मैनपुरी(सुवि)05 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं 11 अक्टूबर दस्तक अभियान की अन्तर्विभागीय, जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विभाग से संबंधित माइक्रो-प्लान तत्काल तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायें, संबंधित अधिकारी आपस में सामान्य स्थापित कर वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम में अपना योगदान दें। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों से कहा कि संचारी रोग नियत्रंण अभियान के तहत साफ-सफाई के बेहतर प्रबंध किए जाएं, नालियों की नियमित रूप से सफाई कर एंटी-लारवा का छिड़काव कराया जाए आमजन को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु बरती जाने वाली सावधानियांे की प्रति जागरूक किया जाए, साप्ताहिक रूप से जलपात्रों, कूलर, फ्रिज की ट्रे की सफाई करने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित किया जाए, लोगों को बताया जाए की डेंगू का मच्छर साफ पानी में विकसित होता है इसलिए कहीं भी साफ पानी एकत्र न होने दें।

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श्री सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान उन ग्रामों, क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाए जहां गत वर्षाे में वेक्टर जनित बीमारियों से ग्रसित मरीज मिले हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जल-भराव वाले स्थानों पर जल निकासी के बेहतर प्रबंध किये जाएं, अभियान से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के ग्राम स्तरीय कर्मियों के साथ-साथ ग्राम प्रधान, सभासद आदि का संवेदीकरण करायें, दस्तक अभियान के दौरान गठित टीम घर-घर जाकर निर्धारित बिंदुओं पर प्रभावी कार्यवाही करंे। उन्होने कहा कि तालाबों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाए, ग्रामों में नालियों की साफ-सफाई, झाड़ियों को कटवाना, उथले हैण्डपंम्पों को लाल रंग से चिन्हीकरण, इण्डिया मार्का-2 हैंड पम्प, प्लेट फार्म की मरम्मत, ग्रामीण क्षेत्रों में आवादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट तथा प्रदूषण मुक्त रखने, आवासीय क्षेत्रों के आस-पास छछून्दर, चूहों आदि को नियंत्रित करने, आबादी वाले क्षेत्र से सूकर बाडों को दूर करने, जानवरों के पालन स्थल को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया जाये।

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा जनपद में किसी भी व्यक्ति की सर्पदंश से मृत्यु न हो, प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम उपलब्ध रहे, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा, ए.एन.एम., संगिनी के माध्यम से गांव-गांव लोगों को जागरूक कराया जाए यदि किसी व्यक्ति के सांप काटने की घटना घटित हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायें, झाड़-फूक के चक्कर में न रहें। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति के आने पर तत्काल उसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, तत्काल एंटी-वेनम देकर उसे प्रतिरक्षित किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी.गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, डी.एम.सी. यूनिसेफ संजीव पाण्डेय, एसएसओ डा. वी.पी. सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी हिलाल अहमद, डा. अनिल यादव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविन्द्र गौर, समस्त खंड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।