डॉ. किरन सौजिया सी. से. एजु. एकेडमी में महर्षि वाल्मीकि जयंती अत्यंत श्रद्धा और प्रेरणा के साथ ‘संकल्प दिवस’ के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार एवं वाइस प्रेसिडेंट डॉ. किरन सौजिया द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी और माता सरस्वती के चित्रों पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय मैनेजर विद्यांशु सौजिया, प्रधानाचार्य श्री जोस जोसेफ, उप प्रधानाचार्या सुश्री एम. हरिनी पॉल, सभी शिक्षकगण और अध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि कोई भी व्यक्ति यदि सच्चे मन से प्रयास करे तो परिवर्तन असंभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि वाल्मीकि जी का प्रारंभिक नाम रत्नाकर था, जो एक समय वन में डाकू के रूप में जीवन व्यतीत करते थे। परंतु एक महान ऋषि नारद जी के उपदेश से उनमें आत्मज्ञान का दीप जला और उन्होंने ‘मरा– मरा’ नामक मंत्र का जाप आरंभ किया, जो निरंतर जपते-जपते ‘राम–राम’ बन गया। यही वह क्षण था जब उनके जीवन में आत्मिक जागरण हुआ और वे महर्षि वाल्मीकि के रूप में प्रसिद्ध हुए।

डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वाल्मीकि जी ने विश्व का प्रथम महाकाव्य ‘रामायण’ की रचना की, जिसमें मानवता, धर्म, सत्य, और आदर्श जीवन की गूढ़ व्याख्या मिलती है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने यह संदेश दिया कि व्यक्ति अपने कर्मों और संकल्प से महान बनता है, जन्म या परिस्थिति से नहीं।

प्रधानाचार्य श्री जोस जोसेफ ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों को महर्षि वाल्मीकि की तरह आत्मबल, आत्मसंयम और सत्य के प्रति दृढ़ संकल्प विकसित करना चाहिए।

अध्यापकगणों ने भी छात्रों से आग्रह किया कि वे इस दिन को केवल एक पर्व न मानें, बल्कि इसे एक आंतरिक संकल्प दिवस बनाएं — जिस दिन वे यह निश्चय करें कि वे सदाचार, परिश्रम और करुणा के मार्ग पर चलेंगे।

अंत में सभी शिक्षकों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि —

“हम अपने जीवन में सत्य, अहिंसा, और सदाचार का पालन करेंगे तथा समाज और राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे।”

इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. किरन सौजिया, विद्यालय मैनेजर विद्यांशु सौजिया, प्रधानाचार्य जोस जोसेफ, उप प्रधानाचार्या एम. हरिनी पॉल, अध्यापिका कहकशा, प्रगति यादव, एनसीसी एएनओ प्रदीप कुमार, अध्यापक डॉ. नेम कुमार सहित सभी अध्यापक/अध्यापिकाएं आदि उपस्थित रहे।