मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि 18 प्रकार के परम्परागत कामगारों को तत्काल योनजा में लाभान्वित किया जाये, योजना के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों के प्रथम चरण के सत्यापन में ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधानों, शहरी क्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय द्वारा विलंब न हो, प्रथम चरण के सत्यापन के उपरांत तत्काल द्वितीय चरण का सत्यापन कराकर आवेदन पत्रों को तृतीय चरण के सत्यापन के लिए उप निदेशक एम.एस.एम.ई. को उपलब्ध कराया जाये ताकि इस महत्वाकांक्षी योजना में पारम्परिक कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ मिल सके, योजना के अन्तर्गत बढ़ई, राज मिस्त्री, दर्जी कारीगरों को वरियता प्रदान की जाये।

उप निदेशक एम.एस.एम.ई. बृजेश यादव ने पीएम विश्वकर्म योजना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि कारपेन्टर, नांव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा व टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया-चटाई, टोकरी बुनकर, पारम्परिक गुडिया, खिलौना बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वालों कारीगरों में कौशल वृद्धि हेतु 01 सप्ताह से लेकर 20 दिन तक का कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन रू. 500 उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत रू. 15 हजार की टूलकिट प्रदान की जाती है, प्रशिक्षण के उपरांत बैंक के माध्यम से रू. 01 लाख का ऋण मात्र 05 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है जिसे लाभार्थी द्वारा 18 मासिक किश्तों में चुकाना होता है, तद्ोपरांत किश्त अदा करने के बाद रू. 02 लाख का ऋण 30 मासिक किश्तों में अदा करने के लिए उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है।

उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि लाभार्थियों की पात्रता उपर्युक्त परम्परागत 18 व्यवसाय से सम्बन्धित होना चाहिये, आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम न हो, एक परिवार से एक ही व्यक्ति द्वारा इस योजना का लाभ लिया जा सकेगा यदि परिवार में कोई सरकारी नौकरी है तो वह इस योजना हेतु पात्र नही होगा, योजना के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण, टूलकिट का लाभ कम ब्याज दर पर ऋण, डिजिटल लेन-देन पर रू. 100 अतिरिक्त इन्सेन्टिव का प्राविधान हैै साथ ही मार्केटिंग सपोर्ट का लाभ परम्परागत कारीगरों को प्रदान किये जानेे की व्यवस्था है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला पंचायत अधिकारी तुलसी राम, अग्रणी जिला प्रबंधक रामचंद्र साहा, कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक रवि भूषण, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव के अलावा समिति के सदस्य प्रदीप चौहान, समस्त अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय आदि उपस्थित रहे।