मैनपुरी: जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्यों के सन्दर्भ में जारी अधिसूचनाओं एवं निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त चार्ज अधिकारियों एवं गणना सेल के समस्त कर्मचारियों के 02 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि जनगणना देश की सबसे व्यापक एवं महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति का वैज्ञानिक आधार पर ऑकलन किया जाता है, देश में वर्ष 1872 से प्रत्येक 10 वर्ष में नियमित रूप से जनगणना आयोजित की जाती है और यह विश्व की सबसे विश्वसनीय सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है, जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है बल्कि यह आवासीय स्थिति, शिक्षा स्तर, आर्थिक गतिविधियों, भाषा-धर्म, प्रवासन तथा मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराती है, जो सरकार की विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनते हैं। उन्होने कहा कि जनगणना-2027 02 चरणों में संपन्न कराई जाएगी, प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना होगी, जिसमें प्रत्येक भवन, आवासीय इकाई एवं उपलब्ध सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा, इस चरण में घर-घर जाकर मकान की स्थिति, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, रसोई ईंधन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल, वाहन एवं अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी, यह चरण आगामी जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा। उन्होने बताया कि द्वितीय चरण में प्रत्येक परिवार के सदस्यों से संबंधित सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विवरण संकलित किए जाएंगे, जनगणना की संदर्भ तिथि 01 मार्च 2027 निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार सभी आंकड़े संकलित किए जाएंगे।

श्री सिंह ने स्व-गणना की सुविधा भी नागरिकों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके माध्यम से परिवार स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे इसके पश्चात प्रगणक द्वारा सत्यापन किया जाएगा, मकान सूचीकरण का फील्ड कार्य मई से जून-2026 के मध्य संचालित होगा जबकि जनसंख्या गणना फरवरी-2027 में संपन्न कराई जाएगी। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रशिक्षण, मानव संसाधन चयन एवं तकनीकी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। उन्होने कहा कि जनगणना कार्य में नियुक्त सभी कार्मिक लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं और नागरिकों द्वारा सही जानकारी उपलब्ध कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है, जनगणना के दौरान प्राप्त सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है, किसी भी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक या व्यक्तिगत उपयोग के लिए साझा नहीं की जाती ताकि नागरिकों की गोपनीयता सुरक्षित रहे।
जिला प्रभारी जनगणना निदेशालय शैलजा त्रिवेदी ने जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा प्रगणकों को जनगणना के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 की विशेषता इसके डिजिटल स्वरूप को बताया गया, इस बार अधिकांश कार्य मोबाइल ऐप एवं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संपन्न किए जाएंगे, डेटा संग्रहण के लिए विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की गई है जबकि सभी गतिविधियों की निगरानी सी.एम.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, मकान सूचीकरण ब्लॉक का निर्माण वेब मैप आधारित प्रणाली से किया जाएगा ताकि किसी भी क्षेत्र का कवरेज छूटने या दोहराव की संभावना समाप्त हो सके, डिजिटल तकनीक के उपयोग से कार्य की गति, पारदर्शिता एवं सटीकता में वृद्धि होगी, प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना की महत्ता, कार्यप्रणाली, समयबद्ध कार्यक्रम, डिजिटल प्रणाली तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियों, जनगणना अधिनियम-1948 के प्रावधानों, राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य, मंडल, जिला, तहसील एवं ग्राम स्तर तक अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, सुनिष्ठा सिंह, गोपाल शर्मा, प्रसून कश्यप, नीरज कुमार द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर धु्रव शुक्ला, शिवनरेश, केशव प्रसाद, अंजली सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सौरभ पाण्डेय, नाजिर रोहित दुबे के अलावा समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, राजस्व निरीक्षक रजिस्ट्रार कानूनगो, जन गणना सैल के कार्मिक आदि उपस्थित रहे।
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