वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कुं. आर.सी. महिला महाविद्यालय में एन एस एस की संयुक्त इकाई द्वारा संगोष्ठी एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी महत्व से अवगत कराना था। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत की अस्मिता, एकता और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को इस गीत की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अलका पाठक ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की भारतीय राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में भूमिका पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बना और इसने जनता के मन में देशप्रेम की भावना को प्रज्वलित किया।

एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनामिका सिंह तथा श्रीमती जया सिंह के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के संकल्प के साथ हुआ।