मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सी.एम. डैशबोर्ड, मुख्यमंत्री जी के प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ विभागों की संचालित योजनाओं की खराब प्रगति के कारण सी.एम. डैशबोर्ड पर जनपद की रैंक में निरंतर गिरावट आ रही है, सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, अनुसूचित जाति के पूर्वदशम् दशमोत्तर छात्रवृत्ति, बाल विकास परियोजना, जल जीवन मिशन ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के भवन, सड़क निर्माण, फैमिली आई.डी., स्वच्छ भारत मिशन फेस-2, लोक निर्माण विभाग के सेतु, नई सड़कों का निर्माण, सड़कों के अनुरक्षण, एंबुलेंस संचालन की प्रगति निराशाजनक है, संबंधित अधिकारी माह के अंत तक प्रगति सुधारें अन्यथा उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्यवाही होगी। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पोषण अभियान में जनपद 75वीं, पर्यावरण में 62 वीं, एंबुलेंस संचालन में 49वीं, दुग्ध विकास में 46वीं, निराश्रित गोवंश संरक्षण, मुख्यमंत्री गौधन सहभागिता योजना में 29वीं रैंक, विद्युत आपूर्ति ग्रामीण में 25वीं रैंक पर है जबकि माह दिसम्बर में लोक निर्माण विभाग की सड़क अनुरक्षण में 10 में से 03, सेतु निर्माण में 10 में से 05, नयी सड़क निर्माण में 10 में से 04, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की सड़क निर्माण में 10 में से 05 एवं भवन निर्माण में 10 में से 04 अंक प्राप्त हुये हैं, जिस कारण प्रदेश में जनपद की रैंक खराब हुयी है।

श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में संचालित परियोजनाआंे के निर्माण का कार्य ठेकेदारों के भरोसे छोड़ा गया है, उन्होने कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा कि ठेकेदारांे के भरोसे कार्य को न छोड़ा जाए, कार्यदायी संस्था का कोई न कोई अभियंता मौजूद रहकर अपनी देख-रेख में कार्य कराये, निर्माणाधीन कार्यों की समय-समय पर जिला स्तर पर गठित टेक्निकल टीम से जांच करायी जाए, नामित नोडल अधिकारी भी नियमित रूप से साइट पर जाकर कार्य की गुणवत्ता देखे।ं उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा कि कार्यों की गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर संबंधित विभाग को हैंडोवर किया जाए। उन्होने निराश्रित महिला पेंशन, कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं में खंड विकास अधिकारियों, उप जिलाधिकारियांे के स्तर पर आवेदन पत्र लंबित पाए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि तत्काल समन्वय स्थापित कर आवेदन पत्रों को स्वीकृत करायें, लाभार्थीपरक योजना का कोई भी आवेदन निर्धारित समयावधि के बाद किसी भी स्तर पर लंबित न रहे, योजनाओं का लाभ पात्रों को समय से मिले, इसमें किसी भी स्तर पर विलंब न हो, सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं से कहा कि जनपद में जो भी निर्माणाधीन कार्य संचालित हैं, उनकी समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें, 05 करोड़ से अधिक की लागत की परियोजना हेतु नामित नोडल अधिकारी समय-समय पर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता देखें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कार्यदायी संस्था सी.एन.डी.एस., यू.पी.पी.सी.एल. के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्था के परियोजना प्रबंधकों को निर्देशित किया कि लेबर बढ़ाकर तत्काल निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि पर ड्रॉप-मोर क्रॉप, पं. दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य विभाग की सीटी स्कैन, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, कृषि यंत्रीकरण, पेंशन योजना, कृषि रक्षा रसायन डी.बी.टी., ट्रॉसफार्मर प्रतिस्थापन, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि में जनपद की प्रगति सी.एम. डैशबोर्ड पर संतोषजनक है, संबंधित अधिकारी अगले माह भी प्रगति को बरकरार रखें ताकि जनपद की रैंक में सुधार हो सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय मल्ल, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंद, जिला उद्यान अधिकारी अनूप चतुर्वेदी, जिला कृषि अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता
के अलावा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, विद्युत, जल निगम, कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता, समस्त खंड विकास अधिकारी के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



