मैनपुरी(सुवि) मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने जिला पोषण समिति की समीक्षा के दौरान विकास खंड किशनी से गत माह एक भी बच्चा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती न कराये जाने, विकास खंड जागीर, बेवर से मात्र 01-01 बच्चे को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराये जाने पर प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी किशनी, जागीर, बेवर को हिदायत देते हुए कहा कि चिन्हित सैम-मैम बच्चों की सेहत सुधारने की दिशा में कार्य करें, जनपद में 957 सैम एवं 5417 मैम बच्चे चिन्हित हैं, जिसमें सर्वाधिक 186 सैम बच्चे मैनपुरी शहर, 139 बच्चे विकास खंड किशनी, 133 बच्चे विकास खंड बेवर, 125 बच्चे मैनपुरी देहात में, 887 मैम बच्चे मैनपुरी देहात में, 844 बच्चे विकास खंड बेवर मंे, 676 बच्चे विकास खंड किशनी में, 663 बच्चे विकास खंड सुल्तानगंज में चिन्हित है, विकास खंड किशनी में 139 बच्चे मैम श्रेणी में चिन्हित होने के बावजूद एक भी बच्चे को एनआरसी में भर्ती न कराना घोर लापरवाही है। उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियांे से कहा कि सैम बच्चों के अभिभावकों को बताएं कि एनआरसी में सैम बच्चों को भर्ती कराने से उनकी सेहत में सुधार होगा साथ ही निःशुल्क भोजन के साथ रू. 50 प्रतिदिन के हिसाब से भी मिलेगा।
सी.डी.ओ. ने बाल विकास परियोजना अधिकारियांे से कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गृह भ्रमण करें तथा इसे पोषण ट्रैकर ऐप में अपलोड करना सुनिश्चित करें, बच्चों के वजन मापन में गत माह 98.53 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई, जिस पर उन्होंने आदेशित करते हुए कहा कि प्रत्येक लक्षित बच्चों का वजन किया जाए, कोई बच्चा वजन करने से न छूटे, सुनिश्चित किया जाए, वजन लिए बच्चों का वजन सही-सही फीड कराया जाए। उन्होने जानकारी करने पर पाया कि जनपद में 192835 बच्चों का आधार सत्यापन का कार्य हो चुका है, द्वितीय चरण के अंतर्गत 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को कायाकल्प के द्वारा लर्निंग लैब के रूप में बनाया जाना था, जिसमें से प्रथम चरण में 09 केद्रों पर कार्य पूर्ण हो चुका है तथा द्वितीय चरण में 75 केन्द्रों मे से 72 पर कार्य पूर्ण हो चुका है, जनपद अभी 600 ऑगनबाड़ी केन्द्रों इन्फ्राकिट उपलब्ध नहीं है, जिस पर उन्होने खंड विकास अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों में उपलब्ध अन्टाइड फंड की धनराशि से आंगनबाड़ी केन्द्रांे के बच्चांे हेतु इन्फ्राकिट के साथ साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की जाये।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।



