कुँ. आर. सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में ऑपरेशन जागृति फेज 4 के तहत महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर विभिन्न कार्यक्रम क्रियान्वित किए जा रहे हैं। एन एस एस तथा एससीसी की इकाइयों द्वारा आज इसी कड़ी में नशा उन्मूलन जैसी गंभीर समस्या पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। आरम्भ में महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉक्टर सुशीला त्यागी जी ने कहा कि आज का युवा इस गंभीर समस्या की गिरफ्त में पूरी तरह जकड़ा हुआ है जिसका परिणाम है समाज में तमाम तरीके के दुराचरण और स्वेच्छाचार हमारी सभ्यता और संस्कृति को प्रभावित कर रहे हैं। हम सभी को इस बात के लिए संकल्पबद्ध होना चाहिए कि हम अपने परिवार और समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर शेफाली यादव जी ने बताया कि आज आधुनिक समय में नशे के शौक की गिरफ्त में न सिर्फ युवा बल्कि महिलाएं भी शामिल हैं जिसके परिणाम स्वरूप वह तमाम तरह की मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं की चपेट में आ रही हैं। चाहे सिगरेट पीना हो, शराब का सेवन हो या फिर ड्रग्स की आदत महिलाओं एवं बच्चियों के लिए भी यह आम बात होती जा रही है जो निःसंदेह सामाजिक रूप से एक बड़ा खतरा है। हमें इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। तत्पश्चात् अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए सहायक आचार्य जया सिंह ने बताया नशा करने वाला व्यक्ति न सिर्फ अपने परिवार के लिए समस्या होता है बल्कि वह समाज के लिए भी एक खतरे की तरह है। नशा किसी भी तरह का हो उसकी शुरुआत शौक से होती है, लेकिन अंजाम प्रायः खतरनाक ही होता है। महिलाओं और बच्चियों का आधुनिक दिखने की होड़ में इस ओर आकृष्ट होना बेहद चिंताजनक है। युवाओं को चाहिए कि वे खेल, शिक्षा और सकारात्मक सोच की ओर बढ़ें, न कि नशे की ओर। अतः हम सभी को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने पास पड़ोस के लोगों को इसके उन्मूलन हेतु जागरूक करना चाहिए। सभी छात्राओं ने मनोयोग के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इसकी जागरूकता हेतु संकल्प किया। उक्त कार्यक्रम में डॉ. मधु गुप्ता, डॉ. कीर्ति जैन, डॉ.अनीता सिंह, डॉ.कुसुम यादव, डॉ. विभा जैन तथा अन्य शिक्षक – शिक्षिकाओं के साथ समस्त छात्राएं एवं शिक्षणेत्तर स्टाफ भी मौजूद रहे।