मैनपुरी: जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने आज कलेक्ट्रेट से शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ’’स्कूल चलो अभियान’’ के अंतर्गत एक विशाल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा मिले, स्कूल चलो अभियान के दौरान कोई भी लक्षित बच्चा विद्यालय में पंजीकरण से शेष न रहे। जन-जागरूकता रैली में विद्यार्थियों ने ’’शिक्षा ऐसी सीढ़ी है, जिससे चलती पीढ़ी है’, ’’शिक्षा से देश सजायेंगे, हर बच्चे को पढ़ायेंगे’’, ’’हम सबका है यही नारा, पढ़े लिखे समाज हमारा’’, ’’दीप से दीप जलाऐंगे, साक्षर देश बनाऐंगे’’, ’’आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे’’ और ’’पढ़ी-लिखी जब होगी नारी, तभी मिटेगी बीमारी’’ जैसे स्लोगन के साथ नगर के मुख्य स्थानों का भ्रमण किया, रैली के माध्यम से अभिभावकों को अपने 06 से 14 वर्ष के बच्चों का सरकारी स्कूलों में निःशुल्क नामांकन कराने हेतु प्रेरित किया गया, रैली में उपस्थित बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों ने विद्यालयों में मिलने वाले निःशुल्क यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और मिड-डे मील जैसी योजनाओं की जानकारी दी, अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और क्षेत्र में 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।

श्री सिंह ने कहा कि आज शिक्षा का बदला स्वरूप दिख रहा है, विगत् 09 सालों में बदलते समय के साथ डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा मिला है, पी.एम.श्री, कस्तूरबा गॉधी आवासीय विद्यालयों का उच्चीकृत किया गया है, स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधायें उपलब्ध करायी गयीं, ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत प्राइमरी स्कूलों में मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी, आज प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण में भी सुधार हुआ है, प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को उच्च क्वालिटी का मध्यान्ह भोजन के साथ ही अभिभावकों को अपनी मर्जी से कॉपी-किताबें, ड्रेस-जूता-मोज क्रय करने हेतु धनराशि उपलब्ध करायी जा रही हैं। उन्होने कहा कि सपने दिखाने की जिम्मेदारी अध्यापक की होती है, बच्चों को क्या सपने देखना है, यह तभी तय होगा जब आप इन्हें बताआगे कि आप क्या-क्या कर सकते हो, आप बच्चों के अंदर सपनों का बीज रोपेंगे तो इन्हीं में से तमाम बच्चे उच्च पदों पर आसीन होंगे, किस बच्चे में क्या गुण है, यह पहचानना भी आपकी जिम्मेदारी है, हर व्यक्ति अच्छा कर सकता है हर व्यक्ति की प्रतिभा अलग-अलग होती है, इनकी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ इन्हें संस्कारवान बनाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को निभानी है। उन्होने कहा कि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय से अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से संवाद कर नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने छात्र-छात्राओं से कहा कि बाहर के खाने से बचें, अच्छा खाने से हमारा मन-मस्तिष्क स्वस्थ्य रहता है, अच्छा खाने से हमारी सोच बदलती है, अच्छा खान-पान आगे बढ़ने में हमारी सहायता करता है। उन्होंने कहा कि आज कल के बच्चे काफी जिद्दी होते हैं लेकिन जिद हमें अच्छी चीजों की पालनी चाहिए, किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत बहुत ही आवश्यक है, बिना मेहनत के कोई भी मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होने कहा कि सभी बच्चे अनुशासित रहें, अपने शिक्षकों का कहना मानें, दिये गये होमवर्क को समय से करें, अनुशासन और अभ्यास से आप सब अपना आत्म विश्वास बढ़ा सकते है, सारी चीजें अनुशासन और अभ्यास से सीखने पर मिलती हैं। उन्हांेंनंे कहा कि आप सबके सामने आगे बढ़ने के लिए काफी अवसर हैं, छोटी-छोटी नौकरियों पर ध्यान न देकर आप सब अपने पंख फैलायें और जिस क्षेत्र में आप जाना चाहते हैं उसके लिए आप बचपन से ही एक रोल मॉडल बनाकर मेहनत करें।

रैली में कम्पोजिट विद्यालय आवास विकास, नगला कीरत, चौथियाना, संसारपुर, गोलाबाजार, रमैयारहार, अहमलपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय सेवारामपुर, प्राथमिक विद्यालय सेवारामपुर, नगला गुरूबक्श, कन्या प्राथमिक विद्यालय सेवारामपुर, यू.पी.एस. सेवारामपुर सहित अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोगों को बच्चांे ने स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी आर.सी. गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार, रवि प्रकाश, सुनील कुमार दुबे, जिला व्यायाम शिक्षक राकेश कुमार, जिला समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह, अभिजीत जायसवाल, राघवेंद्र द्विवेदी, शुभम भदौरिया, रविकांत, रणधीर बहादुर, जिला स्काउट मास्टर कृष्ण कुमार, महेश कुमार मिश्रा, प्रधानाध्यापक संसारपुर मीनाक्षी सत्यार्थी सहित बडी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं आदि उपस्थित रहे।

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