मैनपुरी: जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने दि. 01 अपै्रल से प्रारंभ हो रहे विशेष संचारी रोग नियत्रंण अभियान एवं दस्तक अभियान केे तहत अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक से अनुपस्थित जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशाषी अभियंता सिंचाई, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं एम.ओ.आई.सी. करहल का वेतन रोके जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें, आमजन को वेक्टर जनित बीमारियों से बचने हेतु जागरूक किया जाये, स्वास्थ्य, नगर निकाय, पंचायती राज विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें, नालियों-गलियों की नियमित रूप से सफाई कराई जाए, आशा, ए.एन.एम., आंगनवाड़ी कार्यकत्री संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र में लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करें। उन्होने कहा कि गर्मी के प्रभाव के दृष्टिगत मच्छरों का प्रकोप बढ़ने तथा वायरल एवं अन्य संक्रामक रोगों के मामलों में वृद्धि की संभावना है, फील्ड कर्मचारी एवं ग्राउंड वर्कर्स को उनके दायित्वों के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक किया जाए, जिससे आमजन तक संचारी रोगों से बचाव संबंधी जानकारी प्रभावी रूप से पहुंच सके, गत वर्षाे में जिन ग्रामों, क्षेत्रांे में डेंगू के मरीज पाए गए हैं, वहां बेहद सतर्कता बरती जाए, उन क्षेत्रों में विशेष फोकस कर साफ-सफाई के बेहतर प्रबंध किए जाएं, वहां के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव हेतु प्रेरित करें, शहरी क्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी नेतृत्व देकर साफ-सफाई के बेहतर प्रबंध करायें, नियमित रूप से एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जाए, जल-भराव वाले स्थानों पर जल निकासी के बेहतर प्रबंध किये जाएं।

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मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु सभी संबंधित अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य करें, तालाबों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाए, सम्बन्धित ग्राम प्रधान, सचिव, लेखपाल सहित अन्य संबंधित कर्मियों को जानकारी हो कि किस दिन उनके क्षेत्र में छिड़काव एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां होंगी। उन्होने कहा कि मॉनिटरिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रयोग किया जाये, एप के माध्यम से नियमित रूप से फील्ड गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित किया जाये तथा सभी सूचनाओं को समय पर अपडेट किया जायें, यदि किसी क्षेत्र में किसी विभाग की गतिविधियों में शिथिलता पाई जाती है, तो तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि सभी ब्लॉकों को अभियान के अंतर्गत पूर्ण रूप से कवर किया जाए, कोई भी क्षेत्र छूटने न पाए, विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाये। उन्होने कहा कि ग्रामों में नालियों की साफ-सफाई, झाड़ियों को कटवाना, उथले हैण्डपंम्पों को लाल रंग से चिन्हीकरण, इण्डिया मार्का-2 हैंड पम्प, प्लेट फार्म की मरम्मत, ग्रामीण क्षेत्रों में आवादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट तथा प्रदूषण मुक्त रखने, आवासीय क्षेत्रों के आस-पास छछून्दर, चूहों आदि को नियंत्रित करने, आबादी वाले क्षेत्र से सूकर बाडों को दूर करने, जानवरों के पालन स्थल को स्वच्छ रखने एवं सभी स्तरों पर विभिन्न विभागों से नियमित सम्पर्क एवं समन्वय स्थापित कर लोगों को जागरूक किया जाये।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता ने बताया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं बचाव हेतु इस वर्ष का प्रथम संचारी रोग नियन्त्रण अभियान दि. 01 अपै्रल से 30 अपै्रल तक एवं दस्तक अभियान 10 अपै्रल से 30 अपै्रल तक संचालित होगा, दस्तक अभियान, संचारी रोग नियंत्रण पखवाडा आयोजित किये जाने की योजना बनाई है। बैठक में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. धर्मेन्द्र, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डा. शशांक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, एस.एम.ओ. डॉ. बी.पी. सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. सोमदत्त, जिला स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, प्र. चिकित्साधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला मलेरिया अधिकारी हिलाल अहमद ने किया।

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