मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत संचालित कोचिंग क्लासेस में छात्रों का उचित मार्ग-दर्शन हो, विषय विशेषज्ञों द्वारा करायी जाए बेहतर तैयारी -अंजनी कुमार।

अभ्युदय योजना के तहत संचालित कोचिंग का औचक निरीक्षण

मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जब से जनपद में कार्यभार ग्रहण किया है तब से वह निरंतर विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुधारने, शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने, स्वास्थ्य केन्द्रों पर मूल-भूत सुविधाओं के साथ दावाओं, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ की समय से उपस्थिति के लिए निरंतर प्रयासरत् है, वह प्रतिदिन किसी न किसी विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर रहे हैं ताकि जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त कमियां दूर हों और पंजीकृत छात्रों को विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले, स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों की बेहतर देखभाल हो। आज उन्होंने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, राजकीय पुस्तकालय, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित कोचिंग का औचक निरीक्षण किया। उन्होने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुये कहा कि अपनी योग्यता को विस्तार, परिश्रम को मुकाम दें, सफलता के लिए एक योजना, लक्ष्य बनायें, लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टाइम मैनेजमेंट करें, अपना सार्थक प्रयास करें, आप सभी को सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होने विशेषज्ञ शिक्षकों से कहा कि विभिन्न प्रतियोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अपने-अपने विषय की बेहतर जानकारी प्रदान करें। उन्होने समाज कल्याण अधिकारी से कहा कि जनपद के विभिन्न विभागों में हाल ही में जो अधिकारी आयोग के माध्यम से नियुक्त हुये हैं, उनके माध्यम से भी समय-समय पर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हेतु छात्रों का मार्ग-दर्शन कराया जाए, अधिकारियों का शैड्यूल निर्धारित कर कम से कम 01-01 घंटा कोचिंग के छात्रों को पढ़ाया जाये।

श्री सिंह ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान कई कक्षाओं में जाकर छात्राओं से संवाद कर फीडबैक लिया, स्वयं शिक्षक बन छात्राओं को हिन्दी, गणित, विज्ञान की महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होने छात्राओं से शान और सान में अंतर पूंछा सही जबाव न देने पर स्वयं छात्राओं को आसान भाषा में समझाया कि शान का मतलब गर्व, प्रतिष्ठा एवं सान का मतलब किसी भी औजार यथा चाकू, कैंची, छुरी पर धार रखना है। उन्होने छात्राओं से डी.एन.ए. के बारे में जानकारी की तो अधिकांश छात्राओं ने अपने-अपने मुताबिक भिन्न-भिन्न जबाव दिये, जिस पर उन्होने विज्ञान की शिक्षिका पूनम दुबे को छात्राओं को डी.एन.ए. स्ट्रक्चर को गहनता से पढ़ाये जाने को कहा। उन्होने छात्राओं से आजादी के नायक भगत सिंह के जन्म, मृत्यु के बारे में पूंछा तो अधिकांश छात्राएं संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं, उन्होने छात्राओं को बताया कि सरदार भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को एवं 23 मार्च 1931 को देश के लिए बलिदान दिया। उन्होने शिक्षिकाओं से कहा कि छात्राओं को देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों, महान विभूतियों के बारे में जानकारी दी जाये, सभी छात्रों को अपने देश के गौरवमयी इतिहास की जानकारी हो। उन्होने जानकारी करने पर पाया कि विद्यालय में 1007 छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से प्रतिदिन 60 से 70 प्रतिशत छात्राएं उपस्थित रहती हैं, कक्षा-10 ए में 80, कक्षा-10 बी में 84 छात्राएं पंजीकृत हैं। उन्होने कक्षा-10ए, बी एवं कक्षा-11 ए, बी की कक्षा में जाकर छात्राओं से संवाद किया। उन्होने राजकीय पुस्तकालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच जाकर छात्रों का उत्साह वर्धन किया, पुस्तकालय परिसर में स्व. नैमीचन्द जैन ट्रस्ट द्वारा संचालित अपनी रसोई के माध्यम से पुस्तकालय में आने वाले छात्रों को मात्र रू. 10 में उपलब्ध कराये जा रहे भोजन का निरीक्षण किया, अपनी रसोई द्वारा रू. 10 में 04 रोटी, सब्जी, दाल-चावल, रायता प्रतिदिन उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत मेधावी छात्र-छात्राओं को अनुभवी, शिक्षित शिक्षकों द्वारा नीट, यू.पी.पी.सी.एस., जे.ई.ई., एन.ई.ई.टी., ए.डी.ए.-सी.डी.एस. आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जा रही है, छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तक विभाग की लाइब्रेरी से उपलब्ध करायी गयीं हैं, कोंचिग लेने वाले अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलें, सुनिश्चित किया जा रहा है। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी यतेन्द्र कुमार, जी.जी.आई.सी. की प्रधानाध्यापिका सुमन यादव, पुस्तकालयाध्यक्ष संजय यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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