
पी.एल. सिंगरोली
आतंकी कैंप, कालाधन, बेनामी संपत्ति के बाद अभी भी अनेक क्षेत्र शेष हैं जिन पर सर्जिकल स्ट्राईक किया जाना बाकी है। भारत की देश विदेश में छवि बदली है इसमें संदेह नहीं परंतु अभी भी सभी कार्य पूरे नहीं हुए हैं बहुत बाकी हैं जिन पर सर्जिकल स्ट्राईक अनिवार्य है।
प्रथम भारत के साथ आतंकवाद विश्व में भी पनप रहा है। क्यों नहीं इस दिशा में भारत को विश्व का मार्गदर्शन करना चाहिए। स्वयं ही एक नया अभियान शुरू कर संचालन हाथ में लेना चाहिए। इसकी शुरुआत भारत में आतंकवाद की कमर तोड़ कर की जा सकती है। भारत के विश्व गुरु एवं पथ प्रदर्शक बनने की दिशा में यह पहला कदम होगा। भारत को अविलंब इस दिशा में कदम बढ़ा देनी चाहिए। विश्व का मुकुट बनने का सुनहरा अवसर भारत के समक्ष है।
द्वितीय क्रम पर है विश्व स्तर पर भारत की वैदिक संस्कृति शिक्षा का दमखम के साथ उपस्थिति दर्ज कराना। इसके लाभ सुगमता सरलता एवं इसके सर्वोत्तम परिणाम से विश्व को अवगत कराना। हमें दूसरों की शिक्षा का अध्ययन करना चाहिए परंतु हमें अपनी शिक्षा को, ज्ञान को, वैदिक विद्या को विलुप्त नहीं होने देना चाहिए। हमें विश्व को अपनी वैदिक शिक्षा से अवगत कराने का समय आ गया है। इसी से हम विश्व गुरु बनने में सफल होंगे। उपरोक्त दोनों विषय विश्व समुदाय से संबंध है।
आदतन अपराधी देश में एक गंभीर समस्या है। देश में पुलिस ने अपराध पकडऩे की एक नई राह खोज ली है। वह यह है कि चोरी हुई तो पुराने चोरों को पकड़ लो, लूट तस्करी डकैती फिरौती अपहरण आदि गंभीर मामलों में पुलिस का काम यही तक रहता है। ऐसे में नए अपराधी कठिनता से पुलिस के हत्थे लगते हैं। अब समय आ गया है कि देश में अविलंब कानून में संशोधन हो। ऐसे गंभीर अपराधों में सख्त सजा बढ़ाना अनिवार्य है। हत्या, ड्रग्स तस्करी, डकैती, बलात्कार आदि में सरलतम रुप से मृत्यु दंड दिया जा सके, ऐसे प्रावधान करने चाहिए। गंभीर अपराधियों से छुटकारा पाने का मृत्यु दंड ही एक उपाय है। जेल में रहकर मुफ्त की सुख सुविधा का लाभ उठाएं और जेल से बाहर निकलें तो लूट कर खाएं। हमारा कानून किस प्रकार का है। देश-समाज अपराधियों को क्षमा करें जबकि उनके पास पर्याप्त समानता के अवसर सुधरने की होते हैं।
देश के छोटे-छोटे मुकदमे एक अभियान चलाकर 6 माह में समाप्त कर दिया जाना चाहिए। इनमें अपील के नाम पर व्यर्थ समय नहीं गंवाना चाहिए। अपीलीय अधिकार सीमित होने चाहिए कोई भी प्रकरण एक निश्चित सीमा में तय होना चाहिए। यह न्यायालय की जवाबदेही होनी चाहिए। साथ ही व्यर्थ के प्रकरण जनहित याचिकाओं पर नियंत्रण होना चाहिए। जनहित याचिकाओं की एक निश्चित संख्या होनी चाहिए इससे अधिक मजिस्ट्रेट स्वीकार ना करें। प्रत्येक न्यायालय के अधिकार सीमित होने चाहिए। न्यायालय पर लगे गंभीर आरोपों की समीक्षा होनी चाहिए। कोई भी संस्था देश से ऊपर नहीं हो सकती।
नई कृषि नीति की अविलंब घोषणा होनी चाहिए। खाद बीज दवा और मंडियों में लुटने वाले किसानों को सरकार को बचाने हेतु सर्जिकल स्ट्राइक करनी ही पड़ेगी। तभी किसान की आत्महत्याएं रुकेंगी। साथ ही उनका शोषण करने वाले कड़े दंड पा सकेंगे। अन्यथा सरकारें आती-जाती रहेंगी किसान फटेहाल होकर आत्महत्या कर देश को कलंकित करते रहेंगे। उत्पादन ना होने पर महंगाई और अधिक उत्पादन होने पर सड़कों पर फैंकना यह कौन सी नीति है। हमारी सारी नीतियों में बदलाव आवश्यक है। किसानों को प्रतिवर्ष लाखों-करोड़ों का नुकसान हो रहा है। आजादी से अभी तक किसान का कितना नुकसान हो गया है यदि ध्यान दिया गया होता तो आज हर किसान करोड़पति होता। सरकार की नीतियों ने उसे आत्महत्या की कगार पर पहुंचा दिया। अंग्रेज और हम में क्या अंतर रह गया। किसान आज भी उसी स्थिति में है।
देश के लुटेरों के खिलाफ स्ट्राइक: आज भी कुछ नेता और अफसरों उद्योगपतियों का गठजोड़ देश की संपत्ति को हड़पने में लगा है। उनके खिलाफ भी इस सर्जिकल स्ट्राईक होना शेष है। जिन लोगों को जेलों में होना चाहिए वह आजादी मना रहे है देश में ऐसे हजारों मामले है जिनमें सरकारी भूमि हड़पना, बैंकों का धन हड़पना, फर्जी भुगतान, केवल कागजों पर ही योजनाएं बनाकर पैसा लूटना। सरकार की कृषि नीति विद्वेषपूर्ण है। क्योंकि किसान से ज्यादा तो कृषि का व्यापार करने वाले मजे में है। किसान को भी आजादी का हक है उसे इसके परिणाम प्रत्यक्ष मिलने चाहिए।
देश में कश्मीर, बंगाल, असम जैसे राज्यों में सेना पुलिस एवं सभी सशस्त्र बल को पूर्ण अधिकार दिए जाने चाहिए। जिससे समाज शांति महसूस कर देश की समृद्धि में योगदान दे सकें। पानी सिर से ऊपर नहीं जाना चाहिए बस बहुत हो गया। अब कोई राजनीति नहीं अब कोई बहस नहीं अब कोई सफाई नहीं केवल और केवल शांति और परिणाम चाहिए। यही देश हित में होगा। देश में हर क्षेत्र में स्वच्छता, पारदर्शिता समानता होनी चाहिए राजनीति को इससे अछूता नहीं रहना चाहिए। फिर क्यों राजनीति की गंदगी को साफ करने हेतु सर्जिकल स्ट्राईक्स नहीं हो। देश में दागी बाहुबली गुंडों की राजनीति में प्रवेश बंद होना चाहिए। तभी देश समाज में समानता से लागू हो सकेगा। समाज समस्त प्रकार के अपराधियों से मुक्ति चाहता है फिर वह राजनीतिक हो सामाजिक आर्थिक देशद्रोही कोई भी से। उनके लिए क्षमा दान का प्रश्न ही नहीं उठना चाहिए। क्षमा कब तक, किसके लिए। जानते हुए अपराध करने वालों के लिए कैसी क्षमा। इस पर हमें गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा। (विनायक फीचर्स)



