
मैनपुरी। होली, दीपावली, रक्षा बन्धन सहित चाहे कोई भी त्योहार हो गरीब व जरूरतमंदों का दुःख-दर्द दूर करने वाले कहीं न कहीं नजर आ ही आते हैं। इन्हीं में से एक नाम आता है कुरावली रोड स्थिति डॉ0 किरन सौजिया सीनियर सेकेण्डरी एजूकेशनल एकेडमी के चैयरमैन डॉ0 अशोक यादव व उनकी धर्मपत्नी डॉ0 किरन सौजिया का। जो 20 वर्षो से उन जरूरतमंदों के घरों पर खुशियों की बरसात करते चले आ रहें हैं जो मेहनत-मजदूरी करके अपने उदर की पूर्ति करते हैं।
विदित हो कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत हर घर तिरंगा को लेकर जिले भर में राष्ट्रप्रेम जगाने के लिए तिरंगा जागरूकता रैलियाँ निकाली जा रही हैं। रैलियों के माध्यम से जिले के लोगों को जागरूक करने के साथ ही हर घर तिरंगा लगाने की अपील भी की जा रही है और जगह-जगह लोगों को तिरंगे की अहमियत बताई जा रही है। इसी को मद्देनजर डॉ0 अशोक कुमार ने शहर के बाद गाँवों की तरफ रूख किया और गाँव-गाँव जाकर प्रत्येक ग्रामीण को तिरंगा रैली से जुड़ने का आव्हान किया।
कार्यक्रम में मौजा भांती के युवक/युवतियों व किसानों ने तिरंगा रैली में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। जिसमें उन्होने कदम से कदम निकाली गयी रैली में विभिन्न प्रकार के देशभक्ति से ओत-प्रेात कई नारे भी लगाये। वहीं देखने में आया कि ग्रामीण महिलाओं ने जिस तरह से उक्त तिरंगा रैली में अपनी सहभागिता दिखाई वह देखते ही बन रही थी।
तिरंगा रैली के बाद डॉ0 यादव ने रक्षा बंधन पर्व पर करीब 200 से 250 गरीब, लाचार व शोषित प्रत्येक परिवार को तीन-तीन किलो चीनी वितरित कर उनके दर्द को कुछ हद तक कम किया।
इस अवसर पर उन्होेने कहा कि आंतरिक शांति वह अवस्था है जो चिंता से मुक्त हो, जिसमें व्यक्ति मानसिक और भावनात्मक रूप से शांत हो, जहाँ नकारात्मक विचार, तनाव और परेशानी पैदा करने वाले कारक न हों। शांत होने का साधारण अर्थ है कि मन की वह अवस्था जहां केवल सकारात्मक विचार, विश्वास, आंतरिक मजबूती व खुशियों का प्रवाह हो और कठिन तथा पीड़ादायक स्थितियों में अपने ऊपर नियंत्रण किया जा सके, और ये तभी संभव है जब आप गरीब, असहाय व जरूरतमंदों की आत्मा से निकलने वाली करूण पुकार को सुनकर उनके दुःख-दर्द के सहभागी बनेंगे।
इस मौके पर ग्राम सभा भाँती, तखरऊ के-जागेश्वर, राजू, विद्याराम, मोहर सिंह, सत्यवीर, रक्षपाल यादव, रामाधार, रनवीर सिंह, प्रहलाद सिंह, मुलायम सिंह, कारे, ताहर सिंह, सुभाष, सुरेश, सत्यपाल, वीरेन्द्र, जाहर सिंह, मनोज, हृदयराम, सत्यपाल, रविन्द्र, हाकिम सिंह, सुभाष, अंकुश, टीकाराम, हीरालाल, सुरेन्द्र, नीरज, देवगन, आनन्द, रविन्द्र, जयकिशोर, गीतम सिंह, वीरेन्द्र, राजू, किशन सिंह, संतोष, ग्रीश, सन्त कुमार, सर्वेश, गब्बर सिंह, सुखदेव। ओन्हाँ खेड़ा व बरेठा परिवार के- जयसीराम, पंकज, दीप सिंह, सोनवीर, बालिस्टर, कटोरी देवी, कप्तान, दौजीराम, मुकेश, सुरेन्द्र, सौमराज, नारायण, तोताराम, इन्साफी लाल, हरी राम, रघुनाथ, राजपाल, गोरेलाल, सनोज, मनोज, प्रदीप, रवि। खादर से – श्री खेतपाल सिंह, राकेश कुमार, कमलेश कुमार, गीतम सिंह, राजू। नगला गिरधर से – श्री अकबरदास बाबा जी, रामतेजदास जी, मल्ले, सूरज सिंह, तेजभान सिंह, लाखन सिंह, उदयराम, गोविन्द, माता, तुलसीराम। नगरिया से- रामेशचन्द्र, महेन्द्र सिंह, रामचरन, आकाश। तरा से – जगदीश कुमार, रामौतार, किशोरी लाल, रामविलन, ब्रजमोहन, महाराज सिंह, रमेश शर्मा, रामवीर, रामलडैते, सर्वेश, हरगोविन्द, रामलखन, प्रकाश, सुनील, बलवीर, जयवीर यादव, शिवराज सिंह, रविन्द्र सिंह, सतीश, वारेलाल, बलराम, राजवीर, अर्जुन सिंह, सत्यवीर, अतिवीर सिंह, अच्छे, अजय, रक्षपाल, बट्टेश्वरी, छोटी देवी, कमलेश, नेत्रपाल, वेद प्रकाश, धर्मेन्द्र, श्री कृष्ण शर्मा, बाल्मीक, सन्जू, हंसराज, रेनू, मान सिंह, रामशंकर टेलर, रामसरन शर्मा। कठेरिया परिवार से – रामदत्त, संजीव, नीतू, शिवदत्त, अवधविहारी, रमेश, जसराम, विजेन्द्र, दिवारीलाल, भूरेलाल, कितुका, बृजेश पांडे, वीरेन्द्र, छोटे, रामसिंह शाक्य, लाल सिंह, शम्भू, लल्लन, सूरजमुखी आदि सहित प्रत्येक परिवार को तीन किलो चीनी वितरित की। इस मौके पर कुछ गणमान्य नागरिको सहित आदिराम यादव, जगर सिंह यादव, सेठ शिवराज सिंह जी, जादौसिंह यादव दरोगा जी, शिवराम यादव उर्फ कक्कू, संदीप यादव, जयवीर सिंह, प्रधुम्मन, आदि लोगों की उपस्थित में चीनी का वितरण किया गया।



