मैनपुरी (सूवि) जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने गौ-संरक्षण समिति की बैठक में सख्त लहजे में कहा कि कहीं भी सड़क पर छुट्टा गोवंश दिखाई न दें, जनपद की समस्त 549 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 10-10 निराश्रित गोवंश को पकड़वाकर संचालित गौ-आश्रय स्थलों में पहुंचाएं, जहां आवश्यकता हो तत्काल ग्राम सभा की भूमि का चिन्हांकन कराकर उस पर ग्राम पंचायत निधि से तत्काल टिन शेड, नांद, पानी की व्यवस्था कराकर अस्थाई रूप से गौशाला तैयार कर उसमे निराश्रित गौवंशों को रखा जाए, शहरी क्षेत्र में गौवंश को पकड़वाने हेतु मेन पावर, छुट्टा गोवंश को आश्रय स्थल तक पहुंचाने हेतु वाहन की उपलब्धता संबंधित अधिशासी अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में निराश्रित गौवंश को पकड़वाने हेतु मेन पावर एवं वाहन की व्यवस्था संबंधित खंड विकास अधिकारी सुनिश्चित करेंगे, यदि इस कार्य में किसी भी स्तर पर कोई कठिनाई हो तो संबंधित पशु चिकित्साधिकारी तत्काल अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में लाएं, अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तत्काल समस्या का निदान कराना सुनिश्चित करें।
श्री सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार 01 जनवरी से 10 जनवरी तक निराश्रित गौवंश को पकड़वाकर संचालित गौ-आश्रय स्थलों पर संरक्षित किया जाना था लेकिन 04 दिन में इस पर किसी भी पशु चिकित्साधिकारी द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों का सघन भ्रमण कर निराश्रित गौवंश का चिन्हांकन कराकर खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय से समन्वय स्थापित कर गौशाला में संरक्षित कराएं इस कार्य के फोटोग्राफ अवश्य किए जाएं, 10 जनवरी के उपरांत सभी पशु चिकित्साधिकारी इस आशय का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं कि उनके क्षेत्र में कोई निराश्रित गौवंश सड़कों पर नहीं है। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र की गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें, कार्यस्थल के रूप में प्रतिदिन 04 घंटे गौशाला में व्यतीत करें, प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध रहें, पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए मुकम्मल व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अभियान के नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान के दौरान सहभागिता योजना में अधिक से अधिक गौवंशों को पशुपालकों को उपलब्ध कराये जाएं, दुधारू गौवंश को अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को सुपुर्द किया जाए, गौवंश की ईयर टैगिंग, नर गौवंश के बधियाकरण पर ध्यान केंद्रित कर ईयरटैगिंग, बधियाकरण की प्रगति सुधारी जाए। उन्होने खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को आदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र की चरागाह की भूमि की जानकारी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार से कर वहां हरे चारे की बुवाई करें और वहां से गौशालाओं में हरा चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि अभियान के दौरान ग्राम प्रधान, लेखपाल, सचिव आदि का सहयोग लेकर निराश्रित गौवंशों को गौ-आश्रय स्थल में संरक्षित कराया जाए।
श्री सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ पशुपालकों द्वारा गौवंशों को छोड़ा जा रहा है, ऐसे पशुपालकों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस जारी किया जाए और उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए, जनपद में लगने वाले पशु मेलों की भी निगरानी की जाए यदि मेला संचालक, मेले में आने वाले लोगों द्वारा गौवंश को रास्ते में छोड़ा जाए तो ऐसे मेला मालिकों को नोटिस जारी कर उनसे जुर्माना वसूला जाए, उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डी.पी. सिंह, उप कृषि निदेशक डी.वी. सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. इन्द्रा सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत तपेश वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी विजय सिंह, समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, पशु चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे।