किसी भी स्तर से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापरक निराकरण संबंधित विभाग के अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी- अंजनी कुमार।
एल.-1 ऑफिसर अपने विवेक का प्रयोग कर शिकायत का गुणवत्तापरक निराकरण करें-जिलाधिकारी।
मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जन-सुनवाई प्रणाली पोर्टल पर होने वाले असंतुष्ट फीडबैक एवं लम्बित सन्दर्भों की विभागवार समीक्षा के दौरान एल-1 अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि शिकायतकर्ता के स्थान पर स्वयं को रख शिकायत का निराकरण करें, शिकायतकर्ता से उसके मोबाइल नम्बर पर वार्ता करने के उपरांत उसके संतुष्ट होने पर ही निस्तारण आख्या अपलोड की जाये। उन्होने जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि आई.जी.आर.एस. पोर्टल को प्रतिदिन स्वयं लॉगिन करें, कम्प्यूटर ऑपरेटर के भरोसे पोर्टल को न छोडें, शिकायतों के निस्तारण पर अधीनस्थों पर निर्भर न रहें बल्कि स्वयं निस्तारण आख्या पढ़ें, यथासंभव मौके पर जाकर भी स्थिति देखें, शिकायतकर्ता से रेण्डमतौर पर वार्ता करें। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुये जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जन-सुनवाई, आई.जी.आर.एस. पोर्टल, ऑन-लाइन पोर्टल, तहसील दिवस, पी.जी. पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है, फीडबैक में जनपद की स्थिति ठीक नहीं है, कुछ विभागों में प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होने कहा कि जन-शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापरक निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं बावजूद इसके कई विभागों में प्रार्थना पत्र डिफाल्टर की श्रेण्ी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को हिदायत देते हुये कहा कि जन-सामान्य के निस्तारण में शासन से प्राप्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें, नियत समय से पूर्व प्रत्येक दशा में शिकायत का निस्तारण हो अन्यथा की दशा में सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।
श्री सिंह ने विभिन्न स्तर से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान पाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के 57, मुख्यमंत्री सन्दर्भ के 1590, ऑनलाईन सन्दर्भ 795, जिलाधिकारी जन-सुनवाई के 367, तहसील दिवस के 109, पी.जी. पोर्टल के 108 सन्दर्भ, राजस्व परिषद के 05 सन्दर्भ अनिस्तारित हैं, लम्बित ऑनलाइन सन्दर्भों में सर्वाधिक 247 सन्दर्भ अधिशाषी अभियंता जल निगम, 151 सन्दर्भ तहसीलदार करहल, 138 सन्दर्भ खंड विकास अधिकारी घिरोर, 134 सन्दर्भ तहसीलदार भोगांव, 120 सन्दर्भ उप जिलाधिकारी सदर, 104 सन्दर्भ खंड विकास अधिकारी किशनी के यहां लंबित हैं। उन्होने हेल्पलाइन सन्दर्भ की समीक्षा करने पर पाया कि दि. 29 अगस्त से 28 सितम्बर के मध्य प्राप्त कुल 2169 फीडबैक मे से 1252 संतुष्ट फीडबैंक एवं 917 असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुये है, जिसमें परियोजना निदेशक डी.आर.डीए., अधिशाषी अधिकारी कुरावली, किशनी, बेवर, उप जिलाधिकारी किशनी, कुरावली, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी किशनी, कुरावली के शत-प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक शासन स्तर से प्राप्त हुए है, आई.जी.आर.एस. में भी 29 अगस्त से 28 सितम्बर के मध्य कुल 844 प्राप्त फीडबैक में से 311 सतुष्ट फीडबैक एवं 533 अंसतुष्ट फैडबैक प्राप्त हुए है, उप जिलाधिकारी घिरोर, सदर, सब रजिस्ट्रार करहल, भोगांव, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला विकास अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, उप संचालक चकबंदी के यहां का शत-प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुए है, यह स्थिति बेहद निराशाजनक है। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को सचेत करते हुये कहा कि जन-शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापरक निस्तारण के प्रति संवेदनशील रहें, यदि भविष्य में शिकायत के निस्तारण के उपरांत शासन स्तर से असंतुष्ट फीडबैक मिला तो कार्यालयाध्यक्ष की जिम्मेदारी तयकर कार्यवाही होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नवीन श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय कुमार मल्ल, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, कुरावली, घिरोर अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, नीरज कुमार द्विवेदी, गोपाल शर्मा, राम नारायण, प्रसून कश्यप, राजस्व अधिकारी ध्रुव शुक्ला, परियोजना निदेशक सतेन्द्र सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



