मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान प्रशंसा व्यक्त कतरे हुये कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों के कुशल पर्यवेक्षण, कार्यशैली के फलस्वरूप जनपद को माह अपै्रल में विकास कार्यक्रमों में प्रदेश में 11वीं रैंक प्राप्त हुयी है, सभी अधिकारी, कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होने संतोष व्यक्त करते हुये कहा कि विगत् कई माह से स्वच्छ भारत मिशन, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामाजिक वनीकरण, ऑपरेशन कायाकल्प, पी.एम. पोषण, अंडा उत्पादन, निराश्रित गौवंश संरक्षण, पशु टीकाकरण, निराश्रित गौवंश की सुपुर्दगी, मत्स्य उत्पादन, निराश्रित महिला पेंशन, आधार सीडिंग, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सड़कों का अनुरक्षण, एक जनपद-एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धावस्था पेंशन आदि योजनाआंे मंे जनपद ए-प्लस कैटेगरी मंे है।
श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि कृत्रिम गर्भाधान योजना में 10 में से मात्र 02 अंक, सेतुओं के निर्माण में शून्य अंक प्राप्त कर जनपद ई-श्रेणी में, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, नई सड़कों के निर्माण में डी-श्रेणी में, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, फैमिली आई.डी., निपुण परीक्षा ऑकलन, मध्यान्ह भोजन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में सी-कैटेगरी एवं जल जीवन मिशन हर घर नल के माध्यम से स्वच्छ जल आपूर्ति, 15-वें वित ग्राम पंचायत निधि में बी-श्रेणी होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि निर्धारित लक्ष्य एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता के कारण जनपद प्रदेश मंे टॉप-05 में शामिल नहीं हो सका, संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान दें और इस माह में निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करें, जो परियोजनाएं ई., डी., सी., बी. कैटेगरी में चल रही हैं, उन्हें ए-श्रेणी में लाने के भरसक प्रयास करें ताकि जनपद विकास कार्यक्रमों की रैंक में टॉप-05 में हो। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पी.एम. सूर्य घर के वार्षिक लक्ष्य 15 हजार के सापेक्ष मात्र 566 की पूर्ति पर परियोजना निदेशक नेडा को निर्देशित करते हुए कहा कि वेंडर के साथ नियमित रूप से बैठक कर प्रगति सुधारें, योजना में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिले सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि फैमिली आई.डी. की प्रगति सुधारने की दिशा में कार्य करें, फैमिली आई.डी. में भी जनपद की प्रगति निराशाजनक है, प्रदेश में जनपद 44वंे स्थान पर है। उन्होने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति बेहद निराशाजनक है, 23833 लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 9643 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया है, इस योजना में प्रदेश में जनपद की 69वीं रैंक है, जो बेहद खराब है। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस माह के अंत तक योजना की प्रगति सुधार कर ए-कैटिगरी में लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन योजनाआंे के कारण प्रगति खराब हुई है, संबंधित अधिकारी इस माह के अंतिम सप्ताह में विशेष सतर्कता बरतें, ऐसी कोई सूचना अपलोड न करें जिससे रैंक में गिरावट हो, सभी अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर अगले माह में जनपद को टॉप-05 में लाने के प्रयास करें।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों, अभियंताओं से कहा कि जनपद में जो भी परियोजनाएं निर्माणाधीन है, उनको निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा कर संबंधित विभाग को हैंडोवर करें यदि कोई परियोजना निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं हुई तो संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी तय कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि जनपद में नई सड़कों के निर्माण की प्रगति बेहद निराशाजनक है, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, आर.ई.डी. तत्काल नई सड़कों के निर्माण का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय मल्ल, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पांडेय, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. मदनलाल, डॉ. शशांक, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, जिला आबकारी अधिकारी दिनेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरुण कुमार शुक्ला ने किया।



