मैनपुरी(सूवि)पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भारत विभाजन विभीषिका के अवसर पर छोटा क्रिश्चियन मैदान से नगर पालिका परिषद शहीद पार्क तक आयोजित मौन जुलूस मे प्रतिभाग किया, मौन जुलूस शहीद पार्क पर समाप्त होने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता, नफरत और हिंसा की वजह से लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा और तमाम लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी, उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद करने के लिए आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में पलायन की दर्दनाक कहानी है, विभाजन के दौरान लाखों लोग अजनबियों के बीच एकदम विपरीत वातावरण में नया आशियाना तलाश रहे थे, विश्वास और धार्मिक आधार पर एक हिंसक विभाजन की कहानी होने के अतिरिक्त यह इस बात की भी कहानी है कि कैसे एक जीवन शैली तथा वर्षों पुराने सह-अस्तित्व का युग अचानक और नाटकीय रूप से समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन का निर्णय एक पूर्व शर्त की तरह था, सामान्य तौर पर इस योजना का व्यापक विरोध हुआ और विशेष रूप से इस विचार का कि भारत जैसे देश का विभाजन धार्मिक आधार पर किया जाना चाहिए, ऐसा कहा जाता है कि इस विभाजन के लिए वही नेता मानसिक रूप से तैयार थे, जिन्हें इस विभाजन में अपना हित और उज्जवल भविष्य दिख रहा था।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि 1921 में महात्मा गांधी ने यंग इंडिया पत्रिका में एक भारतीय ध्वज की आवश्यकता के बारे में विस्तारपूर्वक लिखा, जिसमें केंद्र में चरखा या चरखे के साथ एक ध्वज का प्रस्ताव था, ध्वज में चरखे के अंकन का विचार लाला हंसराज द्वारा रखा गया था और गांधीजी ने पिंगली वेंकैया को लाल और हरे रंग की पृष्ठभूमि पर चरखे के साथ एक ध्वज डिजाइन करने के लिए नियुक्त किया हालांकि गांधीजी चाहते थे कि ध्वज को 1921 के कांग्रेस अधिवेशन में प्रस्तुत किया जाए लेकिन इसे समय पर तैयार नहीं किया जा सका, इस विलंब का सदुपयोग करते हुए इस ध्वज में सफेद रंग और जोड़ दिया गया।
नगर पालिका परिसर में भारत विभाजन विभीषिका पर आधारित सवाक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया साथ ही मौन जुलूस मार्ग पर एलईडी वैन के माध्यम से सजीव प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अध्यक्ष नगर पालिका मनोरमा देवी, जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, प्रान्तीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, नवोदिता शर्मा, सत्येन्द्र सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर विजय पाल सिंह, परियोजना निदेशक के.के. सिंह, आचार्य टीईपी सेंटर धीरेन्द्र यादव, कार्यक्रम संयोजक उत्तम गुप्ता, शिवओंकार नाथ पचौरी, प्रभात चतुर्वेदी, राहुल भारती, अमित गुप्ता, घनश्यामदास गुप्ता, धीरू राठौर, सतीश गुप्ता, मनोरमा सिंह, साधना तिवारी, मंजूषा चौहान, सौरभ चौहान, सौरभ दुबे, अभिमन्यु चौहान, प्रदीप चौहान राज, देवेश तिवारी, मनमोहन गुप्ता, नारम सिंह लोधी, दीपक चौहान, दीपक दास, गोविन्द गुप्ता, आदि उपस्थित रहे।