मैनपुरी(सुवि)एस.आर.जी., ए.आर.पी. बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुधारने की दिशा में कार्य करें, ए.आर.पी., खंड शिक्षाधिकारी, जिला समन्वयक निर्धारित मानक के अनुसार विद्यालयों का निरीक्षण करें, ए.आर.पी. प्रतिदिन कम से कम 02 विद्यालयों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें, जिला स्तरीय अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्कूलों का भी प्रत्येक दशा में निरीक्षण करें, निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में जो भी कमियां मिलें उन्हें छिपाया न जाए बल्कि उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं, लक्षित बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा मिले, स्कूल चलो अभियान के दौरान कोई भी लक्षित बच्चा विद्यालय में पंजीकरण से शेष न रहे, विद्यालय में पंजीकृत सभी बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आयें, जो छात्र नियमित रूप से स्कूल से अनुपस्थित रहें, ए.आर.पी., शिक्षक उनके अभिभावकों से सम्पर्क स्थापित कर बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें, खंड शिक्षाधिकारी प्रतिमाह एस.आर.जी., ए.आर.पी. के कार्यों की समीक्षा करें, जिन ए.आर.पी. द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है या विद्यालय में शैक्षिक वातावरण सुधार की दिशा में कार्य नहीं किया जा रहा है उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, मिड-डे-मिल टास्क फोर्स की मासिक समीक्षा के दौरान देते हुये शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुधार की दिशा में कार्य करें, ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत उपलब्ध मूल-भूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया जाये, बेसिक शिक्षा के विद्यालयो में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बच्चों में छिपी प्रतिभा को सही दिशा देकर निखारने की आवश्यकता है। उन्होने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रत्येक विकास खंड से कक्षा-08 के 05-05 छात्रांे का चयन कर जिला स्तर पर प्राइवेट विद्यालयों के कक्षा-08 के छात्रों के मध्य अगली समीक्षा बैठक से पूर्व कम्पटीशन कराया जाये, विजेताओं को पुरूस्कृत भी किया जाये। उन्होने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि पेयरिंग 206 विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों से निरतंर संवाद कायम रख बच्चों को सबद्ध समीपवर्ती विद्यालयों में भेजने के लिए प्रेरित करें।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में संचालित 1909 विद्यालयों में 01 लाख 15 हजार 338 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष 88 हजार 650 छात्रों के खातों में आर.टी.जी.एस. के माध्यम से ड्रेस आदि की धनराशि भेजी जा चुकी है, 16 हजार 750 छात्रों के अभिभावकों के आधार अपडेट न होने एवं 12 हजार 697 पंजीकृत छात्रों के जन्म प्रमाण पत्र न होने के कारण योजना में लाभान्वित नहीं कराया गया है, जिसमें सर्वाधिक 2192 छात्र कुरावली में, 1415 छात्र बेवर में एवं 1289 छात्र जागीर में है, जिनके जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, जिस पर उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खंड विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर औपचारिकताएं पूर्ण कराकर अवशेष छात्रों के तत्काल जन्म प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें।
श्री सिंह ने ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा के दौरान खंड शिक्षाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद के कुछ विद्यालय 19 पैरामीटर्स से असंतृप्त हैं, जिन्हें तत्काल संतृप्त किया जाये, खंड विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय प्राथमिकता पर अवशेष विद्यालयों में दिव्यांग शौचालयों का निर्माण कराना सुनिश्चित करंे। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों, जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन को आदेशित करते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में मीनू के अनुसार छात्रों को उत्तम क्वालिटी का मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाए, तेल-मसाले की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, रसोईयों के मानदेय के भुगतान में विलम्ब न हो, सुनिश्चित किया जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी डा. अवधेश सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश कुमार बघेल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, जिला युवा कल्याण अधिकारी विकास यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता सहित समस्त खंड शिक्षाधिकारी, जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे।



