मैनपुरी(सुवि)प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली लाभार्थीपरक योजनाओं में बैंकर्स सर्वाेच्च प्राथमिकता पर प्रेषित पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें ताकि शिक्षित बेरोजगार अपना स्वतः रोजगार स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें, कुछ बैंकर्स द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में प्रेषित पत्रावलियों पर ऋण वितरण में रुचि नहीं ली जा रही है, कई शाखाओं में बड़ी संख्या में पत्रावलियां स्वीकृत हेतु लंबित है, एच.डी.एफ.सी., एक्सिस, इंडियन बैंक, आई.सी.आई.सी.आई. बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक की प्रगति बेहद निराशाजनक है, संबंधित शाखा प्रबंधक तत्काल लंबित पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें अन्यथा की दशा में मजबूरन जिला प्रशासन को दंडात्मक कार्यवाही के लिए विवश होना पड़ेगा, बांट-माप निरीक्षक जांच के नाम पर दुकानदारों का शोषण न करें, नियमों का पालन करते हुए जांच की कार्यवाही करें, मंडी में निर्मित जो दुकानें आवंटन हेतु अवशेष है, उन्हें प्राथमिकता पर आवंटित किया जाए, आवंटन की कार्यवाही में नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो, उद्यमियों को उद्योग के संचालन में किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े, संबंधित अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर उद्यमियों से प्राप्त शिकायतों का समय से निदान सुनिश्चित करें।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला उद्योग, व्यापार बंधु की मासिक समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की बैंक शाखावार समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि 1700 वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 3139 पत्रावलियां विभिन्न बैंकों को प्रेषित की गई, जिसमें से बैंकर्स द्वारा 900 पत्रावलियों को स्वीकृत कर 752 पर ही ऋण वितरण किया गया है, एच.डी.एफ.सी. बैंक द्वारा प्रेषित 125 पत्रावलियों में मात्र 14, आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा 27 के सापेक्ष मात्र 04, एक्सिस बैंक द्वारा 61 के सापेक्ष मात्र 03, इंडियन बैंक द्वारा 39 के सापेक्ष मात्र 06, इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा 13 के सापेक्ष 02 पत्रावलियों पर ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में सबसे बेहतरीन कार्य भारतीय स्टेट बैंक द्वारा किया गया, एस.बी.आई. द्वारा 219 के सापेक्ष 137 पत्रावलियों पर ऋण-वितरण किया जा चुका है।
श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना में वार्षिक लक्ष्य 135 के सापेक्ष विभिन्न बैंकों में 228 पत्रावलियां प्रेषित की गईं, जिसमें से मात्र 92 पत्रावलियां बैंकर्स द्वारा स्वीकृत की गई है और 71 पर ऋण-वितरण किया जा चुका है, यूनियन बैंक द्वारा 16 के सापेक्ष मात्र 04, बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा 69 के सापेक्ष 21, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक द्वारा 62 के सापेक्ष 25 पत्रावलियों पर ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक जनपद-एक उत्पाद योजना में जनपद मंडल में सबसे नीचे है। उन्होंने बैठक में उपस्थित उद्यमियों से कहा कि प्रादेशिक पुरस्कार योजना के तहत 31 अक्टूबर तक आवेदन मांगे गए हैं, विनिर्माण क्षेत्र एवं सेवा क्षेत्र के उद्यमी योजना का लाभ पाने के लिए अपने आवेदन कर सकते हैं।
बैठक में क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक राम चन्द्र साहा, उद्यमी उद्यमी घनश्याम दास गुप्ता, धीरू राठौर, संतोष भारद्वाज, धीरज जैन, अनूप तिवारी, राघव तापड़िया आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंन्द्र ने किया।



