मैनपुरी(सुवि)महिलाओं-बालिकाओं के स्वावलंबन, सुरक्षा, सम्मान हेतु संचालित मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आज कलेक्ट्रेट सभागार में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार महिलाओं-बालिकाओं की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए कृत-संकल्पित है, इसके लिए विभिन्न स्तर पर महिलाओं को अपनी बात आसानी से बताने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराये गये है, प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क की स्थापना कर वहां महिला पुलिस कर्मियों की ही तैनाती की गई है ताकि किसी भी पीड़ित महिला-बालिका को अपनी बात रखने में संकोच न हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं-बालिकाओं के स्वावलंबन, आत्मनिर्भर हेतु भी कई योजनाएं संचालित है, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक के लिए सरकार ने तमाम योजनाएं संचालित की है, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित समूहों से जुड़कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है, जनपद में तमाम महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी होंगी तो घरेलू हिंसा के प्रकरणों में स्वतः ही कमी आएगी, लोगों की मानसिकता, सोच में भी बदलाव आएगा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं-बालिकाओं का आह्वान करते हुए कहा कि निंदा से बचें, अच्छे लोगों की प्रशंसा करने की आदत डालें, आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की कोशिश करें।
जन-सुनवाई के दौरान जब मु. अग्रवाल नि. करिश्मा ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि पति शिवम शराब पीने के आदी है,ं पति और उसके परिजनों द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है, उसके पास 01 वर्ष का बेटा भी है, जिस पर उन्होंने मौके पर उपस्थित पति शिवम से वार्ता करने पर पाया कि पत्नी के परिजनों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई, वह दिल्ली में मेहनत-मजदूरी करता है, पत्नी भी उसके संग दिल्ली में ही रह रही थी, लेकिन ससुराल में आने पर बिना बताए अक्सर अपने मायके चली जाती है, जिसका विरोध सास के द्वारा किया गया तो उसने झूठे आरोप लगाये, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाआ को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही समझौता कराकर पति-पत्नी को बुके देकर खुशी-खुशी रवाना किया। जन सुनवाई के दौरान पूनम ने पति द्वारा बिना जानकारी के दूसरी शादी करने, रूबी ने पति द्वारा मारपीट करने, शिवा कुमारी ने सास-ससुर द्वारा परेशान किये जाने, सुनीता गुप्ता ने बहु द्वारा परेशान किये जाने, साद्वी दुबे ने ससुर, जेठ द्वारा परेशान किये जाने, बविता, पूनम ने पति द्वारा मारपीट किये जाने, कल्पना ने घरेलू रूप से प्रताड़ित किये जाने, रोशनी कुमारी ने दहेज के रूप में अतिरिक्त धनराशि की मांग ससुरालीजनो द्वारा किये जाने की शिकायत की, जिस पर उन्होने मौके पर उपस्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लें, महिलाओं को पीड़ित करने वाले लोगों को परिवार परामर्श केन्द्र पर बुलाकर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर यथा संभव शिकायतों का निराकरण करायें यदि पीड़ित करने वाले व्यक्ति न मानें तो उनके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्रभावी कार्यवाही की जाये।
महिला जन-सुनवाई के उपरांत जिलाधिकारी से संवाद के दौरान डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की उपस्थित छात्रा माही गुप्ता, अपेक्षा दीक्षित, मारिया हुसैन, चारु कुमारी ने संचालित योजना कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी की, जिलाधिकारी ने सादगी के साथ छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि केन्द्र-प्रदेश सरकार ने देश की आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलाम्बन हेतु मिशन शक्ति फेज-5.0 संचालित की है, पूर्व में संचालित मिशन शक्ति फेज-1.0, 2.0, 3.0, 4.0 सफलता के पश्चात ही यह फेज प्रारंभ किया गया है, इस फेज की सफलता भी आप सबके ऊपर है।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं-बालिकाओं का आव्हान करते हुये कहा कि महिलाओं-बालिकाओं के सशक्तीकरण, स्वावलाम्बन हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी कर अपने आस-पास की पात्र महिलाओं को योजना का लाभ उपलब्ध कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि विगत् कुछ वर्षों में महिलाओं की स्वावलंबन, सुरक्षा, सम्मान की दिशा में तेजी से बदलाव हुआ है, आज की बालिका-महिला अपने हक की बात बेझिझक हर प्लेटफार्म पर रखने के लिए सशक्त हो चुकी है, अपनी बात के साथ-साथ उन महिलाओं को जागरूक करेें, जो योजनाओं की जानकारी के आभाव के कारण योजना का लाभ पाने से वंचित है यदि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत, शिक्षित होंगी, तो समाज में फैली कुरीतियां स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। उन्होंने महिलाओं, छात्राओं से कहा कि अपने हक और दूसरे के हक के लिए आवाज उठाएं, जरूरतमंदों का हाथ पकड़ें और एक संवेदनशील तथा सशक्त समाज बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने सशक्तिकरण की मूल भावना पर बल देते हुए कहा कि सशक्त महिला वह है जो अपनी आवाज़ के साथ-साथ दूसरों की आवाज़ भी बन सके, वास्तविक सशक्तिकरण का मतलब अपने हक की बात करना और साथ ही उस महिला, जरूरतमंद व्यक्ति की आवाज उठाना जिसका हमारी व्यक्तिगत जिंदगी से कोई सीधा लाभ या संबंध नहीं है, यही सच्चा सामाजिक परिवर्तन है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा माही गुप्ता ने साइबर क्राइम, प्रियदर्शनी ने महिला अपराधों को रोकने के लिए संचालित योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किये वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुषमा, प्राइवेट शिक्षिका दीपा सिंसौदिया ने कार्यक्रम के माध्यम से अपनी सफलता की कहानी अपनी जुबानी बयां की, अनन्ता अभियान के दौरान सफलता की प्रेरक कहानियों में प्रथम स्थान पाने वाली दीपा सिंसौदिया, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली सुषमा एवं तृतीय स्थान पर रहीं अर्चना शाक्य को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, वन स्टॉप सेंटर से स्वाति चौहान, कामिनी यादव आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने किया।



