मैनुपरी (सूवि) केंद्र, प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक उत्थान, सशक्तिकरण के साथ-साथ उनकी शिक्षा, चिकित्सा, सुरक्षा के प्रति गंभीर हैं, महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर सशक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है, उन्हें बैंकों के माध्यम से सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वह अपना स्वःरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से मजबूत होकर आत्मनिर्भर बन सकें। जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित कुछ स्वयं सहायता समूह ने बेहतर कार्य कर जनपद का नाम रोशन किया है, समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे हैं सामान की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन संवेदनशील है।
उक्त उद्गार जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एवं उ.प्र. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वाधान में विकास भवन प्रांगण में दि. 21 दिसंबर से 23 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 03 दिवसीय शरद मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि मेला राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पाद किए गए सामान की बिक्री को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा, दूर-दराज ग्रामीण अंचलों में संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री को प्लेटफार्म मिलेगा, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित किए गए सामान की बिक्री बढ़ेगी तो समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। उन्होने उपस्थित स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों का आव्हान करते हुये कहा कि अपने-अपने समूह के उत्पादों को बढ़ाने की दिशा में कार्य करें, मसाला समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पादन की आपूर्ति बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, सरकारी चिकित्सालयों, संचालित छात्रावासों, जिला कारागार आदि सरकारी संस्थानों में करायी जायेगी।
श्री सिंह ने कहा कि समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे सामान का इस मेले में प्रदर्शन होगा, उनके द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने डी.सी.एन.आर.एल.एम. से कहा कि समूह से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए ताकि वह भी विकास की दौड़ में शामिल हो सके और उनका, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हो। उन्होने डी.डी.एम. नवार्ड से कहा कि स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनपद के सर्वागींण विकास में अपना योगदान दें, नवार्ड के माध्यम से पर्यावरण, जनपद की वैटलैंड के क्षेत्र, सारस सर्किट के विकास के साथ-साथ मत्स्य पालन, डेयरी, कुक्कुट पालन आदि योजनाओं को शामिल कर लोगों को ऋण उपलब्ध करायें ताकि अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की योजनाओं का लाभ पा सकेें।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि शरद मेले से समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, उन्हें अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि जनपद में संचालित सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई हेतु टॉयलेट क्लीनर, झाड़ू आदि महिला समूह से क्रय की जायें ताकि उनके उत्पाद की बिक्री को बढावा मिले, सिलाई, कड़ाई के कार्य में लगे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से स्कूली बच्चों के ड्रेस सिलवाये जायें, अचार-मुरब्बा, तारकशी से बने सामान की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सभी लोग प्रयास करें। डी.डी.एम. नवार्ड अनुपम दत्ता ने उपस्थित महिलाओं को नवार्ड की संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने शरद मेले में गौरी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित तारकशी, राधे-राधे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित मसाले, जय बालाजी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे दलिए, दुर्गा मां महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए कपड़े के पैरदान, गंगा महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा विद्युत बिल कलेक्शन, खाटू श्याम महिला समूह द्वारा बनाए गए दोना-पत्तल, विष्णु महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा कॉस्मेटिक के सामान, कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की जा रही झाड़ू, भैरों बाबा महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पाद टॉयलेट क्लीनर, बाबा जाहरवीर स्वयं सहायता समूह, शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के उत्पाद झाड़ू, जय माता दी स्वयं सहायता समूह के उत्पाद कॉस्मेटिक, बीसी सखी से जुड़े नारायण स्वयं सहायता समूह, आर.से.टी. के स्टॉल पर जाकर समूह की महिलाओं से संवाद कर उत्पादन बिक्री की जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया कि संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से निरंतर संवाद बनाए रखें यदि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे सामान की बिक्री में कहीं कोई कठिनाई हो तो उसे दूर कराएं, उत्पादित सामान की बिक्री की समुचित व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. के.के. सिंह, डी.सी.एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, जिला अग्रणी प्रबन्धक अनिल प्रकाश तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चन्द, सुमित सिंह, संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आदि उपस्थित रहे।