मैनपुरी (सूवि) उ.प्र. कौशल विकास मिशन के अंतर्गत गठित जिला कौशल समिति की बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने प्रशिक्षण पार्टनर से कहा कि आप सब गरीब परिवारों के बच्चों को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं, आप सब जिम्मेदारी से अपने कार्य को अंजाम दें, बच्चों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें ताकि गरीब परिवार के बच्चे स्वावलंबी बन सके, उनके जीवन में खुशहाली आयें। उन्होने उ.प्र. कौशल विकास मिशन के अंतर्गत जनपद में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया कि राज्य कौशल मिशन के तहत विभिन्न एकीकृत योजनाओं में वार्षिक लक्ष्य 2700 के सापेक्ष अब तक 2463 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 1309 लक्ष्य के सापेक्ष 695 गरीब परिवारों के बच्चों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, उक्त योजनाओं में बीपीएल-2002 की सूची में चिन्हित परिवारों, मनरेगा में पिछले 03 वर्षों में प्रतिवर्ष कम से कम 35 दिन की मजदूरी करने वाले परिवारों के 18 से 35 आयुवर्ग के ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसके अतिरिक्त पी.आई.पी.पी. योजना के तहत बी.पी.एल. सूची, मनरेगा में कार्य करने वाले व्यक्तियों के अतिरिक्त अन्य गरीब परिवारों के बच्चों को प्रशिक्षण प्रदान किये जाने का प्राविधान है, जिस पर उन्होने प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण को निर्देशित करते हुये कहा कि खंड विकास अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, जिला समाज कल्याण अधिकारी से समन्वय स्थापित कर गरीब परिवारों के बच्चों की सूची बनाकर इस योजना में उन्हें प्रशिक्षण दिलाया जाये ताकि वह भी प्रशिक्षण पाकर रोजगार प्राप्त कर सकें।
श्री सिंह ने जेल स्किल डैवलपमेंट, उ.प्र. कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत जिला कारागार में निरूद्ध कैदियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के सम्बन्ध में चर्चा करते हुये कहा कि जेल अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर कैदियों को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाये, जिला कारागार में निरूद्ध महिला बंदियों को ब्यूटी पार्लर, सिलाई ट्रेड में प्रशिक्षण दिलाया जाये। उन्होने जानकारी करने पर पाया कि कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षित, परिणाम घोषित प्रशिक्षणार्थियों को निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा 2022-23 में 324 एवं वर्ष 2023-24 में अब तक 36 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार मेलों के माध्यम से सेवायोजित किया गया।
समीक्षा के दौरान प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने बताया कि जनपद में निजी, राजकीय प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा 14 से 35 आयु वर्ग के युवक-युवतियों का पंजीकरण कर इलैक्ट्रॉनिक ट्रेड, हेल्थ केयर, रिटेल, हेण्डीक्राफ्ट एंड कार्पेट, इलेक्ट्रीशियन, कंस्ट्रक्शन, घरेलू उपकरण, निर्माण आदि में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी विकास मिश्रा आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रवि भूषण ने किया।




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