मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कलैक्ट्रेट से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनांतर्गत जनपद स्तरीय मिलेट्स श्री अन्न जागरूकता, प्रदर्शन, रोड-शो के प्रचार हेतु वाहन को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि श्री अन्न औषधि है, हमारे पूर्वजों ने कुदरत में पाए जाने वाली अनेक प्रकार के पदार्थों को खेती व भोजन में अपनाया, इसमें रागी, सांवा, कौणी, चीना, रामदाना, बाजरा, ओंगल, तिल, अलसी, जौ, मक्की और कई प्रकार की दालों को अपने खाने में शामिल किया और वह लंबे समय तक स्वस्थ, निःरोगी रहे, आज हम सबको मोटे अनाज को अपने खाने में शामिल करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि मिलेट्स में प्रोटीन, खनिज, विटामिन के संदर्भ में चावल और गेहूं से 03-05 गुना अधिक पोषण होता है, इसके उत्पादन के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, यह शुष्क और अर्द्धशुष्क यानि सूखे क्षेत्र में अच्छी पैदावार देता है।

श्री सिंह ने कहा कि मिलेट्स के लिए किसानों को जागरूक किया जाये, लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए मिलेट्स बहुत ही लाभप्रद है। उन्होने किसानों का आव्हान करते हुये कहा कि सामान्य फसलों में बाजरा रागी, ज्वार, बाजरा और वरिगा प्रोसो मिलेट शामिल हैं, बाजरा अपने उच्च प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और लौह तत्त्व जैसे खनिजों के कारण गेहूँ एवं चावल की तुलना में कम खर्चीला तथा पौष्टिक रूप से बेहतर है, बाजरा कैल्शियम और मैग्नीशियम से भी भरपूर होता है, रागी को सभी अनाजों में सबसे अधिक कैल्शियम स्रोत के रूप में जाना जाता है, बाजरा पोषण सुरक्षा प्रदान करता है और विशेष रूप से बच्चों एवं महिलाओं के बीच पोषण की कमी के खिलाफ ढाल के रूप में कार्य करता है इसमें उपस्थित उच्च लौह तत्त्व भारत में महिलाओं की प्रजनन अवस्था के दौरान तथा शिशुओं में एनीमिया के उच्च प्रसार को रोकने में सक्षम हैं, बाजरा जीवनशैली की समस्याओं जैसे कि मोटापा और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में मदद करता है क्योंकि वह ग्लूटेन मुक्त होते हैं और उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी डा. सूर्य प्रताप, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित रहे।