवसर पर सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण सत्येन्द्र चौधरी, क्षेत्राधिकारी सदर अमर बहादुर सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह, थानाध्यक्ष महिला सविता सेंगर, बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मंजूषा चौहान, ऊषा त्रिपाठी, मनोरमा, कामिनी यादव, सुमन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।