बुखार होने की दशा में तत्काल समीपवर्ती सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपस्थित प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाकर इलाज करायें, जिला चिकित्सालय आकर स्वास्थ्य सेवाएं लें, खान-पान का ध्यान रखें, चिकित्सक द्वारा उपलब्ध करायी गयी दवाएं समय से खायें, घबराएं नहीं, समय से इलाज कराने पर 02-03 दिन में बुखार के मरीज ठीक हो रहे हैं। अप्रशिक्षित, झोलाछाप डाॅक्टर्स से इलाज न करायें, खून की जांच सरकारी अस्पताल, पंजीकृत पैथोलाॅजी से ही करायें, बिना चिकित्सक की सलाह के दवा का सेवन न करें, स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में स्थापित फीबर हेल्पडेस्क के दूरभाष संख्या- 05672- 240251 पर काॅल करें, किसी के बहकावे में न आयें, ज्वर आने पर मन में भ्रम न पालें बल्कि तत्काल प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श कर दवा लें।
उक्त उद्गार जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने महाराजा तेज सिंह जिला चिकित्सालय के आपातकालीन वार्ड, मेडिकल, सर्जिकल, आयुष्मान, बाल रोग वार्ड, द्वितीय तल के वार्ड संख्या- 01-06 के निरीक्षण के दौरान मरीजों से प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी करते हुये व्यक्त किये। उन्होने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाॅफ से कहा कि ड्यूटी के दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों की उचित देखभाल करें, मरीजों को आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाये, भर्ती मरीजों को समय से उत्तम क्वालिटी का नाश्ता, दोपहर, शाम का खान उपलब्ध कराया जाये, मुख्य चिकित्साधीक्षक निरतंर भ्रमणशील रहकर भर्ती मरीजों से संवाद करें।
श्री सिंह ने मरीजों, उनके परिजनों से वार्ताकर प्रदान की जा रही स्वास्थ सेवाओं की जानकारी ली, अधिकांश मरीजों केे परिजन जिला चिकित्सालय में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे, कई मरीजों ने बताया कि जिला चिकित्सालय में भर्ती होने के बाद उन्हें काफी आराम है, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाॅफ द्वारा समय से स्वास्थ्य की जांच की जा रही है, समय से दवाएं मुहैया करायी जा रही हैं, जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाऐं ठीक हैं। उन्होने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ से कहा कि बुखार से पीड़ित सभी मरीजों की तत्काल सेंपलिंग कराई जाए, मलेरिया की जांच जिला चिकित्सालय में ही करायी जाये, चिकित्सालय के सभी शौचालयों में पानी 24 घंटे उपलब्ध रहे, साफ-सफाई के बेहतर प्रबन्ध किये जायें, प्रत्येक वार्ड में दिन में कम से कम 02 बार सफाई करायी जाये, मच्छर वार्ड में न रहें इसके लिए फांगिंग करायी जाये, मरीजों के पीने हेतु स्वच्छ पानी की उपलब्ध्ता सुनिश्चित की जाये, मुख्य चिकित्साधीक्षक, वरिष्ठ फाॅर्मेसिस्ट निरतंर क्रियाशील रहकर व्यवस्थाएं देखें, चिकित्सक मरीजों से लगातार संवाद करें, यदि किसी को कोई समस्या हो तो तत्काल निदान कराया जाये, मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, सुनिश्चित किया जाये।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. अरविन्द गर्ग, प्रभारी अधिकारी फाॅर्मेसिस्ट ऋषी यादव आदि उपस्थित रहे।