मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने ग्राम पंचायत करपिया के ग्राम नगला नाथ में ’’स्नेह का दीया आपके द्वार’’ के तहत गांव के लगभग 50 परिवारों को दीया, तेल, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, खील-बताशे, मिष्ठान के पैकेट, कम्बल एवं बच्चों को स्कूली बैग, पेंसिल बॉक्स, चॉकलेट, मिठाई, फल वितरित किए। जिलाधिकारी ने घुमंतू परिवार के रूप में सपेरा जाति के लोगों हेतु गांव में 03 बीघा भूमि का प्रस्ताव तत्काल तैयार कर भूमि को सपेरा जाति के लोगों के लिए शमशान के रूप में आरक्षित करने, गांव को संपर्क मार्ग से जोड़ने वाले मार्ग को जिला पंचायत के प्रस्ताव में शामिल कराकर पक्की सड़क का निर्माण कराये जाने, प्रत्येक पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने, वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाये जाने के साथ ही गांव के 03 निराश्रित बच्चे रोहित, मोहित, चांदनी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लाभान्वित कराकर तीनों बच्चों के प्राथमिकता पर आधार कार्ड बनाए जाने, आज सायं तक गांव में 06 सोलर लाइट की स्थापना कराये जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

समाज के सबसे उपेक्षित, निर्धन और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आज ऐतिहासिक और अत्यंत प्रेरक पहल की गई, जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत करपिया के मजरा नगला नाथ में ’प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन-चौपाल तथा सघन स्थलीय निरीक्षण का आयोजन संपन्न हुआ, दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले जिला प्रशासन का पूरा अमला जब अपनी सरकारी गाड़ियां छोड़कर कच्चे रास्तों, पन्नी, छप्पर से ढकी झुग्गियों के बीच पहुंचा तो वर्षों से उपेक्षित महसूस कर रहे ग्रामीणों की आंखें खुशी, कृतज्ञता से छलक उठीं। उन्होने जन-चौपाल में ग्रामीणों से सीधे आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए कहा कि त्योहारों की असली सार्थकता और खुशी तभी है जब समाज के संपन्न और विपन्न वर्ग के बीच की खाई पूरी तरह हट जाए और हर गरीब की झोपड़ी में खुशियों का उजाला फैले। उन्होने कहा कि प्रशासन का काम केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलों का निस्तारण करना नहीं बल्कि जनता के दुख-दर्द में साझीदार बनकर उनके जीवन को सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किए गए महत्वाकांक्षी ’स्नेह का दीया’ अभियान के माध्यम से अब तक जनपद के लगभग 15 हजार जरूरतमंद परिवारों के घरों तक स्नेह, मिट्टी के दीये, तेल, बाती पहुंचाई जा चुकी है ताकि कोई भी घर दीपोत्सव के दौरान अंधकार में न रहे।

जिलाधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक को आदेशित किया कि जिन परिवारों के राशन कार्ड अब तक तकनीकी या अन्य कारणों से नहीं बन सके हैं, उनके नए राशन कार्ड तत्काल जारी किए जाएं, परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होने के बावजूद राशन कार्ड में यूनिट कम दर्ज होने की शिकायत पर उन्होंने मौके पर ही यूनिट बढ़वाने और पूरे परिवार के आधार पर खाद्यान्न का वितरण कराने के आदेश दिए, स्थानीय कोटेदार को हिदायत देते हुए कहा कि वह किसी भी गरीब, असहाय या अनाथ बच्चे को राशन देने में कोताही न बरतें, जिन पात्र परिवारों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, उनके नाम अंत्योदय अथवा पात्रता सूची में जोड़कर निःशुल्क इलाज हेतु आयुष्मान कार्ड बनायें जायें। उन्होने अनाथ और बेसहारा बच्चों के प्रति अपार संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि माता-पिता के साये से वंचित निराश्रित बच्चों को तत्काल ’मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के तहत पंजीकृत किया जाए, इस कल्याणकारी योजना के जरिए अनाथ बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक रू. 04-04 हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई-लिखाई और परवरिश बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरी गरिमा के साथ हो सके। गांव की आंतरिक व्यवस्था को रोशन करने के लिए उन्होनेे ग्राम सचिव, प्रधान को आज शाम 07 बजे तक गांव में 06 स्ट्रीट, सोलर लाइटें अनिवार्य रूप से स्थापित कराकर लाइट जलने के बाद फोटो प्रेषित करने को कहा ताकि दीपावली से पूर्व पूरी बस्ती दूधिया रोशनी से जगमगा उठे। चौपाल के पश्चात उन्होने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण कर कच्चे मकानों, झोपड़ियों, सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के धरातल पर उतरने के बाद वह स्वयं पुनः गांव आकर प्रगति का स्थलीय जायजा लेंगे।

पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने शिक्षा के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक के जीवन में बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज 03 बच्चों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराया गया है और आगे भी उनके संपूर्ण भरण-पोषण एवं शैक्षणिक व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाई जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी दीपावली तक क्षेत्र का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा और सभी नियमित रूप से विद्यालय जाएँगे। उन्होने स्थानीय लोक संस्कृति एवं कला परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि पारंपरिक वाद्ययंत्रों बीन, डपली के माध्यम से प्रस्तुत सुर अत्यंत मनमोहक और समृद्ध लोक धरोहर के परिचायक हैं, ऐसी अनूठी लोक कलाओं और परंपराओं को निरंतर प्रोत्साहित एवं संरक्षित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रशासन, आमजन के बीच की दूरियाँ अब समाप्त हो चुकी हैं, यह स्नेह और दीपोत्सव की रोशनी सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बनकर उभरी है, जिससे गाँव शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि के हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुएगा।

इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, उप जिलाधिकारी भोगांव पीयूष कुमार जायसवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजेश बघेल, अल्प अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, तहसीलदार भोगांव जी. राम, क्षेत्रीय वनाधिकारी वंदना, खंड विकास अधिकारी निरजंन त्रिवेदी, खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे, बाल विकास परियोजना अधिकारी हृदय नारायन, ग्राम पंचायत सचिव धीर सिंह के अलावा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बिजेन्द्र सिंह उर्फ भल्लू चौहान, ग्राम प्रधान नीरज सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन सूरज दयाल ने किया।

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