मैनपुरी(सुवि) अयुक्त आगरा मंडल आगरा शैलेंद्र कुमार सिंह ने समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश /2047 अभियान के अन्तर्गत छात्रों, शिक्षाविदों, शिक्षकों, उद्यमियों, व्यवसायियों, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों, स्वयं सेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, बुद्धजीवियों से संवाद करते हुए कहा कि वरिष्ठ सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों के सानिध्य में आप सबसे राय ली जायेगी, चर्चा-परिचर्चा की जायेगी कि आप 2047 में कैसा उत्तर प्रदेश चाहते हैं और उसके लिए क्या करना चाहिए, इस पर चर्चा होगी साथ ही आमजन को जानकारी दी जायेगी कि विगत् 08 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के किन आयामों को छुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रदेश है, इसलिए बेहद आवश्यक है कि जब देश 2047 में आजादी का स्वर्णिम वर्ष मना रहा हो तब हमारा प्रदेश पूरी तरह विकसित हो, यह बेहद जरूरी है। उन्होने कहा कि विगत 08 वर्षों में मा. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर क्षेत्र में प्रदेश ने काफी तरक्की की है, उद्योग, महिला सुरक्षा, शिक्षा सुधार, कृषि क्षेत्र में बेहतरीन कार्य हुए हैं, भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य हुआ, जिसका बदलाव आज प्रदेश में दिख रहा है, आज पी.डी.एस. सिस्टम में काफी बदलाव हुआ है, प्रत्येक राशन कार्ड धारक को ई-पॉस मशीन के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है, बालिकाओं, महिलाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के क्षेत्र में भी काफी काम हुआ है, आज कानून व्यवस्था का राज है, आज प्रत्येक व्यक्ति अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहा है, प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिला है, उद्योगपतियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराकर उद्योगों की स्थापना कराई गई, उद्योगों की स्थापना से जहां एक ओर प्रदेश में राजस्व में बढ़ोत्तरी हो रही है वहीं शिक्षित युवाओं को रोजगार के संसाधन मुहैया कराये जा रहे हैं।

मंडलायुक्त ने कहा कि हमारे देश में सबसे ज्यादा आबादी युवाओं की है, आबादी के लगभग 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं और इस आयुवर्ग के लोगों में ऊर्जा अधिक होती है और इसी ऊर्जा को सकारात्मक रूप में प्रयोग करने के लिए युवाओं को प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करने से रोजगार उपलब्ध नहीं होगा, बेरोजगारी का बहुत बड़ा कारण युवाओं में हुनर की कमी है, डिग्री के साथ हुनर भी हासिल करें, अपने अंदर की क्षमता को पहचानें, आज तमाम क्षेत्रों में कैरियर बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होने कहा कि हमारे देश के युवाओं में टेलेन्ट, क्षमता की कमी नहीं है, कोरोना के बाद हमारे देश में वर्क-फ्रॉम-होम का चलन बढ़ा है, हमारे युवा घर बैठे अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि समर्थ-विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को पूरा करने के लिए 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा, बेटा-बेटी के बीच के भेद-भाव को खत्म करना होगा।

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि उ.प्र. आज पूरी तरह से समर्थ बन चुका है, उसे विकसित प्रदेश बनाने के लिए कैसे ले आगे ले जाया जाए, इस हेतु शासन स्तर से आप सबके अमूल्य विचार मांगे गए हैं, आप सब अभियान के दौरान अधिक से अधिक संख्या में उपलब्ध कराये गये क्यू.आर. कोड, वेबसाइट पर प्रदेश को सबसे विकसित प्रदेश बनाने में अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि उठो-जागो और श्रेष्ठ व्यक्तियों के सानिध्य में रहकर शिक्षा प्राप्त करो। उन्होंने कहा कि आज हम सबके सामने ऐसा ही अवसर आया है, जब हमारे सामने मंडलायुक्त के साथ 04 सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी, जिन्होंने अपने जीवन का लंबा समय समाज, देश, प्रदेश को आगे ले जाने में व्यतीत किया है, उनके सानिध्य में आपसेे संवाद कर उनकी राय ली जा रही है। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि शासन द्वारा क्यू.आर. कोड दिया गया है, उसे स्कैन कर अपने विचार अवश्य रखें, आपके विचार उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए काफी सहायक सिद्ध होंगे।

श्री सिंह ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर तेजी से बदली है, बालिका, महिला सुरक्षा के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है, शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश काफी खुशहाल था, यही वजह थी कि तमाम विदेशी आक्रांताओं ने यहां की संपदा को लूटने के लिए आक्रमण किया, विश्व की सबसे बेहतरीन प्राकृतिक संपदा हमारे देश में उपलब्ध है, यहां की भूमि कृषि के लिए सर्वोत्तम है, कृषि प्रधान देश से ही भारत की पहचान विश्व गुरू के रूप में थी। उन्होने कहा कि सिर्फ कृषि पर आत्मनिर्भर रहने से काम नहीं चलेगा, कृषि के साथ उत्पादन, उद्योग बढ़ावा देकर विकास के नये आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होने कहा कि पिछले 08 वर्षों में जनपद में काफी विकास हुआ, विकास के क्षेत्र में नये-नये कीर्तिमान स्थापित हुये है। उन्होने कहा कि बदलते परिवेश में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की आवश्यकता है, आज उद्योगों की स्थापना के लिए बैंकर्स उद्यमियों के द्वार जाकर ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उद्यमियों ने बैंकर्स का विश्वास जीता है। उन्होने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, जो परिवार के साथ-साथ समाज, प्रदेश, देश के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

सेवानिवृत्त आई.पी.एस. राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि जब हम अपनी आजादी का स्वर्णिम वर्षगांठ मना रहे होंगे, उस समय विकसित देश के रूप में हम लोग खड़े होंगे, जिसका सपना हमारे प्रधानमंत्री ने देखा है और उनके सपने को साकार करने में हम सबको अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि आप सब समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में क्य.आर. कोड के माध्यम से अपने विचार अवश्य प्रस्तुत करें ताकि आपके सार्थक विचारों के साथ प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़कर नये आयाम स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र-प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए तमाम योजनाएं संचालित है, महिलाओं, बालिकाओं को अपनी बात कहने में कहीं समस्या न हो इसके लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क की स्थापना की गई है, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090, 112 जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई गई, उपरोक्त नंबर पर शिकायत करने पर तत्काल महिलाओं की मदद उपलब्ध कराई जा रही है, महिला उत्पीड़न के प्रकरण में त्वरित, प्रभावी कार्यवाही हो रही है।

दयालबाग के सेवानिवृत्त प्रो. डा. अजय कुमार सक्सैना ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाने के सपने को साकार करने में उ.प्र. को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नौकरी के पीछे न दौड़ें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें, नयी शिक्षा नीति लागू होने के फलस्वरूप छात्रों को तमाम सुविधाएं प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि उ.प्र. को विकसित बनाने में क्यू.आर. कोड के माध्यम से अपने विचार अवश्य प्रकट करें।

वरिष्ठ वैज्ञानिक चन्द्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय डा. विजय कुमार कनौजिया ने कहा कि समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 में सभी लोग अपना योगदान दें। उन्होंने कहा की जनसंख्या के हिसाब से आज हमारा देश विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। आजादी के समय हमारे देश की आबादी 40 करोड़ के आसपास थी, वर्तमान में देश की जनसंख्या लगभग 01 अरब 50 करोड़ है, आजादी के बाद से आवादी में लगभग 04 गुना वृद्धि हुयी, आजादी के समय देश में खाद्यान्न का संकट था, आज हमारा देश खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी हम मजबूती से खड़े हैं, पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की खराब गुणवत्ता, अंधाधुंध जल दोहन के कारण पीने के पानी की गंभीर समस्या अधिकांश क्षेत्रों में बनी हुई है, हमें अपने संसाधनों को बचाना होगा, हम सबको इस ओर सोचना होगा। सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता लोक निर्माण आर.बी.के. राकेश ने कहा कि गांव में तेजी से पलायन बढ़ा है, गांव से पलायन को रोकना होगा, लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतरीन संसाधनों की उपयोगिता केंद्र-प्रदेश सरकार ने उपलब्ध कराई है, हमें ऐसा माहौल विकसित करना होगा, जिससे लोगों का ग्रामीण क्षेत्र से पलायन रुके, सेवानिवृत्त के उपरांत अपने गांव में जाकर बसने के लिए भी नौकरपेशा को प्रेरित करना होगा।

प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, उपायुक्त एनआरएलएम, उद्योग ने विभाग की संचालित योजनाओं की जानकारी दी, छात्रा काजल परमार, छात्र आर्यन देव, कुशाग्र शर्मा, उद्यमी घनश्यामदास गुप्ता, लक्ष्मी नारायण तापड़िया, रामनाथ वर्मा, समूह की महिलाओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, परियोजना निदेशक डीआरडीए सत्येन्द्र कुमार, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरूण, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह चौहान, जिला अग्रणी प्रबन्धक रामचन्द्र साहा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय डा. एस.पी. सिंह, प्राचार्य कुं. आर.सी. महाविद्यालय डा. शैफाली यादव, डॉ. अलका पाठक सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, उद्यमी, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, श्रम संगठन के पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, प्रबुद्धजन आदि उपस्थित रहे।