मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु की बैठक में उपस्थित उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उद्योगों के संचालन में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान करेगा, किसी भी उद्यमी को अपने उद्योगों के संचालन में कोई असुविधा न हो, उद्यमियों की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ न करे, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जायेगी, विद्युत, लोक निर्माण, पुलिस बैंकर्स, राजस्व आदि सभी विभाग के अधिकारी उपलब्ध रहेंगे, उद्यमी अपनी शिकायत, समस्या अधिकारियों के संज्ञान में लायें, समस्या का सर्वोच्च प्राथमिकता पर निदान होगा। उन्होने विभाग की संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं अन्य रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए बैंकर्स से कहा विभिन्न योजनाओं में जो पत्रावलियां स्वीकृत हो चुकी हैं, उनमें ऋण वितरण में विलम्ब न करें। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है और इसे शीर्ष प्राथमिकता के साथ लागू किया जाना आवश्यक है।
श्री त्रिपाठी ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार स्वयं गारंटी प्रदान कर युवाओं को स्वःरोजगार के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध करा रही है, तब बैंकर्स द्वारा उदासीनता बरतना न केवल योजनाओं के उद्देश्य को प्रभावित करता है बल्कि युवाओं के उत्साह को भी कम करता है। उन्होंने बैंकर्स को आगाह करते हुए कहा कि इस प्रकार की लापरवाही भविष्य में स्वीकार नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर उच्च स्तर पर प्रतिकूल कार्यवाही के लिए संस्तुति की जाएगी। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इण्डिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, कैनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक में कई पत्रावलियां स्वीकृति के उपरांत वितरण हेतु लंबित हैं, जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं तो उन्हें लंबित रखना गंभीर लापरवाही है, पत्रावलियों की स्वीकृति के उपरांत के बाद ऋण वितरण में देरी का कोई औचित्य नहीं है यदि दस्तावेजों की कमी है तो संबंधित शाखा प्रबन्धक तत्काल लाभार्थियों से समन्वय स्थापित कर उसे पूरा कराएं, उपायुक्त उद्योग सीएम युवा फेलोज के माध्यम से दस्तावेजों को शीघ्र पूर्ण कराने में सहयोग करें, किसी भी शाखा में आवेदन स्वीकृति के उपरांत वितरण हेतु लंबित न रहे।
उन्होने अग्रणी जिला प्रबन्धक से कहा कि वह सभी बैंकों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि अगली बैठक में विशेष रूप से लंबित प्रकरणों की समीक्षा होगी, जिसमें लाभार्थियों और संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को आमने-सामने बिठाकर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा, इस व्यवस्था से स्पष्ट होगा कि देरी का वास्तविक कारण क्या है और मौके पर ही उसका निस्तारण कराया जा सकेगा। उन्होने बैंकर्स से स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहता है और अपेक्षा करता है कि बैंक भी जनहित के कार्यों में समान रूप से सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पत्राचार से अधिक प्रभावी है जमीनी स्तर पर कार्यवाही, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और बैंक समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं बल्कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना है, इसलिए प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे युवाओं का विश्वास बढ़े और जनपद विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र सिंह, बड़ी संख्या में व्यापार बंधु, उद्योग विभाग के अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



