मैनपुरी(सुवि)विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित गोष्ठी, विभाजन विभीषिका पर आधारित सवाक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका का दंश झेलने वाले व्यक्तियों, उनके परिजनों को सम्मानित करने के उपरांत जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद जब देश आजाद हुआ उसी दौरान देश के बंटवारे की मांग ने जोर पकड़ा और देश को बंटवारे का दंश झेलना पड़ा, देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता, विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित होना पड़ा, असंख्य लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, उन लोगों के संघर्ष, बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होने कहा कि कल्पना कीजिए की एकाएक एक ही दिन, एक ही क्षण में जिनती भी सम्पत्ति, पहचान छोड़कर वहां से निकलना है, विस्थापित लोगों की क्या दशा होगी, उन पर क्या बीत रही होगी, हम आप कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होने कहा कि 78 वर्ष बाद विभाजन विभीषिका की याद करके आज हमें इतना कष्ट हो रहा है, तो उन लोगों पर क्या गुजरी होगी, जिन्होंने यह दंश झेला था। उन्होने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हो इसके लिए हम तैयार रहें, ऐसा आचरण करें जिसके लिए हमें अपने इतिहास से सबक लेना बहुत ही आवश्यक है।

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श्री सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाये, इसकी चर्चा बार-बार की जाये, इतिहास से सबक लेते हुये आगे की तैयारी की जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटना कदापि घटित न हो। उन्होने कहा कि लगभग हर छोटे-बड़े शहर में एक ऐसी कॉलौनी हैं जहां विभाजन के दौरान आये लोग निवास कर रहे हैं, आज हर शहर का सबसे समृद्धशाली क्षेत्र वही है, जहां विभाजन के दौरान लोग आकर बसे, उन्होनेे अपनी मेहनत, लगन से एक नजीर कायम की, सब कुछ छोड़कर सिर्फ 03 कपड़ों में आकर बसे अपनी जीविका के लिए पंचर जोड़ा, शून्य से शुरूआत कर शिखर तक पहुंचे यह उनकी मेहनत, लगन का परिणाम है, हम सबको इनसे सीख, प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होने छात्रों से कहा कि विभाजन विभीषिका पर आधारित चित्र प्रदर्शनी में तमाम ऐसी घटनाएं दर्शायी गयी हैं, जिनका वर्णन पुस्तकों में नहीं मिलता, इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रत्येक घटनाक्रम को प्रदर्शित किया गया है। उन्होने कहा कि स्वतंत्रता के इतिहास को स्वयं पढ़ें, अपने बच्चों को भी पढ़ायें, इसलिए नहीं कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर कुछ बन सकें बल्कि इसलिए कि जो लोग अपनी सभ्यता इतिहास, संस्कृति, भाषा से अलग हो जाते है, वह देश ज्यादा दिन तक स्वतंत्र नहीं रह सकता।

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उन्होने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि सभी लोग अपने अंदर राष्ट्र-प्रेम, आपसी एकता, सौहार्द पैदा करें कि हमारे देश में दोबारा कभी ऐसे हालात पैदा न हो सकें, इसके लिए हम सबको संगठित होकर मजबूती के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लें, बच्चों, युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास को पढ़ने के लिए प्रेरित करें ताकि देश की भविष्य युवा पीड़ी को स्वतंत्रता आन्दोलन, वीर बलिदानियों के बारे मंे जानकारी हो और उनके मन में राष्ट्र के प्रति प्रेम का भाव जागृत हो।

पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि विभाजन के दौरान जो कष्ट, पीड़ा विस्थापितों ने झेली वह अस्वीकार है, विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में मानव का पलायन हुआ, लोगों को चंद घंटों में अपना सब कुछ छोड़ना पड़ा, विभाजन के दौरान जो लोग विस्थापित समझे जाते थे, उन सबको भारतीयों ने पूरा प्यार दिया, आज वही लोग हमारी अर्थव्यवस्था में बेहतर योगदान कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अतीत की त्रासदी को याद कर वर्तमान में हमें इसी स्मृति के साथ आगे बढ़ाना है, किसी के बहकावे में न आएं, सभी एकजुट रहकर आगे बढ़ें, धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि एकजुट रहकर विकास के पथ पर अग्रसर होना है।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि त्रासदी में विस्थापित परिवारों ने तमाम कष्ट झेले, इस त्रासदी की गंभीरता सिर्फ वही परिवार समझ सकते हैं, जिन्होंने उस दौरान पीड़ा सही, यह पीड़ा हमेशा मन में रहेगी, लाखों लोगों का जीवन-यापन प्रभावित हुआ, कई लेखकों ने विभाजन के ऊपर कई कहानियां लिखीं, जो काफी दर्दनाक हैं, त्रासदी के दौरान महिलाओं ने भयंकर अत्याचार झेले, महिलाओं पर हुए अत्याचार को पढ़कर आत्मा सिहर उठती है, विभाजन की घटना को भुलाया नहीं जा सकता।

पिंकू अरोरा, हरदीप सिंह, नरेंद्र ने कहा कि हमारे पूर्वजों पर विभाजन के दौरान तमाम यातनाएं हुयीं, पूर्वजों ने शरणार्थी का दंश भी झेला। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी ने विभाजन विभीषिका का दंश झेलने वाले व्यक्तियों, उनके परिजन ओम प्रकाश खुराना, प्रकाश कुमारी, गोपाल धरेजा, अजय कुमार धरेजा, पिंकू अरोरा, दीपक अरोरा, भीम सिंह कालरा, सरदार कल्याण सिंह, हरि सिंह, रंजीत सिंह, नरेंद्र कालरा, सतनाम सिंह का माल्यार्पण, शॉल उढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, उपायक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.आर.डी.ए. सत्येन्द्र कुमार, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण सहित कलैक्ट्रेट के विभिन्न अनुभाग प्रभारी आदि उपस्थित रहे।