मैनपुरी(सूवि)बैंकर्स प्राथमिकता पर फसली, कृषि ऋण के लक्ष्यों की पूर्ति करें, चालू वित्तीय वर्ष के अवशेष माह में मासिक लक्ष्य निर्धारित कर लक्ष्यों की पूर्ति की जाये, किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरे, उनकी आय में वृद्धि हो इसके लिए संचालित योजनाओं का लाभ किसानों को समय से मिले, अभियान चलाकर किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएं, कुछ बैंकर्स द्वारा धनराशि जमा कराने में रुचि ली जा रही है लेकिन ऋण वितरण में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही जिस कारण जनपद का सीडी रेशियो संतोषजनक नहीं है, बैंकर्स इस ओर ध्यान दें। मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्पेशल कंपोनेंट, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं में प्रेषित आवेदन पत्रों के सापेक्ष ऋण वितरण की प्रगति बेहद खराब है, बैंकर्स लाभार्थीपरक योजनाओं में स्वीकृत किये गये आवेदन पत्रों पर तत्काल ऋण वितरण करें ताकि संबंधित लाभार्थी अपना रोजगार स्थापित कर सकें।
उक्त निर्देश मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने जिला सलाहकार समिति बैंकर्स की बैठक की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने बैंकर्स को सचेत करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा भेजी गई पत्रावलियों को बैंकर्स अपने यहां अकारण लंबित न रखें यदि किसी पत्रावली पर ऋण वितरण न हो तो उस पर विस्तृत टिप्पणी अंकित कर संबंधित विभाग को वापस करें, जो पत्रावलियां बैंकर्स द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है, उन पर तत्काल ऋण वितरण कराया जाए। उन्होंने स्पेशल कंपोनेंट की समीक्षा के दौरान पाया की विभिन्न बैंक शाखाओं को 565 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, जिसमें से विभिन्न बैंकों द्वारा 72 आवेदन पत्र स्वीकृत कर सभी पर चेक निर्गत किए गए, लेकिन किसी भी लाभार्थी को ऋण वितरण नहीं किया गया। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि स्पेशल कंपोनेंट के तहत 77 आवेदन पत्र भारतीय स्टेट बैंक को प्रेषित किए गए, जिसमें से एसबीआई द्वारा एक भी आवेदन पत्र पर न तो स्वीकृत किया गया और नाहीं किसी पर ऋण वितरण किया गया, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 04 सदस्य टीम गठित कर भारतीय स्टेट बैंक को भेजे गए आवेदन पत्रों की जांच कराने के निर्देश दिए साथ ही बैंक ऑफ इंडिया में लंबित 119 आवेदन पत्रों को एक सप्ताह में निस्तारित करने हेतु अग्रणी जिला प्रबंधक को निर्देशित किया।
श्री कुमार ने कृषि ऋण, फसली ऋण, एमएसएमई, अन्य प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की बैंकवार समीक्षा करते हुये कृषि ऋण में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त बैंक, जिला सहकारी बैंक, आईडीबीआई बैंक एवं फसली ऋण में भारतीय स्टेट बैंक, इण्डियन बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त बैंक, जिला सहकारी बैंक की प्रगति बेहद खराब पायी गयी, इन शाखाओं द्वारा वित्तीय वर्ष के 09 माह में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 25 प्रतिशत की पूर्ति की है। उन्होने ऋण-जमानुपात की समीक्षा के दौरान पाया कि माह नवम्बर तक एक्सिस बैंक का सीडी रेशियो मात्र 29.85 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का 33 प्रतिशत, अर्बन कोऑपरेटिव बैंक का 39.75 प्रतिशत एवं इण्डियन बैंक का 46.99 प्रतिशत है। उन्होने कहा कि सभी बैंकों का सीडी रेशियो 60 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए, अभी कई बैंकों की ऋण जमानुपात की प्रगति ठीक नही हैं।
उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा करने पर पाया कि नये केसीसी बनाने के वार्षिक लक्ष्य 43767 के सापेक्ष अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा 10547 नये केसीसी बनाये गये हैं जबकि नवीनीकरण के लक्ष्य 60913 के सापेक्ष 32395 केसीसी का नवीनीकरण किया गया है। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि फसली बीमा में भी जनपद की प्रगति ठीक नहीं है, अब तक मात्र 1348 किसानों का ही फसली बीमा हुआ है, जिस पर उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुये बैंकर्स को हिदायत देते हुये कहा कि 31 दिसम्बर तक कम से कम 25 हजार कृषकों का फसली बीमा प्रत्येक दशा में कराया जाये। उन्होने मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना, शिक्षा ऋण आदि की बिंदुवार समीक्षा की।
बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रवीन कुमार राय, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, उप निदेशक संस्थागत वित्त संजय सिंह, जिला विकास प्रबंधक नवार्ड अनुपम दत्ता, उप कृषि निदेशक डी.वी. सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा आर.के. सिंह, सहित अन्य अधिकारी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल प्रकाश तिवारी ने किया।






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