मैनपुरी 06 जुलाई, 2023-जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने विकासखंड करहल के ग्राम सुखचेनपुर कुर्रा जरावन के गाटा संख्या-8284 रकबा 10 बीघा में खंड विकास अधिकारी करहल द्वारा मनरेगा, राज्य वित्त आयोग, केन्द्रीय वित्त कन्वर्जेंस से विकसित पुरुषोत्तम पीपल वाटिका में अपने कर-कमलों से पीपल का वृक्ष रोपित करते हुए कहा कि इस वाटिका को विकसित करने में खंड विकास अधिकारी करहल व उनकी टीम ने लगन, मेहनत के साथ कार्य किया है, इस सराहनीय कार्य के लिए खंड विकास अधिकारी करहल को विशेष प्रशस्ति पत्र मिलेगा। उन्होने कहा कि पीपल का वृक्ष मानव जीवन के लिए वरदान है, यह वृक्ष 24 घंटे जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करने का कार्य करता है, पीपल वाटिका में विगत 10 दिन में 1600 पौधे रोपित किए गए हैं, जिसमें 864 पौधे पीपल, अशोक, बरगद के 100-100, अर्जुन के 150, ककरौंदा के 250, नींबू के 200 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि रोपित किए गए पौधों में से 80 प्रतिशत पौधे वृक्ष के रूप में विकसित हो गए तो क्षेत्र के पर्यावरण में काफी सुधार होगा, यहां के लोगों को शुद्ध आॅक्सीजन, स्वस्थ्य वातावरण मिलेगा, यह पीपल वाटिका आगे आने वाली पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत सभी लोग कम से कम 01-01 पौधा अवश्य लगाएं और उसकी कम से कम 01 वर्ष तक सही ढंग से देखभाल करें ताकि वह विकसित होकर आपको, आपके परिवार के साथ-साथ ग्रामवासियों के लिए लाभप्रद हो।
श्री सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूह की महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि अपने-अपने समूह की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए समूह गतिविधियों पर अधिक ध्यान दें, आपका समूह किस विधा से जुड़ा है, उसका प्रशिक्षण लेकर उत्तम क्वालिटी के उत्पाद बनायें, आपके उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। उन्होंने संवाद के दौरान पाया कि गांव में 42 समूह गठित है लेकिन अधिकांश समूह सही ढंग से क्रियाशील नहीं है, समूह की महिलाओं को बी.एम.एम. द्वारा न तो प्रशिक्षण दिया जा रहा है और नाही उनका कोई सहयोग किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने बी.एम.एम. को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए उपायुक्त एन.आर.एल.एम. से कहा कि जनपद में गठित समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की दिशा में विभाग के अधिकारी, कर्मचारी कार्य करें, संचालित समूह सही ढंग से क्रियाशील रहें, किसी भी समूह को अपने उत्पाद बेचने, बैंक से ऋण प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो, सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने गांव में संचालित निराश्रित गौ-आश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुए खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान को आदेशित करते हुए कहा कि गौशाला में संरक्षित गौवंशों की बेहतर देखभाल की जाए, संरक्षित गौवंश को समय से भूसा-चारा खिलाया जाए, गौशाला से सबद्ध चरागाह की भूमि में हरा चारे की बुवाई करायी जाये, प्रतिदिन संरक्षित पशुओं को हरा चारा खिलाया जाए, पशु चिकित्साधिकारी प्रतिदिन गौशाला का भ्रमण कर संरक्षित पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करें, जानकारी करने पर पाया कि गौशाला में 286 गोवंश संरक्षित है, जिसमें 138 मादा एवं 148 नर गौवंश उपलब्ध है, मादा गौवंश में 06 दुधारू गाय हैं, सभी संरक्षित पशुओं की ईयर टैगिंग हो चुकी है, संरक्षित नर गोवंशों का शत-प्रतिशत बधियाकरण किया जा चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने भी पीपल वाटिका में पीपल का वृक्ष रोपित करते हुए कहा कि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, घटते भूमि जल स्तर के लिए अधिक से अधिक वृक्ष रोपित किया जाना समय की मांग है, सभी लोग पर्यावरण प्रदूषण को कम करने, भूमि को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें, जिसके पास जहां भी भूमि उपलब्ध हो, अभियान के दौरान वृक्ष अवश्य लगाएं। उन्होने कहा कि वृक्ष वातावरण में फैली कार्बन डाइ-ऑक्साइड को वृक्ष जीवनदायिनी ऑक्सीजन में बदल कर हमें पूरी जिन्दगी आॅक्सीजन प्रदान करने का काम करते हैं, वृक्षों की पत्तियों, छाल, जड़ें हमें विभिन्न प्रकार की औषधियां प्रदान करती है साथ ही वृक्ष हमें छाया प्रदान करते हैं इनके छाया में पशु-पक्षी ही नहीं बल्कि मनुष्य को भी सुकून मिलता है।
इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर, करहल, किशनी नवोदिता शर्मा, गोपाल शर्मा, आर.एन. वर्मा, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, खंड विकास अधिकारी करहल, किशनी रुकमणी देवी, महेश त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी नवनीत, पशु चिकित्साधिकारी डा. अखिल अग्रवाल, ग्राम प्रधान नीरज कुमार, ए.पी.ओ. अजय पाण्डेय, अनिल कुमार सक्सैना, ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।