मैनपुरी (सूवि)11 नवम्बर, 2021- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर में स्थित कान्हा गौशाला का निरीक्षण करते हुए कहा कि गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों की उचित देखभाल की जाए, संरक्षित गौवंश की शत-प्रतिशत ईयरटैगिंग हो, समय से सभी पशुओं के टीके लगाए जाएं, पशु चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने अधीन संचालित गौ-संरक्षण केंद्रों का नियमित रूप से भ्रमण कर पशुओं की देखभाल करें, सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा-चारा-दाना उपलब्ध रहें। सर्दी के मौसम में यथासंभव गाय के लिए गुड़ की व्यवस्था की जाए, गौशालाओं में साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता के बेहतर प्रबंध रहे, सर्दी के मौसम में गौवंश को ठंड से बचाने के लिए मुकम्मल व्यवस्था की जाए, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की संचालित गौशालाओं का निरंतर भ्रमण कार व्यवस्थाएं देखें।
श्री सिंह ने मौके पर उपस्थित अधिशासी अधिकारी नगर पालिका से जानकारी करने पर पाया कि कान्हा पशु आश्रय स्थल में 646 गोवंश संरक्षित है, जिसमें से 212 नंदी, 356 गाय एवं 78 बच्चे है, अब तक गौशाला से 322 दुधारू गाय सहभागिता योजना के तहत उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, संरक्षित गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत की ईयरटैगिंग हो चुकी है, गौशाला में संरक्षित गौवंश की देखभाल हेतु 25 कर्मी तीन शिफ्ट में तैनात किए गए हैं, संरक्षित गौवंश हेतु पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा, दाना उपलब्ध है। उन्होंने मौके पर उपस्थित पशु चिकित्सा अधिकारी डा. सोमदत्त को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी दो-तीन दिन में संरक्षित अवशेष गौवंश की शत-प्रतिशत ईयरटैगिंग कराई जाए, मुंह-पका, खुर-पका के टीके समय से लगाए जाएं, गौशाला में पशुओं हेतु पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी उपलब्ध रहें ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बीमार पशुओं को दी जा सके। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से कहा कि शहर में जो भी आवारा, निराश्रित गौवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, उन्हें तत्काल पकड़वाकर गौशाला में लाया जाए, कोई भी निराश्रित गोवंश सड़कों पर दिखाई न दे।
जिलाधिकारी ने कहा कि उपलब्ध गोबर से गोबर गैस, कंडे बनाये जाएं और उसकी बिक्री की व्यवस्था की जाए, अंत्येष्टि स्थल पर अंत्येष्टि में गाय के गोबर के कंडो का प्रयोग करने हेतु लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होने कहा कि दुधारू गायों, छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए, सभी अभिलेख अद्यावधिक रहें, आने वाले भूसे-चारे का अंकन किया जाए, दूध, गोबर, खाद आदि की बिक्री का भी पूरा हिसाब रखा जाए, सभी गौवंश को भरपेट चारा-भूसा खिलाया जाए, बछड़ांे के बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा देवी, लक्ष्मण गुप्ता, अधिशासी अधिकारी लालचंद भारती, गौशाला के केयरटेकर सर्वेश कुमार आदि उपस्थित रहे।