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मैनपुरी(सूवि) 11 नवम्बर, 2021- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कर-करेत्तर, राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक से अनुपस्थित अधिशासी अधिकारी करहल, घिरोर को कारण बताओ नोटिस जारी करने, खनन की वसूली की प्रगति निराशाजनक पाए जाने पर खनन निरीक्षक को चेतावनी जारी करने के निर्देश देते हुए अधिशासी अधिकारियों से कहा कि नगर निकाय निर्माण कार्यों के बजाय नगर वासियों को मूल-भूत सुविधाएं मुहैया कराने पर ज्यादा ध्यान दें, साफ-सफाई, फागिंग, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए, कूड़े का उचित निस्तारण किया जाए, सड़क के किनारे किसी भी नगर पालिका, नगर पंचायत में कूड़े के ढेर दिखाई न दे, कूड़ा निर्धारित डंपिंग ग्राउंड पर ही गड्ढा खोदकर डलवाया जाए, जिन नगर निकायों में डंपिंग ग्राउंड की भूमि चयनित नहीं है, वहां आम सहमति से भूमि का चिन्हाकंन कर डंपिंग ग्राउंड बनाया जाए और वहीं कूड़ा डाला जाए यदि किसी भी नगर निकाय में सड़क के किनारे कूड़े के ढेर दिखाई दिए तो संबंधित अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
श्री सिंह ने उप जिलाधिकारियों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में नेतृत्व देकर कार्य करायें, प्रतिदिन क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर पट्टा सत्यापन, मतदाता सूची पुनरीक्षण, राजस्व वसूली, संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं, गौशालाओं, साफ-सफाई, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में शिक्षण कार्य, शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी करें, अमीनों, लेखपालों की सप्ताह में एक दिवस निर्धारित कर समीक्षा करें, अमीनों से विभागवार डिमांड रजिस्टर बनवाएं, अमीनो के दाखिले के समय उप जिलाधिकारी, तहसीलदार स्वयं उपस्थित रहकर समीक्षा करें, 10 बड़े बकायेदारों से प्राथमिकता पर वसूली की जाए, 01 लाख से बड़े बाकीदारों की प्रथक-प्रथक पत्रावलियां तैयार की जाए। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, विद्युत देय, वाणिज्यकर, परिवहन, खनन, आबकारी विभाग की लंबित आर.सी. की प्राथमिकता पर वसूली की जाए। उन्होेने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों से कहा कि निर्धारित दिवसों पर न्यायालयों में अवश्य बैठें, 03 वर्ष, 05 वर्ष पुराने वादों की पत्रावलियों के ऊपर लाल फ्लैग कर सप्ताह में 02 बार तिथि निर्धारित कर पुराने लंबित वादों को प्राथमिकता पर निबटाया जाए, दायरे से अधिक निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक तहसील क्षेत्रातर्गत दो-तीन साल पुराने सबसे विवादित पैमाइश के प्रकरण पर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार पुलिस के साथ मौके पर जाकर प्रत्येक तहसील में माह में कम से कम 01-01 पुराने विवादित पैमाइश के प्रकरण का निराकरण करें, मौके पर स्वयं निर्णय लेकर विवाद का निबटारा किया जाये। उन्होंने समीक्षा के दौरान नगर निकाय की वसूली की प्रगति खराब पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि तत्काल गृहकर का निर्धारण कर गृहकर, जलकर की वसूली की जाए, नगर निकायों के आय स्रोत बढ़ाने की दिशा में नगर निकाय के अधिकारी, कर्मचारी कार्य करें, तत्काल गृहकर, जलकर के बिल जनरेट कर उपभोक्ताओं को तामील कराकर वसूली की जाए, नगर निकाय की वसूली की प्रगति बेहद निराशाजनक है, कार्यों के प्रति लापरवाही, निकम्मापन किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगा, कार्यों में लापरवाही बरतने वाले, समय से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति न करने, निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वसूली की प्रगति शत-प्रतिशत न करने वाले अधिकारी, कर्मचारी दंडित होंगे।
समीक्षा के दौरान खनन विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 50 प्रतिशत वसूली पाए जाने पर खनन अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि ईंट भट्टों से प्राथमिकता पर रॉयल्टी जमा कराएं, अवैध खनन किसी दशा में न हो, अवैध बालू भंडारण, लीज पट्टे पर कार्यवाही की जाए, वसूली की प्रगति सुधारने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं। उन्होंने आबकारी विभाग की समीक्षा करने पर पाया कि मासिक लक्ष्य 27 करोड़ 29 लाख के सापेक्ष 22 करोड़ 80 लाख की वसूली की जा चुकी है, चालू वित्तीय वर्ष में 2527 लीटर कच्ची शराब की बरामदगी करते 53 मुकदमे पंजीकृत कराये गये, 09 व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई।उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थान पर अवैध, कच्ची शराब की बिक्री किसी भी दशा में न हो, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, आबकारी अधिकारी संयुक्त रूप से निरंतर चेकिंग अभियान चलाएं, शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत से कहा कि एकमुश्त समाधान योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाए, यह योजना 30 नवंबर तक लागू है इसका फायदा अधिक से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा कराकर योजना में लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने सचिव मंडी से कहा कि जिन-जिन मंडियों में धान क्रय केंद्र संचालित है, वहां सचिव निरंतर भ्रमण कर व्यवस्था देखें, किसी भी किसान को अपना धान बेचने में कोई असुविधा न हो, किसी भी किसान का शोषण आढ़तियों द्वारा न किया जाए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि 742 निरीक्षण एवं 118 छापों की कार्यवाही कर 157 नमूने लिए गए, जिसमें से 129 के विरुद्ध वाद दायर कराए गए, 87 वाद निर्णित हुए, जिनसे 25 लाख 28 हजार का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने सिंचाईं, कृषि विपणन, बांट-माप, वन विभाग, परिवहन, स्टांप एवं निबंधन, वाणिज्यकर आदि की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग प्रवर्तन कार्य बढ़ाकर वसूली की प्रगति सुधारें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, उप जिलाधिकारी सदर, घिरोर, कुरावली, किशनी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सनिल द्विवेदी, प्रशासनिक अधिकारी हरेंद्र कुमार, समस्त तहसीलदार, जिला आबकारी अधिकारी, डीसी वाणिज्य कर, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभाग प्रभारी आदि उपस्थित रहे।