
मैनपुरी 27 जुलाई, 2023- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला स्तरीय समीक्षा समिति, बैंकर्स की बैठक की समीक्षा के दौरान बैंकर्स से कहा कि जनहित में कार्य करें, शासन की जन-कल्याणकारी, लाभार्थी परक परियोजनाओं में प्राथमिकता पर उपलब्ध कराएं, ऋण-वितरण में बैंकर्स विलंब न करें, स्वीकृत पत्रावलियों पर तत्काल ऋण-वितरण किया जाए, बैंकर्स अपने यहां अकारण पत्रावलियों को लंबित न रखें यदि ऋण स्वीकृत न हो सके तो आख्या अंकित कर पत्रावली संबंधित विभाग को वापस भेजी जाए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, इंडियन बैंक, आई.सी.आई.सी.आई. बैंक का ऋण-जमानुपात बेहद खराब है, संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक, जिला समन्वयक इस ओर ध्यान देकर सीडी रेशियो सुधारें।उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बैंकर्स की शिथिल कार्यशैली ऋण वितरण में विलंब करने के कारण प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय से लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है, बैंकर्स की हीला-हवाली के कारण स्वःरोजगार स्थापित करने वाले व्यक्तियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, बैंकर्स कार्यशैली सुधारें, विभिन्न योजनाओं मे की प्रेषित पत्रावालियांे को तत्काल स्वीकृत कर ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें।
श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्पेशल कंपोनेंट, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं में प्रेषित आवेदन पत्रों के सापेक्ष ऋण वितरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है, बैकर्स माह के अंत तक प्रगति सुधारें। उन्होने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 210 के सापेक्ष 123 पत्रावलियां बैंकों को पे्रषित की गयीं, जिसमें से 33 पत्रावलियों को स्वीकृत कर विभिन्न बैंकों द्वारा 10 पत्रावलियों पर ऋण-वितरण किया गया, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के वार्षिक लक्ष्य 173 के सापेक्ष 32 पत्रावलियां पे्रषित की गयीं, जिसमें से 11 स्वीकृत कर 03 पर ऋण-वितरण किया गया, एक जनपद-एक उत्पाद में वार्षिक लक्ष्य 120 के सापेक्ष 38 पत्रावलियां बैंकों को पे्रषित की गयी, जिसमें से 09 पत्रावलियां स्वीकृत कर 01 आवेदन पत्रों पर ऋण वितरण किया गया, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वार्षिक लक्ष्य 36 के सापेक्ष 15 पत्रावलियां बैंकों को पे्रषित की गयीं, जिसमें से 05 पत्रावलियां स्वीकृत कर 05 पर ऋण-वितरण किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि गत बैठक से अनुपस्थित बैंक ऑफ बडौदा, इंडियन बैंक के प्रकरण को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को रेफर किया जाए। उन्होने बैंकर्स से कहा कि शिक्षा ऋण लेने वाले छात्रों को प्राथमिकता पर ऋण वितरण किया जाए ताकि छात्रों को आर्थिक संबंधी किसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होने किसान क्रेडिट कार्ड की विभागवार समीक्षा करने पर पाया कि मत्स्य विभाग द्वारा वार्षिक लक्ष्य 318 के लक्ष्य के सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 217 पत्रावलियां प्रेषित की गई, जिनमें से 182 पत्रावलियों पर केसीसी जारी हुए, मत्स्य विभाग की सर्वाधिक 72 पत्रावलियां ग्रामीण बैंक में लंबित हैं, पशुपालन विभाग द्वारा 144 पत्रावलियां प्रेषित की गईं, जिनमें से बैंकर्स द्वारा मात्र 04 पत्रावलियों को ही स्वीकृत किया गया, यह स्थिति बेहद निराशाजनक है।
बैठक में रिजर्व बैंक, नाबार्ड के प्रतिनिधि, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए., उपायुक्त एन.आर.एल.एम., उपायुक्त उद्योग, ग्रामोद्योग अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबन्धक अनिल प्रकाश तिवारी ने किया।



