
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्त्वाधान में महिला अपराध एवम् विधिक जागरूकता को लेकर कुंवर आर.सी. महिला महाविद्यालय,मैनपुरी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्रम में महिला जागरूकता पर जोर, शोषण के खिलाफ उठाने की अपील
तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री कमल सिंह(अपर जनपद न्यायाधीश पॉक्सोएक्ट) जी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल उद्देश्य किसी के अधिकारों का उल्लंघन,शोषण, बाढ़,आपदा आदि से पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करवाना है। साथ ही उन्होंने घर में हो रहे शोषण के प्रति अपनी आवाज़ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की बात की।
अपर सिविल जज श्री मोनू जी ने कहा कि अपराधों के प्रति जागरूकता ही महिलाओं का सबसे बड़ा शस्त्र है। उन्होंने भ्रूण परीक्षण निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपर सिविल जज सुश्री अपर्णा सिंह जी ने एनसीडब्ल्यू,यौन उत्पीड़न निवारण समिति (POSH), लैंगिग उत्पीड़न,धारा 354 और 354D के कड़े प्रावधानों और नियमों के बारे में विस्तार से बताया।
अपर सिविल जज श्री अखिल चौधरी जी ने कहा कि घरेलू हिंसा सिर्फ़ पति पत्नी का झगड़ा नहीं बल्कि घरेलू संबंध में जो भी व्यक्ति हैं चाहे कोई छोटी बच्ची हो या महिला सबके साथ हो सकता है। इसे हमें बारीकी से समझने की जरूरत है।
स्थाई लोक अदालत की सदस्या श्रीमती एकता मिश्रा जी ने छात्राओं को बताया कि आपके साथ घर या बाहर जो भी शोषण हो रहा है उसे खुलकर बताएं।
बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा जी ने बताया कि महिलाओं पर हो रहे अपराध को रोकने के लिए निम्न हेल्पलाइन नंबर 1090,112,1076 पर वे अपनी शिकायत निःसंकोच दर्ज करा सकती हैं।
महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ.सुशीला त्यागी जी ने कहा
कि बालिकाओं के खिलाफ हो रहे यौन अपराधों की रोकथाम के लिए पितृसत्तात्मक सोच और लैंगिक भेदभाव जैसी धारणाओं को बदलना ज़रूरी है।
“महिला सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम: समानता और सम्मान की बात”
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.शेफाली यादव जी ने कहा है कि पुरुषों को महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता का दृष्टिकोण अपनाना होगा। जहां महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें और अपने सपनों को साकार कर सकें। इस अवसर पर प्रियांशी चौहान, काजल परमार आदि छात्राओं ने महिला अपराध और सुरक्षा से संबंधित अपने विचार रखे।
इस कार्यक्रम का संचालन डॉ.जया सिंह ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं व छात्राएं उपस्थित रहीं।




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