
मैनपुरी 15 दिसम्बर, 2022- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि जो भी कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनकी जिला स्तर से गठित टेक्निकल टीम से जांच कराकर तत्काल संबंधित विभाग को हैंड ओवर किया जाए, जिन परियोजनाओं पर धनराशि उपलब्ध नहीं है, उन पर पूर्व में अवमुक्त धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र भेजकर शेष धनराशि अबमुक्त कराने हेतु पत्राचार किया जाए, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, मानकों की अनदेखी करने, अद्योमानक कार्य पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय कर वैधानिक कार्यवाही होगी। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इज्जत पुर खुजरारा में निर्माणाधीन वृहद गौशाला के भूमि चयन में लापरवाही बरती गई है साथ ही कार्यदायी संस्था द्वारा अभी तक कार्य भी पूर्ण नहीं किया गया है।
श्री सिंह ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी करहल को निर्देशित करते हुए कहा कि कल दि. 16 दिसंबर को कार्यदायी संस्था के अभियंता के साथ मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर जो भी कमियां हो उन्हें दूर कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, गौशाला को तत्काल क्रियाशील कराकर क्षेत्र के निराश्रित गौवंशों को संरक्षित करने की कार्यवाही की जाए।उन्होंने समीक्षा के दौरान गोल्डन कार्ड की प्रगति ठीक न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि गोल्डन कार्ड की प्रगति सुधारने के लिए अपने स्तर से प्रभावी कार्यवाही करें, जिला पूर्ति अधिकारी कोटेदारों का सहयोग लेकर शेष अन्त्योदय कार्ड धारकों के भी गोल्डन कार्ड बनवायें। उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी से जानकारी करने पर पाया कि अभी पंजीकृत 29 हजार श्रमिकों के सापेक्ष मात्र 09 हजार श्रमिकों के गोल्डन कार्ड बने हैं, जिस पर उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सप्ताह में एक बार अपने कार्यालय में कैंप का आयोजन कराकर कम से कम 500 व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड प्रत्येक कैंप में बनवाकर लक्ष्य की पूर्ति करना सुनिश्चित करें, कैंप की तिथि से पूर्व गोल्डन कार्ड बनवाने से अवशेष श्रमिकों को दूरभाष पर सूचित किया जाये साथ ही जिन श्रमिकों ने मनरेगा में 100 दिन का कार्य पूर्ण कर लिया है उन्हें भी श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कराकर संचालित योजना से लाभान्वित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि सभी पाईप पेयजल योजनाएं क्रियाशील रहें, हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए साथ ही उपभोक्ताओं से निर्धारित यूजर चार्ज की वसूली भी की जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि मैम-सैम बच्चों के चिन्हांकन का कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ कराया जाए, चिन्हित कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों को जल्द से जल्द सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए, उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच हो, उन्हें भरपूर पोषक आहार मिले सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि आरबीएसके की टीम जब भी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को जाए तो उस दिन विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत सभी बच्चे उपस्थित रहे ताकि उनके स्वास्थ्य की जांच हो सके, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सैम-मैम बच्चों के चिन्हांकन के दौरान अब तक 4275 मैम, 1324 सैम बच्चे चिंन्हित किए गए हैं, पूर्व में चिन्हित सैम-मैम बच्चों में से 4870 बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ चुके हैं, कन्या सुमंगला योजना में 10066 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है अभी 375 आवेदन शेष हैं जिन्हें जल्द ही योजना में लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सुल्तानगंज से कहा कि अलीपुर खेड़ा में रिक्त राशन की दुकान का शासनादेश का पालन करते हुए तत्काल आवंटित किया जाए, आवंटन में स्वयं सहायता समूह को वरीयता दी जाए।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने समीक्षा के दौरान कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं में लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए, किसी भी योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ न मिले, सुनिश्चित किया जाए यदि किसी योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभान्वित किया गया तो संबंधित अधिकारी, कर्मचारी से धनराशि की वसूली होगी। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत से उनके क्षेत्र में बने सामुदायिक शौचालय की क्रियाशीलता, निर्धारित पैरामीटर की निरंतर जांच कराकर रिपोर्ट ली जाए, सभी सामुदायिक शौचालय क्रियाशील रहें, वहां रात्रि में प्रकाश की समुचित व्यवस्था रहे, साफ-सफाई के बेहतर इंतजाम हों, सामुदायिक शौचालय पर केयरटेकर, संबंधित सचिव का नाम, मोबाइल नंबर अवश्य लिखा हो। उन्होंने कहा कि कोई भी निराश्रित गोवंश सड़कों पर दिखाई न दे, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, पशु विभाग के अधिकारी सुनिश्चित करें कि निराश्रित गौवंश संचालित गौशालाओं में ही रहें, वहां उनकी उचित देखभाल की जाए, पशु चिकित्साधिकारी नियमित रूप से गौशालाओं का भ्रमण कर संरक्षित पशुओं की देखभाल करें, सहभागिता योजना के तहत गौशाला में संरक्षित गौवशों को गौपालकों को उपलब्ध कराया जाए और उन्हें सत्यापन के उपरांत समय से धनराशि भी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पी.पी. सिंह, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. के.के.सिंह, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, उप निदेशक कृषि डी.वी. सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रशांत, उपायुक्त उद्योग मो. सऊद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण, नहर, जल निगम, ट्यूबेल, खंड विकास अधिकारियों सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



