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मैनपुरी(सूवि)मा. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने स्कूल चलो अभियान शुभारम्भ कार्यक्रम के वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में कहा कि जनप्रतिनिधि न केवल अभियान से जुड़ेे, बल्कि विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि एक-एक स्कूल गोद लेकर देखरेख करें, समस्त अधिकारी भी 01-01 विद्यालय गोद लेकर समग्र विकास पर ध्यान दें ताकि बेसिक शिक्षा की स्थिति सुधरे यदि बेसिक शिक्षा प्रणाली बेहतर होगी तो आगे की शिक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी। उन्होंने कहा वर्ष 2017 से पूर्व परिषदीय स्कूल बदहाल थे, पढने-लिखने का माहौल ठीक नहीं था, मिशन कायाकल्प के तहत स्कूलों की तस्वीर बदली, स्कूल में व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ हमें छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर भी ध्यान दिया। उन्होने कहा कि विद्यालयों में पंजीकरण शत-प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं, इसके लिए अभिवाकों को प्रेरित करें, शिक्षक घर-घर जाकर अभिवाकों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करें, कोई बच्चा विद्यालय न आये तो उसका कारण जाने, निरतंर अभिभावकों के साथ विद्यालय समय के उपरांत या अवकाश के दिन संवाद करें, कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे, गांव में रहने वाले लोगों के अलावा कामगारों के बच्चों को भी अभियान से जोड़ते हुए स्कूल भिजवाने का संकल्प लें। उन्होने कहा कि शिक्षा से ही जीवन में सकारात्मक बदलाव सम्भव है, इसलिए प्रत्येक बच्चे का शिक्षित होना बेहद जरूरी है, यदि समाज का प्रत्येक बच्चे शिक्षित होगा तो समाज के साथ-साथ प्रदेश, देश का सर्वागींण विकास होगा।
अध्यक्ष जिला पंचायत अर्चना भदौरिया ने कहा कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के उपरान्त सभी बच्चो को अनिवार्य रूप से विद्यालय में पंजीकरण कराकर शिक्षा दिलाना शिक्षा विभाग के साथ-साथ सभी का दायित्व है, स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत 06 से 14 आयु वर्ष के सभी बच्चो ंका अनिवार्य रूप से विद्यालय में पंजीकरण कराना होगा, इस कार्य में सबसे अह्म भूमिका शिक्षा विभाग को निभानी है, ग्राम प्रधान, सभासद, अन्य विभागों के ग्रामस्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों को भी अपना सक्रिय सहयोग देना होगा। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ किताबें, बैग, जूते-मोजे, 02 जोड़ी ड्रेस, स्वेटर आदि भी निःशुल्क मुहैया करा रही है, ताकि प्रत्येक बच्चा शिक्षा प्राप्त कर सके, परिषदीय विद्यालयों में बेहतर क्वालिटी का मध्यान्ह भोजन भी बच्चों को प्रदान किया जा रहा है, सप्ताह में 02 दिन फल व एक दिन दूध की व्यवस्था, परिषदीय विद्यालयों में उच्च शिक्षित व प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षिक, शिक्षिकाएं, सुन्दर, सुरक्षित परिवेश तथा विद्यालय में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, मल्टीपल हैण्डवास, छात्र-छात्राओं हेतु प्रथक-प्रथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल-कूद की सामग्री, पुस्तकालय की व्यवस्था की व्यवस्था की गयी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा कि 30 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षक, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, जन-प्रतिनिधि, जनपदवासी अपना सहयोग दें, घर-घर सर्वे का कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए, अभियान के दौरान कोई भी बच्चा विद्यालय में पंजीकरण होने से शेष न रहे, ग्राम प्रधान, सभासद घर-घर सर्वे अभियान के दौरान नेतृत्व देकर बच्चों का विद्यालय में पंजीकरण कराने एवं उन्हें विद्यालय भेजने में अपना सहयोग दें, घर-घर सर्वे के दौरान ही बाल गणना पुस्तिका के अपडेशन का कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में उच्च कोटि के बेहतर शिक्षा प्राप्त शिक्षक मौजूद हैं, सभी शिक्षक हायर लेवल की प्रतियोगिता परीक्षा को पास कर सेवा में आए हैं, सभी के पास शिक्षा का भरपूर अनुभव है। उन्होंने इस दौरान उपस्थित शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब अपने अनुभव, अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रयोग बच्चों के भविष्य निर्माण में करें, उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान कर जीवन में सही मार्ग प्रशस्त करने में अपना योगदान दें ताकि संपूर्ण जीवन आप द्वारा प्रदान किया गई शिक्षा का फायदा छात्र को मिले और वह हमेशा आपको याद रखे।
जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के दौरान जनपद के समस्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने और प्रतिदिन स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दें। उन्होने शिक्षकों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों, वार्ड मेम्बर का आव्हान करते हुये कहा कि इस अभियान में घर-घर जाकर दस्तक दें और पूंछे कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो स्कूल जाने से वंचित रह गया हो, उस बच्चे को स्कूल ले जाना, स्कूल में उसका रजिस्ट्रेशन कराना, उसे यूनिफॉर्म, किताबें, बैग आदि सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होने कहा कि 2017 से पहले स्कूल आने वालों से ज्यादा संख्या स्कूल छोड़ने वालों की थी, अब स्कूल चलो अभियान से स्थिति में काफी सुधार है, 2017 में परिषदीय स्कूलों में तेजी से नामांकन बढ़ा है, विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में वृद्धि हुयी है, शिक्षकों की समय से विद्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होने कहा कि हम दो वर्ष बाद इस स्कूल चलो अभियान से जुड़ रहे हैं, इस अभियान को सबके सहयोग से सफल बनाना है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, पर्यटन मंत्री के प्रतिनिधि शिवदत्त भदौरिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह, जिला गाइड कैप्टन पूनम गुप्ता, खंड शिक्षाधिकारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन राकेश कुमार ने किया।