मैनपुरी (सूवि) जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में माह दिसंबर में 157 घरेलू प्रसव हुए हैं, जिसमें सर्वाधिक 48 घरेलू प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर के अंतर्गत हुए हैं जो कि चिंताजनक हैं। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोई भी प्रसव घर पर न हो, गर्भवती महिलाओं के परिजनों को संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जाए, जनपद में जो घरेलू प्रसव हुए हैं, उनकी सूची बनाकर प्रस्तुत की जाए, घर पर हुये प्रसव वाली प्रसूताओं, बच्चों की आशा, ए.एन.एम. द्वारा गहन निगरानी की जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23837 के सापेक्ष माह दिसंबर तक 16657 संस्थागत प्रसव हुए, माह दिसंबर में जनपद में 3478 प्रसव हुए, जिसमें से 2308 प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में, 1013 निजी चिकित्सालयों में एवं 157 घरेलू प्रसव हुए हैं, निजी चिकित्सालयों में हुए प्रसव में सर्वाधिक 102 प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेवर क्षेत्र में हुए, जिस पर उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारी बेवर को आदेशित करते हुए कहा कि इस ओर ध्यान दें, गरीब, संसाधनहीन व्यक्तियों को सरकारी चिकित्सालयों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले ताकि उन्हें आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

श्री सिंह ने कहा कि माह दिसंबर में प्र. चिकित्साधिकारी घिरोर व उनकी टीम द्वारा अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य किया गया है, जिस पर उन्होंने एम.ओ.आई.सी. घिरोर व उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र एवं माह दिसंबर में सबसे खराब कार्य करने पर एम.ओ.आई.सी. करहल, बरनाहल को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों के अधीन प्रतिमाह एक बेहतर कार्य करें, किए गए कार्य का प्रस्तुतीकरण शासी निकाय की बैठक में किया जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वी.एच.एन.डी. सत्र किसी भी दिशा में किसी के घर, निजी स्थल पर आयोजित न किए जाएं, वी.एच.एन.डी. सत्र विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत सचिवालय, अन्य किसी शासकीय भवनों में ही आयोजित हो। उन्होंने पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम के अंतर्गत संचालित अल्ट्रासाउंड सेन्टर की नियमित जांच कर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से निर्धारित शर्तों का पालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश नोडल अधिकारी को दिए।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि राशन डीलरवार पात्र गृहस्थ राशन कार्ड के 06 यूनिट वाले कार्ड धारकों की सूची तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायें, पात्र गृहस्थ राशन कार्ड धारकों के अंतर्गत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति मंडल में सबसे खराब है, अभी तक 02 लाख 14 हजार के सापेक्ष पात्र गृहस्थ राशन कार्ड धारकों के मात्र 01 लाख 73 हजार गोल्डन कार्ड ही बन पाए हैं। उन्होने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान महिला नसबंदी के लक्ष्य के सापेक्ष बेहतर प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कैंप आयोजित कर पुरूष नसबंदी के लक्ष्य की भी पूर्ति करने के आदेश प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिये, परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में महिला नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 1000 के सापेक्ष अब तक मात्र 907 एवं पुरुष नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 20 के सापेक्ष मात्र 05 की पूर्ति की चुकी है। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद में चिन्हित क्षय रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं का लाभ समय से मिले ताकि वह जल्द से जल्द सेहतमंद हो सके, क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जनपद की 20 ग्राम पंचायतें टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत घोषित हेतु चयनित हुयी हैं, इन ग्राम पंचायतों में 01 से अधिक टी.बी. का मरीज नहीं हैं, 28 दिसम्बर तक चयनित ग्राम पंचायतों में सर्वे का कार्य पूर्ण कराकर इन्हें क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत घोषित कराने की कार्यवाही होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर.सी. गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. मदन लाल, जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव राव बहादुर, डॉ अनिल वर्मा, एस.एम.ओ. डी.एम.सी. यूनिसेफ संजीव पांडेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आशुतोष, आई.एम.ए. के प्रतिनिधि डॉ. संजय अग्रवाल, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, डी.पी.एम. संजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
चिन्हित सैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाया जाये-अविनाश।

मैनपुरी 18 जनवरी, 2024- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने पोषण अभियान के अंतर्गत गठित जिला पोषण समिति की बैठक में सी.डी.पी.ओ., खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अगले 02 दिन में प्रत्येक दशा में विद्यालय की 200 मीटर की परिधि के बाहर संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में गैस, बर्तन की उपलब्धता सुनिश्चित करायें ताकि उन आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को भी हॉट कुक्ड योजना के अन्तर्गत पका-पकाया गर्म भोजन मिल सके। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि अभी जनपद के 270 आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को गैस, बर्तन न होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, यदि 02 दिन में नॉन कोलोकेटेड विद्यालयों में हॉट कुक्ड योजना प्रारंभ नहीं हुयी तो जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने समीक्षा के दौरान ई-कवच पोर्टल पर सैम, मैम बच्चों की फीडिंग, फॉलोअप फीडिंग की प्रगति खराब पाए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि आशा, ए.एन.एम. आपस में समन्वय स्थापित कर सैम, मैम बच्चों, गर्भवती महिलाओं की सेहत सुधारने की दिशा में कार्य करें, बीपीएम, बीसीपीएम ई-कवच पर प्रतिमाह फीडिंग का कार्य करना सुनिश्चित करें।
कुपोषण मुक्त जनपद बनाने में बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मिलकर कार्य करें-जिलाधिकारी।

श्री सिंह ने प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चिन्हित अति कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनकी सेहत में सुधार लाया जाए, एन.आर.सी. का कोई बेड किसी दिन खाली न रहे, प्रत्येक विकासखंड से चिन्हित बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कराया जाए। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 2736 सैम एवं 5529 मैम बच्चे चिन्हित हैं, जिनमें से माह दिसम्बर में 392 सैम एवं 589 मैम बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है, माह दिसम्बर में पोषण पुनर्वास केन्द्र में 15 बच्चे भर्ती हुये, माह दिसम्बर में विकास खंड करहल, किशनी, घिरोर, जागीर से एक भी बच्चा पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती नहीं हुआ, सर्वाधिक 04-04 बच्चे विकास खंड बरनाहल, बेवर से एन.आर.सी. में भर्ती कराये गये, जिस पर उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुये प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी करहल, किशनी, घिरोर, जागीर से कहा कि कार्यशैली सुधारें, तत्काल क्षेत्र के चिन्हित सैम बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कराकर उनकी सेहत सुधारने की दिशा में कार्य करें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद के 483 आंगनबाड़ी केन्द्रों मे 02 या 02 से अधिक सैम बच्चे हैं, विकास खंड सुल्तानगंज केे 89, घिरोर के 71, मैनपुरी देहात के 69 आंगनबाड़ी केन्दों के अधीन सर्वाधिक सैम बच्चे चिन्हित हैं, जिस पर उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. से कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, ए.एन.एम. के माध्यम से चिन्हित बच्चों की सेहत की बेहतर देखभाल करायें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.सी.गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुप्रिया गुप्ता, समस्त खंड विकास अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेई ने किया।
मैनपुरी 18 जनवरी, 2024- उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग द्वारा विपणन विकास सहायता (एस.सी.एस.पी.) योजना अन्तर्गत 01 दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन विकास खण्ड बरनाहल के प्रांगण में सम्पन्न हुआ, इस अवसर पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव ने विभाग द्वारा संचालित योजनाऐं यथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, कौशल विकास योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं कौन सा उद्योग लगाऐं, कहॉं लगाएं और उद्योग शुरू होने के बाद आने वाली समस्याओं का कैसे निवारण किया जाए, इन सबकी विस्तृत जानकारी दी साथ ही उक्त कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने भारी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया।
जागरूकता शिविर में विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने रोजगारपरक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला सेवायोजन अधिकारी विकास मिश्रा, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान करहल, जिला कौशल प्रबन्धक, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक (डी.डी.यू.जी.के.वाई.) अवनीश कुमार, अमित कुमार, जयपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।



