मैनपुरी(सूवि) 26 नवम्बर, 2021- कुछ विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति के कारण जनपद शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में खराब स्थिति में है, कई योजनाओं में डी श्रेणी में होने के फलस्वरुप जनपद की रैंकिंग खराब है, संबंधित अधिकारी अपने विभाग की संचालित योजनाओं की स्वयं समीक्षा करें, डी श्रेणी को सी श्रेणी में, सी श्रेणी वाली योजनाओं को बी कैटेगरी में लाने के लिए प्रयास करें, अभियान चलाकर पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं, कैंप आयोजित कर परिवार नियोजन की प्रगति सुधारी जाए, एन.पी.ए. की वसूली हेतु ए आर को-ऑपरेटिव प्रभावी कार्यवाही करें, बड़े बकायादारों से सख्ती से एन.पी.ए. की वसूली की जाये, सभी विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के सभी बिंदुओं से संतृप्त किया जाए, पूर्व में दिये गये निर्देशों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये, समस्त सामुदायिक, प्राथमिक, जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन कम से कम 200 बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की एलाईजा जांच की जाये, बेसहारा गौवंश सड़कों पर दिखाई न दे, सड़कों पर घूम रहे गौवंशों को तत्काल संचालित गौशालाओं में संरक्षित किया जाये, गौशालाओं में संरक्षित पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच हो, उनके चारे-भूसे, दाने की मुकम्मल व्यवस्था रहे, सर्दी से बचाव हेतु पर्याप्त इंतजाम किये जायें।
उक्त निर्देश आयुक्त आगरा मंडल आगरा अमित गुप्ता ने मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड, परिवार नियोजन, सहकारी देयों एवं एन.पी.ए. की वसूली में जनपद डी श्रेणी में हैं, इस पर उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि गांव-गांव कैंप लगाकर अवशेष पात्रों के प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों के भी आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता पर बनाए जाएं ताकि उन्हें भी बीमार होने की दशा में योजना का लाभ मिल सके, प्रत्येक सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ समय से उपस्थित हो और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें। उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत महिला, पुरुष नसबंदी की प्रगति सुधारने के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर प्रसूताओं को समय से जे.एस.वाई. का लाभ प्रदान किए जाने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु संचालित टीकाकरण अभियान की प्रगति सुधारी जाये, प्रतिदिन के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष टीकाकरण से अवशेष व्यक्तियों का टीकाकरण कराया जाये, जिन व्यक्तियों को प्रथम डोज का टीका लग चुका है, उन्हें समय से दूसरा टीका भी लगाया जाये, जहां-जहां टीकाकरण सत्र आयोजित हो रहे हैं, वहां समय से टीम उपस्थित रहकर टीकाकरण का कार्य करे। उन्होने निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा कि जो भी कार्य संचालित हैं, उन्हें समयबद्ध, गुणवत्तापरक ढंग से तत्काल पूर्ण कराकर संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए, निर्माण कार्य में मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राय, संयुक्त विकास आयुक्त शशि मौली मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पी.पी. सिंह, उप निदेशक सांख्यिकी नवीन कुमार चतुर्वेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



