
श्री सिंह ने कहा कि लोेगो को जल जमाव न होने देना, बासी भोजन न खाना और दूषित जल का सेवन न करना, व्यक्तिगत साफ-सफाई रख अपने गांव, मोहल्ले के वातावरण को स्वच्छ रखने, समुदाय को साफ-सफाई के लिये प्रेरित करना होगा, संचारी रोगों की रोकथाम हेतु हमें हर सम्भव प्रयास करने होगें, जिससे हमारे परिवार एवं समुदाय इन रोगों से मुक्त रहें। उन्होंने कहा कि संचारी रोग की रोकथाम हेतु गांव एवं शहर में रोस्टर के अनुसार फोगिंग, एन्टीलार्वा का छिडकाव किया जाय ताकि संचारी रोग के कीटाणु पनप न सकें, अभियान के दौरान लार्वारोधी गतिविधियों का नियमित संचालन हो, ग्रामों में नालियों की साफ-सफाइ, झाडियों का कटान, उथले हैडपम्पों को लाल रंग से चिन्हीकरण तथा इण्डिया मार्का हैडपम्प मरम्मत करायी जाये। आवासीय क्षेत्रों के आस-पास छछूंदर, चूहों आदि को नियत्रिंत करने हेतु उपाय, आबादी वाले क्षेत्र से सूकर बाड़ों को दूर करने, जानवरों के पालन स्थल को स्वच्छ रखने हेतु जागरूक किया जाये, ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट तथा प्रदूषण मुक्त करने हेतु कार्य किया जाये।
जन-जागरूकता रैली कलेक्ट्रेट से प्रारम्भ होकर स्टेशन रोड, भांवत चौराहा, करहल चौराहा, करहल रोड होते हुए बडा चौराहा, संता-बसंता चौराहा, तांगा स्टैण्ड होते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर समाप्त हुयी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पी.पी. सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक गणेश प्रसाद, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, डिप्टी कलेक्टर नरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव राय, डा. संजीव राव बहादुर, डा. अनिल वर्मा, डी.एम.सी. यूनीसेफ संजीव पाण्डेय, डा. अनिल यादव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविन्द्र सिंह गौर, सहायक मलेरिया अधिकारी डा. एस.एन.सिंह आदि उपस्थित रहे।



