मैनपुरी 16 जुलाई, 2022- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बैठक में उप जिलाधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मन योजना का लाभ पाने वाले सभी कृषकों का भू-लेख विवरण प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर 31 जुलाई तक अपलोड होना है, इस कार्यक्रम की समीक्षा भारत सरकार द्वारा सीधे की जा रही है, यह कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्णं होना है, इस कार्य में किसी स्तर पर विलम्ब अक्षम्य होगा, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल को कृषि विभाग द्वारा सूची उपलब्ध करायी जा चुकी है, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी तत्काल अपने लेखपालों के साथ बैठक कर प्रभावी कार्यवाही करें, डाटाबेस भरते समय उप जिलाधिकारी स्वयं देखें, किसी भी स्तर पर गलती की गुजांइश न रहे, सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि पात्र किसानों को योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर पात्रता के मानक के अनुसार कार्यवाही करने हेतु विभिन्न उपाय यथा आधार प्रमाणीकरण, पीएफएमएस पोर्टल पर लाभार्थियों के खातों का प्रमाणीकरण, आयकर विभाग के सर्वर से आयकरदाताओं की पहचान तथा केन्द्र सरकार के कर्मियों एवं पेंशनर्स की पहचान आदि अपनाएं गऐ हैं, पात्र किसानों की पहचान, उसका सत्यापन तथा लाभार्थी कृषकों की सूची का निरतंर सुधार किया जाना आवश्यक है।
श्री सिंह ने कहा कि पी.एम. किसान के लाभार्थियों के सम्बन्ध में त्रुटिरहित विवरण अंकित करने से किसान डाटाबेस भी तैयार होगा, जिसका उपयोग भविष्य की अन्य योजनाओं में भी किया जा सकेगा। उन्होने कहा कि दि. 31 जुलाई 22 तक प्रत्येक लाभार्थी कृषक की भूमि का सत्यापन आवश्यक रूप से पी.एम. किसान पोर्टल पर कर लिया जाये, भारत सरकार द्वारा पी.एम. किसान का डाटा डाउनलोड करने तथा राजस्व विभाग द्वारा लाभार्थी की भूमि सम्बन्धी सूचना एक्सेल शीट पर अपलोड कर पी.एम. किसान पोर्टल पर अपलोड करने हेतु स्टेण्डर्ड ऑपरेटर प्रोसीजर निर्गत किये गये हैं, जनपद स्तर पर कृषि निदेशक, राजस्व ग्रामवार निर्धारित प्रारूप पर समस्त लाभार्थियों का विवरण पोर्टल से निकालकर सम्बन्धित तहसील को हार्डकॉपी में हस्तगत करेंगे। उन्होने बताया कि राजस्व कर्मी अपने-अपने सम्बन्धित राजस्व ग्राम में उपलब्ध करायी गयी सूची के अनुसार लाभार्थी का विवरण एक्सेल शीट पर दर्ज करें, इस कार्य का पर्यवेक्षण तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी द्वारा करते हुये सयमबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेे, राजस्व कर्मियों से प्राप्त सूचना को एक्सेल शीट पर निर्धारित प्रारूप पर भरने के पश्चात उसे तहसील लॉग-इन से अपलोड किया जाये, सत्यापन की कार्यवाही के दौरान मृतक कृषक अथवा भूमिहीन, अन्य कारणों से अपात्र पाये गये लाभार्थी का भी चिन्हीकरण अलग से इंगित किया जाये, ऐसे लाभार्थी के भविष्य के किश्त को रोकते हुये, पूर्व किश्तों की वसूली की कार्यवाही भी की जाये।
उन्होने कहा कि मृतक भूमिधर की वरासन के आधार पर नए भूमिधर किसानों के सिवाय 01.02.2019 से पूर्व के भूमिधर किसान ही योजना के पात्र है, इसके अतिरिक्त उच्चतम आय की श्रेणी के किसान भी योजना की पात्रता से बाहर रखे गये हैं, नए कृषकों की पहचान कर उनका पी.एम. किसान पोर्टल पर पंजीकरण कराने, अपात्र किसानों को चिन्हित कर उन्हें डिलीट करने एवं ई.-के.वाई.सी. का कार्य पूर्ण करने तथा भूमि के विवरण सत्यापित करने की कार्यवाही की जाये। ई.-के.वाई.सी. की प्रगति की जानकारी करने पर उप कृषि निदेशक ने बताया कि तहसील भोगांव में 70 प्रतिशत, तहसील करहल में 65 प्रतिशत एवं तहसील सदर में 60 प्रतिशत किसानों की ई.-के.वाई.सी. का कार्य पूंर्ण हो चुका है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. के.के. सिंह, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली, नवोदिता शर्मा, कुलदेव, सत्येन्द्र सिंह, राम नारायण, शिव नारायण, युगान्तर त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक डी.वी. सिंह, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।