कुंवर आर०सी० महिला महाविद्यालय में बी०ए० प्रथम वर्ष और बी०एस-सी० प्रथम वर्ष की नवप्रवेशी छात्राओं के लिए ओरियंटेशन सत्र (उन्मुखीकरण सत्र) का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य छात्राओं को चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम(FYUP) तथा महाविद्यालय की शैक्षिक कार्यप्रणाली, सुविधाओं, विषय चयन की प्रक्रिया एवं व्यक्तित्व विकास के अवसरों से परिचित कराना था।
सत्र का संचालन महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका प्रो० अनीता सिंह ने किया। उन्होंने प्रोजेक्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से नई शिक्षा नीति 2020 तथा चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (F Y U P) के महत्वपूर्ण बिंदुओं — शैक्षिक लचीलापन, बहुविषयक अध्ययन की सुविधा, शोध एवं नवाचार की अनिवार्यता, सर्टिफिकेट-डिप्लोमा-डिग्री की अवधि, विषय चयन में स्वतंत्रता — पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि सोच-समझकर विषयों का चयन करने से भविष्य में रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर बेहतर बनते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने महाविद्यालय के अनुशासन, यूनिफॉर्म के पालन, नोटिस बोर्ड की उपयोगिता, पुस्तकालय के संसाधनों, खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, एन०सी०सी० एवं एन०एस०एस० जैसी सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में भागीदारी के महत्त्व पर जोर दिया।
महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ० सुशीला त्यागी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “नैतिक मूल्य और सकारात्मक सोच हमारे व्यक्तित्व को सशक्त बनाते हैं। हमें अपनी संस्कृति की श्रेष्ठ परंपराओं को अपनाते हुए ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए।”
प्राचार्या प्रो० शेफाली यादव ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “महाविद्यालय केवल शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि आत्मविकास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच भी है।” उन्होंने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ और बड़ी संख्या में सभी नव प्रवेशी छात्राएँ उपस्थित रहीं। सत्र का संयोजन एवं संचालन प्रो० अनीता सिंह द्वारा किया गया।



