मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने वर-वधु को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अनेकता में एकता का यह भव्य कार्यक्रम अपने आप में आपसी सौहार्द की मिसाल है। उन्होंने कहा कि इस अद्भुत दृश्य मंगलमयी वातावरण में हर व्यक्ति के चेहरे पर उमंग, प्रसन्नता दिख रही है। उन्होने कहा कि व्यक्तिगत क्षमता पर इतना बड़ा आयोजन आयोजित कराया जाना संभव नहीं है, वर-वधू पक्ष में आव-भगत की सारी तैयारियां उच्च कोटि की है, ऐसी तैयारी व्यक्तिगत क्षमता की बात नहीं। उन्होंने कहा कि वर-वधु पक्ष से जो लोग इस भव्य कार्यक्रम में आये है, उनके जीवन का यह सबसे महत्वपूर्ण, आनंदमयी क्षण है। उन्होने कहा कि जीवन के 16 संस्कारों में विवाह सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है और सबसे महत्वपूर्ण संस्कार, नव दम्पतियांे के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन को इतना यादगार बनाने का सबसे ज्यादा श्रेय प्रदेश सरकार को जाता है साथ ही इस भव्य आयोजन की व्यवस्थाआंे को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने का श्रेय मुख्य विकास अधिकारी व उनकी पूरी टीम को जाता है। उन्होने कहा कि यह योजना वर्ष 2017 में आरंभ हुई थी और तब से लगातार इससे लाभान्वित होने वाले जोड़ों की संख्या बढ़ती जा रही है, शुरूआती वर्षों में लोगों में कुछ हिचक अवश्य थी लेकिन योजना की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और लाभों को देखते हुए आज समाज का हर वर्ग इससे जुड़ने के लिए आगे आ रहा है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब सामाजिक और आर्थिक विभिन्नताओं के बावजूद समाज का हर परिवार सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में अपने बच्चों का विवाह कराएगा, ऐसे आयोजनों का सबसे बड़ा संदेश सामाजिक एकता, समरसता और मिल-जुल कर उत्सव मनाने की परंपरा को मजबूत करना है।

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श्री सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का सबसे अनूठा पहलू यह था कि हिंदू एवं मुस्लिम दोनों समुदायों के विवाह एक ही परिसर में, समान गरिमा, समान व्यवस्था और समान सम्मान के साथ संपन्न हो रहे हैं, यह दृश्य जनपद की सामाजिक सद्भावना और गंगा-जमुनी संस्कृति को बखूबी परिलक्षित करता है, पवित्र और मंगलमय वातावरण में ऐसा लगता है कि आज स्वर्गलोक से देवता भी इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे और वह किसी न किसी रूप में यहां उपस्थित होकर वर-वधु को आशीर्वाद दे रहे होंगे। उन्होंने नव-दंपतियों का आव्हान करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना को अपने मानस पटल पर हमेशा रखें। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुस्लिम रीति-रिवाज से एवं दूसरी तरफ हिंदू रीति-रिवाज से वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं, यह अद्भुत नजारा है।

जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने नव-दंपतियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल विवाह संस्कार का उत्सव है बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश भी देता है, यह पुण्य कार्य देश के प्रधानमंत्री, उ.प्र. के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है, पहले जब गरीबों के घर में बेटी पैदा होती थी तो उनके घर में उदासी का माहौल होता था लेकिन आज गरीब के घर पर बेटी पैदा होने पर जश्न का माहौल होता है, बेटी के पैदा होने से लेकर विवाह तक की सभी जिम्मेदारियां केंद्र-प्रदेश सरकार ने अपने कंधों पर ली है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल और केवल बालिकाओं के उत्थान, संरक्षण के लिए संचालित है।

पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने अपने संबोधन में कहा कि पुत्र-पुत्री पक्ष के लिए विवाह के अलग-अलग मायने होते है,ं वैवाहिक कार्यक्रमों में धनराशि व्यय होती है, गरीब परिवारों के सामने यह बड़ी समस्या थी लेकिन आज एक ही छत के नीचे सरकारी धनराशि से जिला प्रशासन के तत्वाधान मंे हिंदू-मुस्लिम रीति-रिवाज से वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न हो रहे हैं, खुशनामा माहौल में गरीब बेटियों की शादी पूरी भव्यता के साथ हो रही है।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि बड़े हर्ष का विषय है कि इस बार योजना की धनराशि को रू. 51 हजार से बढ़कर रू. 01 लाख कर दिया गया है, अब रू. 60 हजार वधु के खाते में, रू. 25 हजार का सामान वर-वधु को उपहार स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें गद्दे, तकिया, कुकर, ट्रॉली बैग, चांदी की पायल, बर्तन आदि सामान सम्मिलित है, रू. 15 हजार विवाह आयोजन पर व्यय होगा। उन्होने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग उत्साहित हैं और इस भव्य समारोह के साक्षी बन रहे हैं, इस आयोजन में जिन दम्पत्तियों की शादी हुई है, जीवन भर यह आयोजन याद रहेगा।

पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान ने वैवाहिक कार्यक्रम के शुभ अवसर पर कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व की सरकारों ने गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए मात्र रू. 10 हजार का प्राविधान किया था, योगी आदित्यनाथ ने बागडोर संभालते ही तत्काल इस राशि को बढ़ाकर रू. 51 हजार करने का कार्य किया, आज धनराशि बढ़कर रू. 01 लाख हो गई है, इस योजना में बजट की कोई कमी नहीं है, आज केंद्र-प्रदेश सरकार की संचालित योजना का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक के हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने नव दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2014 के उपरांत देश में केवल जनसेवा का माहौल पैदा हुआ, वर्ष 2017 में जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने सत्ता की बागडोर संभाली तब से उन्होंने गरीब परिवार की सामाजिक पीड़ा को समझते हुये यह अनोखी योजना प्रारंभ की, अब किसी भी पिता को अपनी बेटी के हाथ पीले करने में अपनी जमीन गिरवीं नहीं रखनी पड़ेगी और नाहीं किसी से उसे ब्याज पर पैसा न लेना पड़ेगा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सभी समाज की गरीब बेटियों की शादी भव्य समारोह में हो रही है, बालिका को नकद धनराशि के साथ-साथ गृहस्थ जीवन हेतु सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा बिना किसी भेद-भाव के प्रत्येक योजना का लाभ पात्र महिलाओं-बालिकाओं को मिल रहा है, आज प्रदेश की बेटियों के चेहरे पर खुशी झलक रही है।

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष संगीता गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह भदोरिया, अनुजेश प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख कुरावली शैलेंद्र यादव, जिला महामंत्री महिला मोर्चा अमृता चौहान, सीमा चौहान, डॉ. विमल पांडेय सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, उप जिलाधिकारी कुरावली नीरज कुमार द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक सत्येंद्र कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शोकत अली, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरुण कुमार शुक्ला, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविंद्र गौर, बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा आदि उपस्थित रहे।