मैनपुरी(सुवि)भू-गर्भ जल सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने विकास भवन से आमजन में जागरूकता के उद्देश्य से वाहन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि अंधाधुंध भू-गर्भ जल दोहन के कारण भू-गर्भ जल स्तर में तेजी से गिरावट आयी है, जो चिंता का विषय है, हम सबको इस ओर ध्यान देकर घटते भू-गर्भ जलस्तर को बचाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होने कहा कि भू-गर्भ जल संपदा के महत्व के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से वर्ष-2012 से प्रतिवर्ष 16 से 22 जुलाई के मध्य भूजल सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भू-गर्भ जल के उपयोग में निरतंर वृद्धि एवं गिरते भूजल स्तर तथा उस पर आसन्न संकट को दृष्टिगत रख जन-सामान्य में जल संरक्षण, प्रबन्धन, विवेकयुक्त उपयोग एवं विकास तथा विनियमित दोहन के प्रति जागरूकता लाना है। उन्होने कहा कि भूजल सप्ताह के दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं राजकीय शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कराये जायेंगे। दि. 17 जुलाई को बेसिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशन में समस्त विद्यालयों मंे भूजल संरक्षण के सम्बन्ध में रैलियों का आयोजन, स्लोगन, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन होगा, दि. 18 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशन में समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी कॉलेजों में भू-गर्भ जल संरक्षण विषय पर वाद-विवाद, निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा, दि. 19 जुलाई को मनरेगा प्रभागीय वनाधिकारी, लघु सिंचाई विभाग, दि. 20 जुलाई को महा प्रबन्धक उद्योग, दि. 21 जुलाई को नेहरू युवा, कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित होंगे, दि. 22 जुलाई को उप जिलाधिकारियों, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, खंड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देशन में समस्त तहसील, विकास खंड, ग्राम पंचायत स्तर पर भू-गर्भ जल संरक्षण रूफटॉफ रैन वाटर हार्वेस्टिंग, सोखपिट विषेयक गोष्ठियों का आयोजन होगा।

सहायक अभियंता लघु सिंचाई राजपाल राज भास्कर ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशन मंे नियंत्रणाधीन विद्यालयों, स्कूलों, कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं शैक्षिक संस्थानों में आयोजन की अवधि में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन जागरूकता हेतु पोस्टर, बैनर, होर्डिंग आदि का प्रदर्शन कराया जायेगा, अन्य सभी राजकीय विभाग इस अवधि में जल संरक्षण, जल संचयन के संबंध में गोष्ठी आदि आयोजित करायें, जिसमें भूगर्भ जल का संयोजित उपयोग करते हुए भूजल रिचार्ज संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी, उ.प्र. भू-गर्भ जल अधिनियम प्रबंधन एवं विनियमन-2019 जो की 02 अक्टूबर 2019 से प्रभावी है, के तहत समस्त घरेलू, कृषि, औद्योगिक, वाणिज्यिक, सामूहिक उपयोगिताओं को भू-गर्भ जल विभाग से पंजीकरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। उन्होने समस्त नागरिकों से वर्षा जल संचयन करने एवं भू-गर्भ जल का सुनिश्चित उपयोग करने एवं समस्त भूगर्भ जल उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराने का आव्हान किया है।

इस दौरान जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरुण कुमार शुक्ला, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, खंड विकास अधिकारी नवनीत गौतम आदि उपस्थित रहे।