मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर कुं.आर.सी. कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाते हुए कहा कि कृमि संक्रमण चक्र की रोकथाम के लिए एल्बंेडाजोल की टेबलेट सभी बच्चों को खिलाया जाना आवश्यक है, क्योंकि बच्चों में कृमि संक्रमण के लक्षण कभी-कभी तुरंत दिखाई नहीं देते, परन्तु कृमि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्पूर्ण विकास को लम्बे समय तक नुकसान पहंुचाते हैं। उन्होने कहा कि कृमि संकमण की एल्बेंडाजोल टेबलेट से बच्चों का सम्पूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास होता है, कीड़ों की गोली एल्बेण्डाजोल खिलाने से बच्चों में एनीमिया की कमी दूर होगी साथ ही पोषण स्तर में भी वृद्धि होगी, बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास होगा, उनका वजन भी बढ़ेगा, प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होगी, बच्चों के शारीरिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होने कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का वास होता है, आपके जीवन का यह सबसे स्वर्णिम काल चल रहा है, आपको शिक्षा ग्रहण करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत स्वस्थ्य मस्तिष्क की है, जब आपका शरीर स्वस्थ रहेगा तो आपका मस्तिष्क भी ठीक रहेगा, आज प्रत्येक आदमी स्वास्थ्य को लेकर सजग हुआ हैं अधिकांश लोग चाहते हैं कि वह स्वस्थ रहें, स्वास्थ्य की कीमत प्रत्येक व्यक्ति समझ चुका है।

श्री सिंह ने कहा कि जब 1947 में जब हम स्वतंत्र हुए थे तब देशवासियों की औसत आयु केवल 35 वर्ष थी, आजादी के बाद के इन 78 वर्षों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मानव की जागरूकता के फलस्वरुप काफी परिवर्तन आया है, आज 35 वर्ष का व्यक्ति युवा वर्ग की श्रेणी में है। उन्होने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जी ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2047 तक जब हम आजादी के 100 वर्ष का जश्न मना रहे होगें तब तक हमारा देश विकसित राष्ट्र की श्रेणी में हो, विकसित राष्ट्र के लिए देश के भविष्य बच्चों का सेहतमंद होना बहुत ही जरूरी है। उन्होने कहा कि कुछ वर्षों पूर्व आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता नहीं थी, संसाधनों की भी कमी थी लेकिन आज सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी बेहतर इंतजाम किये हैं, उन्होने उपस्थित छात्राओं से कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें, राष्ट्र अपने विकास के लिए आपकी ओर देखेगा, तब आपका यह कर्तव्य होगा, कि हर नागरिक को अपने आने वाली पीड़ी को स्वस्थ्य रखने के क्या-क्या फायदे हैं यह बताएं। उन्होने कहा कि आपके विद्यालय के जो बच्चे टॉप करते होंगे, वह बच्चे स्वस्थ्य भी रहते होंगे यदि बच्चा स्वस्थ्य नहीं रहेगा, वह नियमित रूप से पढ़ाई, विद्यालय में नहीं आ सकता, आपके जीवन की सफलता आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। उन्होने उपस्थित बच्चों से कहा कि सभी संकल्प लें कि अपने-अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहंेगे, मानव शरीर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी रखेंगे, जिसमें मानव शरीर में कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती है, अपने शरीर को स्वस्थ्य कैसे रख सकते हैं, अपने दोस्त, परिजन, आस-पड़ोस में स्वास्थ्य सम्बन्धी चर्चा करेंगे और किताबों के माध्यम से भी स्वास्थ्य के बारे में पढ़ेगें।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े मारने के लिए यह दवाई उपलब्ध करायी जा रही है, बच्चियों में एनिमिया ज्यादा होता है, जिसका मुख्य कारण पेट में कृमि होना है। उन्होने उपस्थित छात्राओं से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान के साथ अपनी शारीरिक क्षमता पर भी कार्य करें, अक्सर इस उम्र में बच्चियों को कमजोरी के कारण चक्कर आते हैं, वह कमजोरी दूर करने पर भी कार्य करें, आप सब दाल, हरी सब्जियां, पनीर, प्रोटीनयुक्त भोजन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लें, लड़कों की अपेक्षा लड़कियों में हिमोग्लोबिन कम होता है, जिस कारण बालिकाआंे के अंदर कमजोरी आती है, जिसका सीधा प्रभाव आपकी शिक्षा, शारीरिक क्षमता पर पड़ता है। उन्होने कहा कि यदि आपका शरीर कमजोर होगा, आपको चक्कर आऐंगें तो आप किसी भी परीक्षा में सफल नहीं हो सकते, आज आप सबको दवाईयां उपलब्ध करायी जा रही है, उन्हें सही मात्रा में खाना है साथ ही अपने खान-पान का ध्यान भी रखना है, जो नॉन वेजटेरियन है, वह अंडे का प्रयोग कर सकते हैं और जो शाकाहरी है वह सोयाबीन, दाल, पनीर को अपने खाने में सम्मिलित करें, यह आपके लिए बहुत ही आवश्यक है, बच्चियों में बढ़ती हुयी उम्र में आपके 03-04 दिन काफी टफ होते हैं, जिसमें बच्चियों को खान-पान में विशेष ध्यान रखना होगा और अपनी मॉ, शिक्षिकाओं से बिना हिचकाए बात भी करनी होगी, आपका शरीर स्वस्थ होने से उसका सीधा प्रभाव आपके मस्तिष्क, आपकी पढ़ाई पर पड़ता है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता ने बताया कि जनपद में 3404 विद्यालयों, 1682 आंगनवाडी केन्द्रों पर 11 लाख 26 हजार बच्चों को अभियान के दौरान एल्बेण्डाजोल की टेबलेट खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होने अभिभावकों का आव्हान करते हुये कहा कि सभी बच्चों को स्कूल भेजें और कृमि मुक्ति दवा एल्बेंडाजोल खिलायें, जिससे कि उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में वृद्धि हो सके।

इस दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार, एस.एम.ओ. डब्लू.एच.ओ. डा. बी.पी. सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण, डी.एम.सी. यूनिसैफ संजीव पाण्डेय, डी.सी.आर.एम. राजीव कुमार, आर.बी.एस.के. पी.एम. कमलदीप, डा. राज विक्रम, डा. सुनील पाण्डेय, डा. देवेश राजपूत, प्रधानाचार्या प्रभा कुमारी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन प्र. जिला स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रवीन्द्र सिंह गौर ने किया।